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Fuel Crisis Alert: क्या भारत में आने वाला है तेल संकट? PM Modi की अपील के बाद राज्यों ने क्यों लिए कड़े फैसले? मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ऊर्जा संकट से बचाने के लिए एक बड़ा मिशन शुरू किया है.

About the Story:
Amidst rising tensions in the Middle East and surging global crude oil prices, PM Narendra Modi has appealed to citizens to save fuel.

#PMModi #FuelCrisis2026 #PetrolDieselPrice #YogiAdityanath #GlobalCrisis

~HT.410~PR.514~GR.510~ED.108~

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Transcript
00:00इसको बढ़ते तनाओं कच्चे तेल की कीमतों में उच्छाल और वैश्विक सप्लाई चेन पर मंढ़रा रहे खत्रे के बीच पुद्धानमंत्री
00:06नरेंद्र मोदी की एक अपील ने पूरे देश में नई बहस छेड़ दी है
00:10पुद्धानमंत्री ने देशवासियों से पिट्रॉल डीजल की बचत करने नीजी वाहनों का कम इस्तिमाल करने और इंधन संरक्षन को जन
00:17आंदोलन बनाने की अपील की
00:19लेकिन ये सिर्फ एक सामाने अपील नहीं रही इसका असर सीते सत्ता की गल्यारों से लेकर सड़कों तक दिखाई देने
00:25लगा है
00:25पुद्धानमंत्री खुद अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करते नजर आए
00:29कई केंद्रिय मंत्रियों ने भी सुरक्षा और प्रोटोकॉल के बीच संतुलन बनाते हुए अपने वहन घटा दिये
00:35वहीं उत्तरप्रदेश, उत्राखंड, ओडिशा, अंदरप्रदेश, पश्रिम बंगाल और मद्रप्रदेश समेत कई राजियों ने
00:41सरकारी स्तर पर बड़े फैसले लेने शुरू भी कर दिये हैं
00:44कहीं नो वेकल डेल आगू किया जा रहा है तो कहीं वर्क फ्रम होम को बढ़ावा दिया जा रहा है
00:48तो कहीं सरकारी काफिलों में 50 फीसिदी तक कटोती की जा रही है
00:52अब सवाल सिर्फ इंधन बचाने का नहीं रह गया है
00:55सवाल ये है कि क्या भारत आने वाले बड़े वैश्विक उठ्जा संकेट की तयारी कर रहा है
01:00क्या सरकारे समझ चुकी है कि तेल पर अत्यधिक निर्भरता भविश्य में देश की अर्थ वैवस्था पर भारी पड़ सकती
01:07है
01:07और आखिर पिये मोदी की इस अपील के बाद केंद्र और राजी सरकारों ने कौन-कौन से बड़े कदम उठाए
01:13है
01:13आज के इस एक्स्प्लेइनर में हम आपको पांच बड़े पॉइंट्स में पूरी कहानी समझाएंगे
01:17तमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
01:21जी है सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि आखिर धानमंति नरेंद्र मुदी ने अचानक पिट्रोल डीजल बचाने की अपील
01:27क्यों की
01:28इसकी सबसे बड़ी वज़े है मिडिलिस्ट में बढ़ता तनाव
01:31इरान, अमेरिका और पश्ची मेशिया के दूसरे देशों के बीच हालात लगतार तनावकुन बने हुए
01:37दुनिया के सबसे एहम तेल व्यपार मारगों में शामिल स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज को लेकर चिंता बढ़ी हुई है
01:43अगर इस शेतर में बड़ा सैनिस अंगर्श होता है तो दुनिया भर में कच्चे तील की सप्लाई प्रभावित होती है
01:49भारत अपनी जरूरत का लगभग बचासी पतिशत कच्चा तेल आयात करता है
01:53यानि अगर अंतराष्ट्रिय बाजार में तेल महंगा होता है तो उसका सीधा असर भारत की रत्ववस्था पर बढ़ता है
01:59पेट्रोल डीजल महंगा होता है, महंगाई बढ़ती है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाब आता है
02:05यही वजह है कि पेम मोदी ने लोगों से इंधन बचाने की अपील की
02:09उन्होंने कहा कि सारवजनिक परिवहन का इस्तिमाल बढ़ाया जा
02:12कारपूलिंग की जाए और अनावश्यक यात्राओं से बचा जाए
02:16सरकार का मकसद सिर्फ तेल बचाना नहीं बलकि विदेशी मुद्रा की भी बचत करना है
02:20क्योंकि अगर तेल आयात बिल बढ़ता है तो रुपय पर दबाब बढ़ सकता है
02:25दूसरा पॉइंट समझिये प्रिधान मंत्री और केंद्रिय मंत्रियों ने खुद क्या उदाहरन पेश किया
02:30क्योंकि जब से प्रिधान मंत्री ने अनाउंस्मेंट किया पूरा देश दो हिस्सों में बढ़ गया
02:34एक हिस्सा ये सवाल करने लगा कि प्रधान मंत्री ने हमारे लिए तो कह दिया लेकिन अपने मंत्रियों के लिए
02:39सरकार के लिए खुद के लिए क्या परिवर्तन किया है
02:42और दूसरा एक हिस्सा जो प्रिधान मंत्री के इंस्ट्रक्शन को follow करने पर विचार करने लगा
02:46तो आपको बता दे कि प्रिधान मंत्री की अपील का सबसे बड़ा असर उनके अपने वेभार में दिखाई दिया
02:51हाली में प्रिधान मंत्री नरेंदर मुदी के कई सारवजनी कारेक्रमों के दोरान उनका काफिला पहले की तुलना में काफी छोटा
02:57नजर आया
02:58सुरक्शा प्रोटोकोल बरकरा रखते हुए गाडियों की संख्या कम करती गई
03:01असर मेहिमन्ता विश्वस अर्मा के शपत ग्रहन समरो और गुजरात में सोनात अमरिक महद्सा के दोरान भी पी एम का
03:08काफिला सिमित वाहनों के साथ दिखाई दिया था
03:10इसके बाद केंद्रिया ग्रह मंत्री अमितिशा का वीडियो सामने आया जिसमें उनके काफिले में सिर्फ दो गाड़िया नजर आया
03:15केंद्रिया मंत्री एश्विनी वैशनो भी एक ही गाड़ी में सफर करते दिखी
03:19वहीं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने तो महराश्य दोरे पर बस से यात्रा करने का फैसला किये।
03:25उनके साथ सुरक्षा कर्मी स्टाफ और पत्रकार भी बस में ही दिखाई दिये।
03:33सरकार ये संदेश देने की कोशिश कर रही है कि इंधन बचत सिर्फ आम लोगों के लिए नहीं है ये
03:37सलाह बलकी सरकार खुद भी इसका बालंग कर रही है।
03:40अब तीसरा पॉइट समझे राज्यों ने क्या क्या बड़े पैसले लिए।
03:43प्रधान मंतरी के अपील के बाद कई राज्यों ने तुरंट कदम उठाने शुरू कर दिये।
03:47उत्तर प्रदेश के मुख्यमंतरी योगी अधित्यनाथ ने मंतरी और अधिकारियों के साथ बैठा कर सरकारी काफिलों में 50% तक
03:53कटोथी के निर्देश दिये।
03:55उन्होंने कंपनियों से भी वर्क फ्रम होम मॉडल अपनाने की अपील की।
03:59उत्राखन सरकार ने भी इससे भी बड़ा फैसला लिया।
04:01मुख्यमंतरी पुषकर सिंग धामी ने सब्ताह में एक दिन 9 वीकल्डे घोशित करने की बात कही।
04:06उस दिन सरकारी स्तर पर वर्क फ्रम होम को बढ़ावा दिया जाएगा।
04:09मंतरियों और अधिकारियों के काफिले को भी आधा करने का फैसला कर लिया गया।
04:13बोडिशा के मुख्यमंतरी मुहन चरण माजी ने भी अपने सुरक्षा काफिले में गाडियों की संख्या कम कर लिया।
04:43यानि पहली बार ऐसा दिख रहा है कि केंदर की अपील बड़ा अलग-अलग राजियों ने एक साथ उज्जा बचतभियान
04:48शुरू किया है।
04:49चोथा पॉइंट समझे हैं कि भारत बड़े उज्जा संकट की तयारी कर रहा है।
04:53अब सबसे बड़ा सवाल ही है कि क्या ये सिर्फ औस्थाई कदम है या भारत वास्तों में बड़े उज्जा संकट
04:58की तयारी कर रहा है।
05:00विशेशग्यों का मानना है कि सरकार आने वाले संभावित तेल संकट को लेकर पहले से सतर्क हो चुगी है।
05:06भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।
05:09अगर लंबे समय तक अंतराश्टिय बाजार में तेल महंगा रहता है तो भारत के अर्थववस्था पर भारी असर पढ़ सकता
05:15है।
05:15इसलिए सरकार वैकलपिक उज्जा सोर्स पर तेजी से काम कर रही है।
05:19हाल ही में केंद सरकार ने कोल गैसिफिकेशन परजेक्ट पर तीन लाग करोड रुपए खर्च करने का फैसला किया।
05:24इसका मकसद कोईले को गैस में बदल कर उज्जा उतपादन करना है ताकि तेल आयात पर निर्भरता कम की जा
05:30सके।
05:31इसके लाबा इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन हाइड्रोजन, एथनॉल ब्लेडिंग और सोलर एनरजी पर भी लगतार जोर दिया जा रहा है।
05:38सरकार ये समझ चुकी है, कि भविश्य में उज्जा सुरक्षा सर्फ आर्थिक नहीं बलकि रणने तेक मुद्दा भी बनने बाला
05:44है।
05:44पाचा पॉइंट समझे है, आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
05:48अब सबसे एहन सवाल तो यही है, कि आम लोगों को इससे क्या फर्क पड़ेगा, क्या असर पड़ेगा।
05:54फिलहाल सरकार ने पेट्रॉल डीजल की खरीद पर कोई प्रतिवंध नहीं लगाया है।
05:58लेकिन लगतार इंधन बचाने की अपील यह जरूर संके देती है, कि आने वाले समय में सरकार सकती बढ़ा सकती
06:04है।
06:05अगर वैश्विक संकट लंबा खिशता है, तो पेट्रॉल और डीजल की कीमतों में उच्छाल संभाव है।
06:11ऐसे में लोगों को सारवजनिक परिवहन, कार पुलिंग और सीमित वाहन उपयोग जैसी आदते अपना निपढ़ सकती है।
06:17वर्प्रम होम कल्चर भी फिर से बढ़ सकता है।
06:20सरकार की कोशिश ये भी है, कि लोग इंधन सरक्षन को लेकर सिर्फ मजबूरी नहीं बलकि राष्टे जिम्मदारी के तौर
06:26पड़ देखे।
06:27क्योंकि अगर तेल आयाद बल कम होता है, तो रुपए पर दबाब घटेगा।
06:31महेंगाई नियंतरित रहेगी और अर्थवयवस्था को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
06:36तो कोल मिलाकर ये कह सकते हैं कि प्रधान मंत्री नरेंद बूदी के इंधन बचाने के अपील अब सिर्फ एक
06:40बयार नहीं रहे गए।
06:41उसका असर सरकारों के नीतियों, मंत्रियों के काफिलों और प्रिशासनिक फैसलों में साफ दिखाई दिरने लगा है।
07:00लेकिन एक और बड़ा सवाल है कि क्या ये अभियान लंबे समय तक चल पाएगा। क्या लोग वास्तों में अपनी
07:06आदते बदलेंगे और कि भारत तेल पर निरभरता कम करने में सफल हो पाएगा।
07:11इन सवालों के जवाब तो आने वाले समय में मिलेंगे। फिलहाल ये है कि वैश्विक तनाव के बीच भारत में
07:16भी सतरक्ता की बहुत आवश्यक्ता है।
07:18आज के इस एक्स्प्लेनर में इतना ही, लेकिर आप क्या सोचते हैं कॉमेंट करके जरूर बताएं। और देखते रहें बनेंजिया
07:24हैंगे।
07:50कि बहुते हैं कि बहुते हैं वागएपन कि वागएपन देखने कि यागएपन कि अदाएं हैंगे चिग चैजिए लीच्वे चैजिए टॉर
07:56आप एंडिया हैंगे।
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