00:04दिश फर में दूद की कीमतों में एक बार फर जाफा हो गया जुसे आम आदमी की रसुई का बचट
00:10बिगड़ना तय है
00:11दिश के सबसे बड़े डेरी प्रैंट आमून ने अपने दूद के सभी वैरियंट्स की कीमतों में दू रुपाय प्रती लीटर
00:17की बढ़ोतरी करने का निर्ने लिया
00:19वज़ात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन यानि की जी सी एम एम एफ के अनुसार ये दरें 14 मई 2026 के
00:27सुभह से पूरे भारत में प्रिभावी हो जाएंगी
00:30कंपरी ने इस मूल्य वृद्धी का मुखे कारण परशू आहार और परिचालन लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी को बताया
00:37ताकि किसानों को दूद का उच्छत मोल्य मिल पाए
00:40महंगाई के इस दौर में दूद जैसी आवश्यक वस्तू के दाम बठना हर वर्ग के लिए चुनता का विशह है
00:45अमूल निस पष्ट किया कि ये फैसला अचानक नहीं लिया गया बलकि पिछले कुछ वक्त से डेरिक शित पर पड़
00:50रहे आर्थिक दवाफ का ये परणाम है
00:53परशू के चारी की कीमतों में भारी उच्छालाया जिससे दूद उतपादन की लागत काफी बढ़ी
00:57जब किसानों के लिए परशूपालन महंगा हो जाता है तो डेरी संगों के लिए पुरानी कीमतों पर दूद की आपूर्ती
01:04सुनिशुत करना कठिन होता है
01:06ऐसे में किसानों के हितों की रक्षा करने और बशुपालन के ब्रतीप रौट साहित रखने के लिए कीमतों में ये
01:11मामूली बदलाव आवश्चक समझा गया
01:14दूद के दाम बढ़ने का असर केवल सीधे तोर पर दूद खरीदने वालों तक सीमित नहीं रहता
01:18बलकि इसका एक व्यापक आर्थिक चक्र है चाई, कॉफी, मिठाई और डेरी उत्पादों जैसे दही, पनीर और घी की कीमतों
01:26पर आने वाले दिनों में इसका सीधा असर दिखेगा
01:30मध्यम और निमन आयवर्ग के परिवारों के लिए महीने का खर्च बढ़ेगा क्योंकि दूद हर घर की बुनियादी जरुरत है
01:37विशेश रूप से बच्चों के पोशन के लिए दूध हनिवार्य है और कीमतों में व्रिधी ग्रेहनियों के मासिक बजट को
01:43प्रभावित करें की
01:44अमूल की और से जारी बयान में कहा गया कि पैकेजिंग सामगरी परिवान लागत और बिजली की बढ़ती दरों ने
01:50परिचलन व्या को बढ़ा दिया
01:51कच्चे माल की धुलाई अब पहले के मुकाबले महंगी है जससे कंपनी के मार्चन पर असर पढ़ रहा है
01:57कंपनी का कहना है कि वो भुकताओं से वसूले जाने वाले प्रती रुपए का लगभग 80 पैसे सीधे तोर पर
02:04दूध उत्पातक किसानों को पहुँचाते हैं
02:06अब इस नजरी से देखा जाए तो बढ़ी हुई कीमतों का एक बड़ा हिस्सा ग्रामेड अर्थोय वस्था और उन लाखों
02:11किसानों तक पहुँचेगा जो दूध उत्पादन से अपनी जीवी का चलाती है
02:15ग्रामेड क्षेत्रों में पशुपालकों को सुखे और हरेचारी के लिए आधिक भुकतान करना पड़ रहा है
02:20और इसके लावा पशुचिकिस्सा और देखभाल की लागत पढ़ी है
02:24यदि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मोल या नहीं मिलेगा
02:27तो देश में दूध किया पूर्ती प्रभावित होने का खत्रा बढ़ता है
02:31डेरी उत्द्योग को टिकाओ बनाये रखने के लिए उपभुकताओं और उत्पादकों के बीच संतुलन जरूरी है
02:36हाला कि जनता के लिए ये खबर किसी जटके से कम नहीं है
02:39लेकिन सहकारी मॉडल की मजबूती के लिए एक अनिवार्य कदम के रूप में इसे पीश किया गया
03:06कर दो
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