00:05मुझे यहां से ले चलो मा मैं फस गई हूँ या बस तू मत फस ना वो आखरी शब्द थे
00:10जो भौपाल के एक आलेशान घर की बंदिवारों से चीक चीक कर बाहराने की कोशिश कर रहे थे
00:16लेकिन अफसोस इन चीकों को समाज के शोर ने धपा दिया मध्यपरदेश की राजधानी भौपाल के एक रिटायर जज़ की
00:22बहू तूशा शर्मा जिसके निधन ने पुरे देश को जगजोर कर रख दिया है लेकिन इस कहानी में विलन सिर्फ
00:28सस्रॉल वाले ही नहीं जिन पर
00:30प्रताड़ना का रोप लगा बलकि इस कहानी का सबसे बड़ा विलन वो समाज है जिसके डर से माबाप अपनी प्रताड़ित
00:36बेटी को वापस घर नहीं ले जा सके दरसल बीते 12 माई को जब तूशा का शरीर सरीय से लटका
00:42मिला तो हर कोई सन रह गया मामला हाई प्रोफाइ
00:58पर प्रताड़ना का रोप लगा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ आरोपियों की बेशर्मी देखिए कोट में अगरीम जमानत की अरजी
01:05लगाते हुए सास गिरिबाला सिंग ने दावा किया कि टूशा परिवार में एडजस्ट नहीं हो पा रही थी मनशीली प्रतार्थ
01:13लेती �
01:13यानि पहले एक बेटी की जान ली और अब उसके चरित्र पर कीचड उचाला जा रहा है शाफ सब्दों में
01:19कहूं तो टूशा की मौत में जितनी गलती जालिम ससुराल की है उतनी ही बड़ी गलती उसके मायके वालों की
01:26भी है हाँ ये कड़वा है लेकिन सच है जब टूशा
01:31के मुझे यहां से ले चलो जब अपने दोस्त से कह रही थі剛 की मैं मैं فर्फ कर रहे थे
01:38वैंडर पर दिन गडिर रहे थे या वा उस बात का इंतजार games थें तब हमास भघाएंगे III कंहारे समाज
01:47में माबाप अपने बेटियों को जीते जी उस नरक से बाहर
01:51नहीं निकालते जिसमें वो घुट रही होती हैं सिर्फ इसलिए कि लोग क्या कहेंगे सिर्फ इसलिए कि समाज में बदनामी
01:58हो जाएगी या सिर्फ इसलिए कि खांदान की नाक कर जाएगी मुझे एक बात समझाएगे जिस समाज करद से आपने
02:05बेटी को तड़पने के लिए
02:07चोड़ दिया क्या वो समाज आपकी बेटी को वापस ला सकता है जो समाज कल आपकी बेटी के तलाक लेने
02:12पर ताने मारता आज वही समाज उसके मौत पर तमाशा देख रहा है और चार दिन बार सब भूल जाएंगे
02:19क्या चार लोगों की जोटी बाते आपकी खुद की कोक से �
02:22जन्मी बेटी के जिन्दीकी से जादा केमती थी हर उस माता पिता से आज मैं हाथ जोड़कर अपील करना चाहती
02:29हूं जो ये वीडियो देख रहे हैं खुदा के लिए अपनी बेटी को एड़्जेस्ट करने का पार्ठ पढ़ाना बंद कर
02:35दीजिए अगर आपकी बेटी आक
02:50थामना उसकी अर्थी को कंधा देने से हजार गुना बहतर है समाच की बदनामी का दाग धूल सकता है सहाब
02:57लेकिन बेटी के मौत का पस्तावा ता उम्र आपकी रू को जलाता रहेगा अगर टुशा के माबाप ने भी समझ
03:04लिया होता कि उनकी बेटी बहुत तकलीफ में है
03:07वो वहाँ एड़्जस्ट नहीं कर पा रही है या वो अपने घर वापस लोटना चाहती है तो उनके माबाप को
03:12भी समाच को ना देखती हुए के कदम उठाना चाहिए कि वो अपने बेटी को सुने उसकी बात को समझे
03:19और उसे घर ले आते तो शायद ये हादसा नहीं होता �
03:23बैसे आपका इस पर क्या कहना है हमें कमेंट बॉक्स में सरुरू बता है फिलाल हमारे इस वीडियो में इतने
03:27ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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