00:00इसको बढ़ते तनाओं कच्चे तेल की कीमतों में उच्छाल और वैश्विक सप्लाई चेन पर मंढ़रा रहे खत्रे के बीच पुद्धानमंत्री
00:06नरेंद्र मोदी की एक अपील ने पूरे देश में नई बहस छेड़ दी है
00:10पुद्धानमंत्री ने देशवासियों से पिट्रॉल डीजल की बचत करने नीजी वाहनों का कम इस्तिमाल करने और इंधन संरक्षन को जन
00:17आंदोलन बनाने की अपील की
00:19लेकिन ये सिर्फ एक सामाने अपील नहीं रही इसका असर सीते सत्ता की गल्यारों से लेकर सड़कों तक दिखाई देने
00:25लगा है
00:25पुद्धानमंत्री खुद अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करते नजर आए
00:29कई केंद्रिय मंत्रियों ने भी सुरक्षा और प्रोटोकॉल के बीच संतुलन बनाते हुए अपने वहन घटा दिये
00:35वहीं उत्तरप्रदेश, उत्राखंड, ओडिशा, अंदरप्रदेश, पश्रिम बंगाल और मद्रप्रदेश समेत कई राजियों ने
00:41सरकारी स्तर पर बड़े फैसले लेने शुरू भी कर दिये हैं
00:44कहीं नो वेकल डेल आगू किया जा रहा है तो कहीं वर्क फ्रम होम को बढ़ावा दिया जा रहा है
00:48तो कहीं सरकारी काफिलों में 50 फीसिदी तक कटोती की जा रही है
00:52अब सवाल सिर्फ इंधन बचाने का नहीं रह गया है
00:55सवाल ये है कि क्या भारत आने वाले बड़े वैश्विक उठ्जा संकेट की तयारी कर रहा है
01:00क्या सरकारे समझ चुकी है कि तेल पर अत्यधिक निर्भरता भविश्य में देश की अर्थ वैवस्था पर भारी पड़ सकती
01:07है
01:07और आखिर पिये मोदी की इस अपील के बाद केंद्र और राजी सरकारों ने कौन-कौन से बड़े कदम उठाए
01:13है
01:13आज के इस एक्स्प्लेइनर में हम आपको पांच बड़े पॉइंट्स में पूरी कहानी समझाएंगे
01:17तमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
01:21जी है सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि आखिर धानमंति नरेंद्र मुदी ने अचानक पिट्रोल डीजल बचाने की अपील
01:27क्यों की
01:28इसकी सबसे बड़ी वज़े है मिडिलिस्ट में बढ़ता तनाव
01:31इरान, अमेरिका और पश्ची मेशिया के दूसरे देशों के बीच हालात लगतार तनावकुन बने हुए
01:37दुनिया के सबसे एहम तेल व्यपार मारगों में शामिल स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज को लेकर चिंता बढ़ी हुई है
01:43अगर इस शेतर में बड़ा सैनिस अंगर्श होता है तो दुनिया भर में कच्चे तील की सप्लाई प्रभावित होती है
01:49भारत अपनी जरूरत का लगभग बचासी पतिशत कच्चा तेल आयात करता है
01:53यानि अगर अंतराष्ट्रिय बाजार में तेल महंगा होता है तो उसका सीधा असर भारत की रत्ववस्था पर बढ़ता है
01:59पेट्रोल डीजल महंगा होता है, महंगाई बढ़ती है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाब आता है
02:05यही वजह है कि पेम मोदी ने लोगों से इंधन बचाने की अपील की
02:09उन्होंने कहा कि सारवजनिक परिवहन का इस्तिमाल बढ़ाया जा
02:12कारपूलिंग की जाए और अनावश्यक यात्राओं से बचा जाए
02:16सरकार का मकसद सिर्फ तेल बचाना नहीं बलकि विदेशी मुद्रा की भी बचत करना है
02:20क्योंकि अगर तेल आयात बिल बढ़ता है तो रुपय पर दबाब बढ़ सकता है
02:25दूसरा पॉइंट समझिये प्रिधान मंत्री और केंद्रिय मंत्रियों ने खुद क्या उदाहरन पेश किया
02:30क्योंकि जब से प्रिधान मंत्री ने अनाउंस्मेंट किया पूरा देश दो हिस्सों में बढ़ गया
02:34एक हिस्सा ये सवाल करने लगा कि प्रधान मंत्री ने हमारे लिए तो कह दिया लेकिन अपने मंत्रियों के लिए
02:39सरकार के लिए खुद के लिए क्या परिवर्तन किया है
02:42और दूसरा एक हिस्सा जो प्रिधान मंत्री के इंस्ट्रक्शन को follow करने पर विचार करने लगा
02:46तो आपको बता दे कि प्रिधान मंत्री की अपील का सबसे बड़ा असर उनके अपने वेभार में दिखाई दिया
02:51हाली में प्रिधान मंत्री नरेंदर मुदी के कई सारवजनी कारेक्रमों के दोरान उनका काफिला पहले की तुलना में काफी छोटा
02:57नजर आया
02:58सुरक्शा प्रोटोकोल बरकरा रखते हुए गाडियों की संख्या कम करती गई
03:01असर मेहिमन्ता विश्वस अर्मा के शपत ग्रहन समरो और गुजरात में सोनात अमरिक महद्सा के दोरान भी पी एम का
03:08काफिला सिमित वाहनों के साथ दिखाई दिया था
03:10इसके बाद केंद्रिया ग्रह मंत्री अमितिशा का वीडियो सामने आया जिसमें उनके काफिले में सिर्फ दो गाड़िया नजर आया
03:15केंद्रिया मंत्री एश्विनी वैशनो भी एक ही गाड़ी में सफर करते दिखी
03:19वहीं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने तो महराश्य दोरे पर बस से यात्रा करने का फैसला किये।
03:25उनके साथ सुरक्षा कर्मी स्टाफ और पत्रकार भी बस में ही दिखाई दिये।
03:33सरकार ये संदेश देने की कोशिश कर रही है कि इंधन बचत सिर्फ आम लोगों के लिए नहीं है ये
03:37सलाह बलकी सरकार खुद भी इसका बालंग कर रही है।
03:40अब तीसरा पॉइट समझे राज्यों ने क्या क्या बड़े पैसले लिए।
03:43प्रधान मंतरी के अपील के बाद कई राज्यों ने तुरंट कदम उठाने शुरू कर दिये।
03:47उत्तर प्रदेश के मुख्यमंतरी योगी अधित्यनाथ ने मंतरी और अधिकारियों के साथ बैठा कर सरकारी काफिलों में 50% तक
03:53कटोथी के निर्देश दिये।
03:55उन्होंने कंपनियों से भी वर्क फ्रम होम मॉडल अपनाने की अपील की।
03:59उत्राखन सरकार ने भी इससे भी बड़ा फैसला लिया।
04:01मुख्यमंतरी पुषकर सिंग धामी ने सब्ताह में एक दिन 9 वीकल्डे घोशित करने की बात कही।
04:06उस दिन सरकारी स्तर पर वर्क फ्रम होम को बढ़ावा दिया जाएगा।
04:09मंतरियों और अधिकारियों के काफिले को भी आधा करने का फैसला कर लिया गया।
04:13बोडिशा के मुख्यमंतरी मुहन चरण माजी ने भी अपने सुरक्षा काफिले में गाडियों की संख्या कम कर लिया।
04:43यानि पहली बार ऐसा दिख रहा है कि केंदर की अपील बड़ा अलग-अलग राजियों ने एक साथ उज्जा बचतभियान
04:48शुरू किया है।
04:49चोथा पॉइंट समझे हैं कि भारत बड़े उज्जा संकट की तयारी कर रहा है।
04:53अब सबसे बड़ा सवाल ही है कि क्या ये सिर्फ औस्थाई कदम है या भारत वास्तों में बड़े उज्जा संकट
04:58की तयारी कर रहा है।
05:00विशेशग्यों का मानना है कि सरकार आने वाले संभावित तेल संकट को लेकर पहले से सतर्क हो चुगी है।
05:06भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।
05:09अगर लंबे समय तक अंतराश्टिय बाजार में तेल महंगा रहता है तो भारत के अर्थववस्था पर भारी असर पढ़ सकता
05:15है।
05:15इसलिए सरकार वैकलपिक उज्जा सोर्स पर तेजी से काम कर रही है।
05:19हाल ही में केंद सरकार ने कोल गैसिफिकेशन परजेक्ट पर तीन लाग करोड रुपए खर्च करने का फैसला किया।
05:24इसका मकसद कोईले को गैस में बदल कर उज्जा उतपादन करना है ताकि तेल आयात पर निर्भरता कम की जा
05:30सके।
05:31इसके लाबा इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन हाइड्रोजन, एथनॉल ब्लेडिंग और सोलर एनरजी पर भी लगतार जोर दिया जा रहा है।
05:38सरकार ये समझ चुकी है, कि भविश्य में उज्जा सुरक्षा सर्फ आर्थिक नहीं बलकि रणने तेक मुद्दा भी बनने बाला
05:44है।
05:44पाचा पॉइंट समझे है, आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
05:48अब सबसे एहन सवाल तो यही है, कि आम लोगों को इससे क्या फर्क पड़ेगा, क्या असर पड़ेगा।
05:54फिलहाल सरकार ने पेट्रॉल डीजल की खरीद पर कोई प्रतिवंध नहीं लगाया है।
05:58लेकिन लगतार इंधन बचाने की अपील यह जरूर संके देती है, कि आने वाले समय में सरकार सकती बढ़ा सकती
06:04है।
06:05अगर वैश्विक संकट लंबा खिशता है, तो पेट्रॉल और डीजल की कीमतों में उच्छाल संभाव है।
06:11ऐसे में लोगों को सारवजनिक परिवहन, कार पुलिंग और सीमित वाहन उपयोग जैसी आदते अपना निपढ़ सकती है।
06:17वर्प्रम होम कल्चर भी फिर से बढ़ सकता है।
06:20सरकार की कोशिश ये भी है, कि लोग इंधन सरक्षन को लेकर सिर्फ मजबूरी नहीं बलकि राष्टे जिम्मदारी के तौर
06:26पड़ देखे।
06:27क्योंकि अगर तेल आयाद बल कम होता है, तो रुपए पर दबाब घटेगा।
06:31महेंगाई नियंतरित रहेगी और अर्थवयवस्था को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
06:36तो कोल मिलाकर ये कह सकते हैं कि प्रधान मंत्री नरेंद बूदी के इंधन बचाने के अपील अब सिर्फ एक
06:40बयार नहीं रहे गए।
06:41उसका असर सरकारों के नीतियों, मंत्रियों के काफिलों और प्रिशासनिक फैसलों में साफ दिखाई दिरने लगा है।
07:00लेकिन एक और बड़ा सवाल है कि क्या ये अभियान लंबे समय तक चल पाएगा। क्या लोग वास्तों में अपनी
07:06आदते बदलेंगे और कि भारत तेल पर निरभरता कम करने में सफल हो पाएगा।
07:11इन सवालों के जवाब तो आने वाले समय में मिलेंगे। फिलहाल ये है कि वैश्विक तनाव के बीच भारत में
07:16भी सतरक्ता की बहुत आवश्यक्ता है।
07:18आज के इस एक्स्प्लेनर में इतना ही, लेकिर आप क्या सोचते हैं कॉमेंट करके जरूर बताएं। और देखते रहें बनेंजिया
07:24हैंगे।
07:50कि बहुते हैं कि बहुते हैं वागएपन कि वागएपन देखने कि यागएपन कि अदाएं हैंगे चिग चैजिए लीच्वे चैजिए टॉर
07:56आप एंडिया हैंगे।
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