00:04प्रतीक यादो की मौत ने फुरे देश में सवालों, अटकलों और सोशल मीडिया पर फैल रही तमाम साजिश की थियोरिस
00:10को जन दे दिया है
00:12इंटरनेट पर लगातार ये दावा किया जा रहा था कि उनकी मौत स्टरोइट्स के इस्तेमाल की वजह से हुई
00:17वजह भी साफ थी, प्रतीक यादो फिटनेस के बेहद शौकेन थे, जिम के ओनर थे, उनका शरीर काफी मस्कुलर और
00:24एथलेटिक था, लेकिन अब जो सच्चा ही सामने आई है, उसने इस पूरे मामले को बिलकुल अलग मौत दे दिया
00:30है
00:30दरसल एक रपोर्ट के मुताबिक, उस डॉक्टर से खास बाचीत की गई, जो पिछले कई वर्षों से प्रतीक यादो का
00:36इलाज कर रही थी
00:37नाम सारवजनी कमयो करने की शर्थ पर डॉक्टर ने जो जानकारी दी, उससे पहली बार साफ हुआ कि प्रतीक एक
00:44बेहद गंभीर बिमारी से जूज रहे थे
00:46ये बिमारी थी DVT यानि Deep Vain Thrombosis
00:51DVT ये एक ऐसी medical स्थिती होती है जिसमें शरीर की गहरी नसों में खून के ठक्के बनने लगते हैं
00:57आम तोर पर ये समस्या पैरों की नसों में होती है
01:00सबसे बड़ा खत्रा तब पैदा होता है जब यही ठक्का तूट कर फेफडों तक पहुंच जाए
01:04ऐसी स्थिती को pulmonary embolism कहा जाता है जो कई बार जानलेवा साबित होती है
01:10करीब 5 साल पहले प्तिक्यादो सीने में दर्द और सास फोलने की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे थे
01:17बार से देखने पर वे पूरी तरफ फिट नजर आते थे लेकिन जाच में ये गंभीर बिमारी सामने आई
01:22इसके बाद से वे लगतार डॉक्टरों की निगरानी में थे
01:24उन्हें लबे समय तक बलड थीनर यानि की खून पतला करने वाली दवाय दी जा रही थी
01:29समय समय पर उनकी जाच भी होती रहती थी
01:3229 अप्रेल तक सब कुछ सामाने बताया जा रहा था
01:36लेकिन अचानक उनकी तब्यत बिगड गई
01:39सीने में तेज दर्ग, सास लेने में दिक्कत और चक्कर आने के बाद वे अस्पताल पहुंचे
01:43डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत आईसियू में भरती कर लिया
01:48शुरुआती इलाज के बाद कुछ दिनों तक उनकी स्थिती स्थिर भी नजर आए
01:52लेकिन फिर एक माई को एक ऐसा फैसला हुआ जिसने सब कुछ बदल दिया
01:57प्रतीक यादों ने डॉक्टरों से कहा कि वे अस्पताल छोड़ कर घर जाना चाहते हैं
02:02मेडिकल भाषा में इसे लामा कहा जाता है यानि डॉक्टर की सलाह के खिलाप अस्पताल छोड़ना
02:07डॉक्टरों ने उन्हें समझाने की पूरी कोशिश की कि आईस्यू छोड़ना उनके लिए खतरनाक हो सकता है
02:12उनकी पतनी अपड़ना यादो भी लगतारों ने रोखने की कोशिश कर दी रही लेकिन प्रतीक अपने फैसले पर अड़े रहे
02:18आखिरकार उन्होंने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किये और अस्पताल छोड़ दिया
02:23घर लोटने के बाद भी उनकी देखभाल जारी रही तीन नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे उनकी निगरानी में तैनात थे
02:29डॉक्टर लगतार संपर्क में थी लेकिन 13 मई 2026 की सुभे लखनों की सिविल एस्पताल में उन्हें मृत गोशित कर
02:37दिया गया
02:37अब सबसे एहम बात पोस्ट मॉटम रेपोर्ट की रेपोर्ट में कहीं भी एस्टेरोइट्स या फिर ड्रक्स या फिर किसी नशीले
02:43पदार्थ के इस्तेमाल का जिकर नहीं है
02:44मौत की वजह फेफडों में गंभीर रक्त अवरूद यानि फल्मोनरी थ्रॉंबयोलिज्म और उससे हुई हाई रिस्पिरेट्री फेलियर बताई जा रही
02:53है
02:53यानि पांच साल से नियंद्रित किया जा रहा जो ठक्का था वो आखिरकार जानलेवा साबित हुआ
02:59पोस्मोटर में शरीर पर कुछ चोटों के निशान मिले थे जिनको लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की बाते होने
03:05लगी
03:05लेकिन डॉक्टरों के मुताबेक ये चोटे गिरने की वजह से थी
03:08कुछ चोटे पुरानी थी जबकि कुछ अंतिम दिनों में दुबारा गिरने से लगी थी
03:13चुकि वे ब्लड थिनर ले रहे थे इसलिए मामली चोट भी ज्यादा गंभीर दिखाई दे रही थी
03:18डॉक्टरों निसाब का कि इन चोटों को किसी साजिश ये हमले से जोड़ना गलत होगा
03:24प्रती क्यादों कि इस कहानी में इत्रा ही
03:26लेकिन प्रती क्यादों की कहानी हमें ये भी सिखाती है
03:29कि सोशल मीडिया पर जो इनसान फिर्ट दिख रहा है
03:31सब कुछ सही दिख रहा है
03:33उसके जिन्दगी में क्या कुछ चल रहा है
03:34उसका हमें अंदाजा भी नहीं होता है
03:36तो अगर हम किसी के जिन्दगी पर ऐसे ही टिपनिया करते हैं
03:39उन्हें हम ये सोचते हैं कि जो दिखाई दे रहा है सब वही सच है तो आप समझें कि ये
03:43कहानी हमें एक जो दूसरा रूप दिखा रही है जो कि इतने खतरनाक है इतने दर्दनाक है उस पर आप
03:49क्या सोचते हैं हमें कॉमेंट में ज़रूर बताएं और देखते रहें One India Hindi
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