00:04इस वक्त की सबसे बड़ी खबर बीजिंग से आ रही है।
00:30उतनी ही कड़वाहट मुड़ों में है। ट्रेड बॉर, ताइवान का संकट और इरान पर मंडराते युदि के बादलों के पीच
00:37क्या ये मुलाकात दुनिया को शांती का नया रास्ता दिखाएगी।
01:00शी जिंपिन ने साफ कहा कि दुनिया नई चोराहे पर खड़ी। उन्होंने ट्यूसी डाइड ट्राप का जिक्र करते हुए कहा
01:07कि अमेरिका और चीन को विरोधी नहीं बलकी पार्टनर बनना चाहिए।
01:12जिस पर राश्तपती ट्राम्प ने जिंपिंग को महाननेता बताया और कहा कि वो चीन का बहुत सम्मान करते हैं।
01:18उन्होंने उमीद जताए कि ये शिकर सम्मेलन इतिहास का सबसे बड़ा और सफल सम्मेलन साबित होगा।
01:25तेकिन इस बाद ट्राम्प अकेले नहीं आये हैं। उनके साथ अमेरिकी बिजनस के बाहु बली भी वीजिंग पहुचे हैं।
01:32एलन मस्क जिनकी चीन में बड़ी फाक्टरी है। जेंसन हुआंग जिनने आखरी वक्त पर खुड ट्राम्प ने एर फॉस वन
01:39में जगा दी।
01:40मकसद साफ है ट्राम्प चीन के साथ सर्फ राजनीती नहीं बलकी बिजनस करना चाहते हैं।
01:45हो जाते हैं कि चीन अमेरिकी क्रिशी उत्पादों की खरीद बढ़ाए और सेमिकंडक्टर चिप्स की मुद्डे पर कोई बीच का
01:52रास्ता निकले।
01:53लेकिन इन मुस्कुरा हटो की बीच कुछ रेड लाइन्स भी है।
01:56चीन ने पहले ही साफ कर दिया है कि ताइवान उसकी पहली रेड लाइन है जिसे पार नहीं किया जाना
02:01चाहिए।
02:02वई ट्रम्प प्रसाशन ताइवान को 11 अरब डॉलर के हथियारों की सप्लाई पर अड़ा है।
02:08विदेश मंत्री मारको रूबियो का कहना है कि अमेरिका चाहता है कि चीन इरान पर दबाव बनाए ताकि खाड़ी छेतर
02:15में जारी संगर्श थमज़द।
02:16चीन इरान का सबसे बड़ा तेल खरेदार है इसलिए उसकी भूमी का यहां किंग मेकर की तरह है।
02:21विशेशकों का माना है कि ये बैठक बदलाव से ज़ादा स्थिलता के लिए है।
02:33चीन अपनी गिर्ती विकासदर को बचाने के लिए अमेरिकी टारिफ में धील चाहता है।
02:39सवाल यही है क्या इन दो दिनों में तश्कों पुराना तनाव खत्म होगा या ये सिर्फ आने वाले एक और
02:45बड़े वैपारेक युद से पहले की शान्ती है।
02:48आज रात बीजिंग में स्टेट बांकेट होगा जहाँ डिनर टेबल पर दुनिया की किस्मत तेकी जाएगी।
02:54क्या कल सुबा जब ट्रॉंप चीन छोडेंगे तो दुनिया थोड़ी सुरक्षित होगी।
02:59हमारी नजर बीजिंग के हर पल पर बने हुई है देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए जुड़े
03:04रहे वान इंडिया के साथ।
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