00:00आज एक ऐसा सवाल जो कानपूर से लेकर लखनव तक की गलियों में गूंज रहा है
00:04क्या प्रतीक यादफ की मौत सिर्फ एक हादसा था या फिर ये एक प्लान किया गया कतल है
00:11पोस्ट मौटव रिपोर्ट ने जो खुलासा किया है उसने इस पूरे केस को एक भयानक मोड दे दिया है
00:17सवाल ये है कि मौत से पहले आखिर प्रतीक यादफ के साथ क्या हुआ था किसने उसे बहरैमी से पीटा
00:24और वो छे निशान
00:26वो छे निशान क्या गवाही दे रही है आज इस वीडियो में हम प्रतीक यादफ की उस दर्दनाक सचाई को
00:34डिकोड करेंगे जो शायद अब तक परदे के पीछे चुपी हुई थी
00:38दोस्तों प्रतीक यादफ की मौत की खबर जब सामने आई थी तो कई तरह की बाते हो रही थी
00:44लेकिन अब जब ओफिशल पोस्ट मॉटम रिपोर्ट की डिटेल्स निकल कर आई हैं तो उन्होंने पुलिस और परिवार दोनों के
00:51होश उड़ा दिये हैं
00:52रिपोच साफ साफ कह रही हैं कि प्रतीक के शरीर पर एक नहीं दो नहीं बलकि पूरे छे गहरी चोट
01:01के निशान मिले हैं
01:02अब यहां से कहानी दो हिस्सों में बढ़ जाती है और यही वो पॉइंट है जहां एक इन्वेस्टिगेटिव जर्निस्ट की
01:09नजर जाती है
01:09रिपोच के मताबित इन छे निशानों में से तीन निशान पुराने हैं और तीन निशान तीन जखम तो बिलकुल ताज़ा
01:19हैं पहले बात करते हैं उन तीन पुराने निशानों की
01:22डॉक्टर्स का कहना है कि ये चोटे लगबग एक हफते पुरानी है इसका मतलब ये निकलता है कि प्रतीक पिछले
01:29कई दिनों से किसी के निशाने पर थे उन्हें पहले भी डराया गया धमकाया गया था या फिर उनके साथ
01:36मारपीट की गई थी क्या प्रतीक ने ये बात किसी क
01:39को बताई थी क्या वो किसी बड़े खत्रे को महसूस कर रहे थे एक हफते पहले उन पर हुए उस
01:45हमले का सचगर सामने आ जाए तो शायद कातिल तक पहुचा जा सके लेकिन जो सबसे जादा डराने वाली बात
01:52है वो है बाकी तीन ताजा निशान ये निशान बताते हैं कि मौत
01:57से ठीक पहले प्रतीक के साथ जित्तो जहत हुई है उन्हें बेरहमी से पीटा गया था ये कोई नॉर्मल चोट
02:04नहीं है यह यानि वो चोटे जो मरने से पहले शरीर पर दी गई तो दर्शकों अगर इसे पत्रकार की
02:12नजर से देखें जब किसी बॉड़ी पर पुराने और �
02:16नहीं दोनों निशान मिलते हैं तो या तो यह स्लो टॉर्चर या कंटिनियोस हराश्मेंट की तरफ इशारा करता है यह
02:23निशान चीक चीक कर कह रहे हैं कि प्रतीक की मौत कोई सड़न इवेंट नहीं था बलकि एक सिलसिला था
02:30जो पिछले साथ-ाठ दिनों से चल रहा था अ
02:43एक हफते पहले प्रतीक कहा थे किस किस से मिले थे और वो कौन सा विवाद हो सकता है जो
02:49उन्हें मौत की दहलीस तक ले गया परिवार का रोना और उनका गुसा जायज है उनका कहना है कि अगर
02:55रिपोर्ट में चोटे हैं तो फिर यह हाथसा कैसे हो सकता है क्या यह किसी फि�
03:12पर मिले यह छे निशान सही वक्त पर पहचान लिए जाते अगर एक हफते पहले हुई मारपीट पर आक्शन लिया
03:18गया होता तो शायद प्रतीक जिन्दा होते पुलिस की इन्वेस्टिगेशन अभी नीचे निशानों के इर्द गूम रही है कौन था
03:26वो जो प्रतीक को थो
03:42शबस्ब्सक्राइब ट्रस इन्वीतक य Iss
03:45क्ट्राइब टॉड बाला सब्में रहे होते हैं
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