Skip to playerSkip to main content
तमिलनाडु की राजनीति में थलापति विजय और उनकी पार्टी TVK को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनावी सफलता के बाद अब यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या विजय MGR की तरह लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। समर्थक इसे मजबूत नेतृत्व और स्थिर सरकार का मॉडल बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे बहुत बड़ा राजनीतिक दावा मान रहे हैं। इस वीडियो में जानिए TVK की अंदरूनी रणनीति, गठबंधन की राजनीति और तमिलनाडु में बदलते सत्ता समीकरणों का पूरा विश्लेषण।

Tamil Nadu politics is once again in the spotlight as discussions grow around Thalapathy Vijay and TVK’s long-term political strategy. After a strong electoral performance, speculation is rising about whether Vijay is planning a leadership model inspired by MGR’s legacy, where a single leader dominates the political landscape for years. While supporters see this as a stable vision for governance, critics call it ambitious and uncertain. In this video, we break down the latest political buzz, TVK’s strategy, alliance dynamics, and how Vijay’s rising influence is reshaping Tamil Nadu’s future political direction and power structure.

#ThalapathyVijay #TVK #TamilNaduPolitics #DMK #AIADMK #MGR #CMRace #BreakingNews #IndianPolitics #Trending

~HT.318~ED.540~ED.276~GR.508~

Category

🗞
News
Transcript
00:00एक छोटा सा सवाल असेदार जी आप से भी होगा, केशो जी आप से भी होगा, हमने देखा MGR को
00:0477 के दौर में सफलता मिली, उन्होंने अपनी पार्टी बनाई, अपनी पार्टी सरकार बना की आई, उसके बाद उनकी पार्टी
00:11से जैरलता आगे बढ़ी ही MGR की मौत के बाद,
00:14उनको पास एक बनी बनाई पार्टी थी उस पार्टी को उने आगे बढ़ाया वो भी कई बार सक्ता में रही
00:18लेकिन MGR के बाद सर बहुत सारे और अब नेता जो है वो राधनिती में आई
00:22कैप्टन विजे कांत आए उन्होंने बनाई थी उनको सफलता नहीं मिली कमल हासन ने पार्टी बनाई उनको सफलता नहीं मिली
00:42क्योंकि मुझे जहां तक लगता है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि रजनी कांथ ने राधनिती में उतरणा तब
00:48चाहा जब वो अपने पीक के दौर से चले गए थे विजए अपने फिल्मों के पीक के दौर पर है
00:53करियर में इसी वक्त ही और राधनिती में
01:12मिलनाडो में सरकारी हॉलिडे हो जाता है हाला कि कमल हासन की जो पार्टी थी पक्काली उसका वो कमल हासन
01:20तब आये जब उनकी एक पॉपुलर्टी जो है एकदम निशले हिस्तर पर थी उस जमाने में या उस दौर में
01:27पर रजनी कांद के साथ दूसरा कारण यह लागू होता ह
01:32कि उनमें एक angry young man वाला factor जो है पूरी तरह से missing दिखता है क्योंकि जो नई जनरेशन
01:39है वह भले ही as a star उनकी fan हो पर उनमें एक angry young man का जो तड़का है
01:44वो उनमें नहीं दिखता था
01:45रही बात कमल हासन की वो दिखते यंग है और तुलनापना ग्रूप से रजनी कांत से यंग भी है
01:51तो उनमें थोड़ा बहुत देख भी लिया लेकिन उनकी लोग प्रियता रजनी कांत या विजय के समक्ष नहीं हो पाई
01:59विजय जो है अभी किसी भी टाइप की फिल्म कर ले अगर विजय का करियर देखें तो बहुत सारी उन्होंने
02:06फ्लॉप फिल्में दी है
02:08लेकिन एक बार उनका जो हेट होना शुरू हुआ और वो ग्राफ कभी ऐसा भी नहीं कि हलका सा लाइट
02:15पड़ा हो
02:16हमेशा ब्राइट ही रहा है और अपनी जैसे आज की दौर में हम देखें तो सल्मान या शारुक की फिल्में
02:23हैं उनको भी चलने के लिए संगर्ष करना पड़ रहा है
02:25विजय उनसे थोड़े बहुत ही छोटे होंगे लेकिन उनको कोई संगर्ष नहीं करना पड़ रहा है अपनी फिल्में को लेकर
02:31है
02:31साथ ही साथ रजनी कांथ और कमल हासन ने कुछ चीज़ें नहीं की या कुछ चीज़ें उनके दौर में नहीं
02:38थी
02:38वो है ये के फैन बेस अपना क्रियेट करना और उसको क्लब्स में बदलना
02:43करीब कहा ऐसा भी जाता है करीब तमिल लाडू में पचास हजार से ज़्यादा विजय के फैन बेस हैं जो
02:50काम करते हैं
02:51पर जब कोई बाड़ आती है कुछ मुसीबत आती है तो यह सारे फैन बेस जमीन पर जाकर काम करते
02:58हैं उनके बीच में उतर कर लोगों की मदद करते हैं और विजय से इनको सपोर्ट मिलता है और सिस्टेमेटिक
03:05सपोर्ट मिलता है इसके अलावा सोशल मीडिया पर बहुत सा
03:08सारे फैन पेज हैं जो लगातार उनकी चवी को बड़ा चड़ा कर दिखाना या महिमा मंडन करना या कहें उसको
03:16वाइरल करना यह सब काम किया रजनी कांत और कमल हासन के पास यह दौनों आप्शन उस टाइम पर नहीं
03:22थे या थे भी तो उसका इस्तमाल नहीं हो पाया तो �
03:29और वो सोशल मीडिया से एक बहुत बड़ा नेरेटिव प्लस उससे नेरेटिव आप बहुत कम टाइम में आखरी कोने तक
03:38पहुचा सकते हैं इसलिए विजय के साथ ही फैक्टर रहा दूसरा यंग स्टर इन से कनेक्ट करते हैं सो करते
03:43हैं और जो अधिक उम्र के हैं सीनियर
03:47सिटीजन एज के लोग हैं वो भी विजय को काफी फ़संद करते हैं उनकी फिल्मे उन तक भी पहुचती हैं
03:52और उतनी ही लोग प्रता उनकी उस आयूवर्ग में हैं प्लस घोशा ये फिल फ्लेजेड लिया हैं रिजनी कांत ये
04:00कमल हासन ने ये नहीं का कि मैं राजदी फि
04:16सिटीजन वेर्ग विजये बोप चाई हैं तो उन्होंने उस कोच से अपने पूशा कि मैं इससे बाहर क्यों नहीं निकल
04:21पा रहा हूँ तो बोलते हैं तुम्हारे अंदर डर नहीं है जिसके वज़ए से डिसिप्लिन नहीं है और डेडिकेशन नहीं
04:26है बिल्कुल तो बोलत
04:46मैं आना चाहता हूँ और इसने एक narrative एक माहल बनाया पूरे
04:50तमिलनाडों के अंदर कि फुल फ्लेजडली आ रहे यह उस तरह के नहीं है
04:54कि step back करेंगे या आदा इदर रहेंगे आदा उदर रहेंगे वो वाला नहीं
05:13केशो जी के पास चलते हैं साकरी सवाल को लेकर लेकिन उससे पहले मैं भी अपनी कुछ बात जोड़ना चाहता
05:19हूँ
05:19केशो जी मैं तमिल राजनीती को कवर करने और एक पत्रकार को पढ़ रहा था उन्होंने लिखा था कि रजनी
05:26कांद के पास भी मौका था विजय वाला
05:27रजनी कांद असल में विजय से भी बड़े सुपरिस्टार थी तमिल फिल्मों के लेकिन वो मौका था उनके पास 90
05:33के दशक में जब उनकी लोग प्रेता अपने चरम पड़ थी लेकिन रजनी कांद उस वक्त उन्होंने राजनीती माना चुना
05:39नहीं इसके साथ उन्होंने �
05:40एक और गलती की है रजनी कांद कभी भी अपनी राजनीतिक धारा बना नहीं पाए वो बीजेपी के भी करीबी
05:45बने रहे हमेशा योगी जी के पैर छू लेते हैं राम मंदिर के शुभारब में भी जाते हैं और इसके
05:51लावा उनक्या AIA DMK से भी अच्छा संबन रहा लेकिन
05:54हमें विजे ने पनी राजनीतिक धारा पहले ही बता दी कि देखो वैचारिक तोर पर मैंगे बीजेपी का विinedhi हूं
05:59मुझे इस चाले के राजनीति की पसंड नहीं है मैं इनका राजनीतिक विरोधी हूँ आपको क्या नजर आता है कभी
06:05रजनी कांद विजे क्यों नहीं ब
06:27पसंद किया रहा हूं यह तो पसंद किया रहा है कि उनको पसंद किया रहा है कि फिल्मों से आये
06:38और M.G. रामचंड्रन ने तो कभी नहीं का रहा है कि फिल्मों में काम करना छोड़ेंगे जाय लालिटा राजनीती
06:44में जब आए тут ले कि a वन्हें
06:59ना एक फिल्मों में भी कम करता है, मैं दो-तीन उदाहरनों के साथ अपनी बात कहूंगा, सबसे पहले आते
07:06हैं, फिर अजनी कांट पर, उसके बाद कमल हसर की बात होगी, आपने विजय कांट का भी नाम लिया, for
07:14that matter, खुश्बू सुंदर भी है, सीमन है, जो एक अलग अपनी
07:29परचन, शाहरुख खान, दिलिव कुमार के कदवाले अविनेता नहीं है, वो MGR, N.T. रामाराओ के कदवाले अविनेता नहीं है,
07:36तो जब अगर आपके पास खुश्बू सुंदर है, इनके पास भी उदेन इडिय स्टालीन है, तो ऐसे नेताओं की मतलब
07:42भरमार है, उनकी
07:43कोई जरूरत इस तरह से ड्राइब करने के लिए नहीं है किसी भी पार्टी को, अब आते हैं रजमी कांथ
07:52पर, यह कहना गलत है कि रजमी कांथ ने वह मौका खो दिया, वह 90 के दौर में आते, तो
07:59बड़ी जीत हासिल करते, 90 के दौर में रजमी कांथ की जितनी पॉप्लरि�
08:07दौरिटी 2000, 2010 के द दौर में रजमी कांथ की रही है, उनकी संबसे बड़ी hits देखें, तो 90 के
08:13दौर में नहीं आई है, उनकी संबसे बड़ी hits कों सी है, रोबो, इनदी रन, तमिल
08:20जो इंडीरन के नाम से बनी है, वो है सबसे बड़ी हिट, वो तो 2000 के दसक में आई है,
08:262010 में आई है शायर वो फिल्म, और क्या इसके वो भी हो सकती है कि उस दोर में करणादी
08:32जिंदा थे, जलेलता का अपना एक परभाव था, अभी वो इस पेस खाली हुआ है, नहीं, मैं जो
08:46108 सीटे आप देख रहे हैं विजय की, वो 208 सीटे हो सकते हैं रजनी कांत की होती, लेकिन जो
08:53लोग लोग प्रियता की शिखर पर होते हैं, उन्हें लोग प्रियता कोने का भय होता है, जो बात आप कह
09:00रहे हैं जर अवेभब, कभी अन्ना द्रमुक के पास चले जाते हैं, क�
09:16और जब आप राजनीती के मैदान में उतरेंगे, तो सभाविक है कि आपका विरोध भी होगा, रजनी कांत के विरोध
09:23में सोचल मेडिया पर कुछ फैन पेज बन गये थे, उनका विरोध सुरू हो गया, अब रजनी कांत डर गए,
09:31उन्हें लगा कि जो उनकी लोग प्रियत
09:33है ये कमिनेता के रूप में, नेता के रूप में वो लोग प्रियता कम से कम एक साइड से वो
09:39खो देंगे, कोई आपका प्रसंसक होगा, राजनीती में कोई ने कोई विरोधी तो होगा है, जबकि एंटायर तमिलनाड, across the
09:48communities, सब रजनी कांत के प्रसंसक ही है, आपको मैं एक
09:52और बात बता दूँ, और ये अतिश्यक्ती नहीं है, या ओन लाइनर फकाऊ जोक भी नहीं है, सच में, जब
09:59रजनी कांत की फिल्म रिलीज होती है, लोग अपने फूट वेर उतार के जाते हैं थियेटर में, इतनी बड़ी दिवानगी
10:06है रजनी कांत को लेकर के, लेकिन ल
10:22लिया, वो अपनी पाटी बनाने का वादा करके पाटी खतन कर देते हैं बनने से पहले ही, एक बात ये
10:29हुई, इस क्यालीबर का दूसरा अगनेता, जो राजनीत के मैदान में पिछले कुछ समय में आते हैं, वो है कमल
10:37हासन, यह कहना भी गलत होगा, कि कमल हासन क्लासिकल एक
10:52में क्या आग रहा है, क्या उनको कमजोर अभीनेता माना जाता है, क्या उनकी फिल्में नहीं चलती है, सर लेकिन
10:58उतने बड़े भी तो नहीं है, जितने विजय या फिर रजनी कांथ, नहीं, रजनी कांथ के समकष है कमल हासन,
11:04विजय से तो कुछ खाचे ऊपर ही आते हैं, �
11:07लेकिन देखे, मैंने, वहब अगर आपको याद हो, तो आज के इस सत्र के सुवात में ही मैंने ये बात
11:12कह दी थी, फिर से कहता हूँ, कि वो सारे बड़े अभीनेता, मैं विजय कांथ की सीमन की खुश्बू सुंदर
11:19की बात नहीं कह रहा, मैं टिपिकली कमल हासन और रजन
11:36प्रियता खोने का, अब कमल हासन राजनित में आभी जाते हैं, तो वो DMK से अपनी निकटता दिखाते हैं, अब
11:46लोगों के सामने ये प्रस्न है, कि वो जब कमल हासन ही DMK है, तो वो डारेक्ट DMK कोहीं तू
11:52न चुनी, अब आते हैं बात विजय पर, विजय ने शुरुआत
11:59से हैं ये clarity रखी, वो clarity ये थी, कि मैं DMK का विरोधी हूँ, दूसरी clarity उन्होंने ये भी
12:07रखी, कि मैं BJP का विरोधी हूँ, क्योंकि जैसे ही तमिलनाड की जनता को ये लगेगा, कि ये DMK का
12:15विरोध कर रहे हैं, और भारतिय जनता पार्टी के साथ जा रहे हैं, तो उनके हा
12:28बहुत बड़ी राजनितिक परिपक्वता का परिचय देते हुए, भारतिय जनता पार्टी के तरफ से मिले हुए गठबंधन के प्रस्ताव को
12:37नकार दिया, और इसकी वजह से हैं, केशोर जी, जो 10-12 फिजदी संख्यक वोटर हैं, हिसाई और मुसलिम, उनका
12:44भी समर्थन �
12:44तरफा मिला है विजह को, बिल्कुन, उस पर भी आता हूँ, उससे पहले तो क्या हुआ कि विजह पी विरोधी
12:49जो वोट है, वो DMK से इनकी तरफ शिप्ठ हुआ, DMK से नाराज़गी वाला वोटर जो है, वो भी इनकी
12:58तरफ शिप्ठ हुआ, विजह की तरफ, अब आते हैं
13:01विजह ने तमिलनाद में एक नया नियो वोटर ग्रूप क्रियेट किया है, वो है CDA, C मतलब Christian, D मतलब
13:13दलित, A मतलब अलपसंख्यत, अगर इनकी विजह भी से निकरता दिखती, तो अलपसंख्यत वोट तो किसी हालत में नहीं मिलते,
13:20और तमिलनाद में बहुत संख्यत वो
13:31से दलितों के उत्पीरण की जो कहानिया सामने आ रही थी, एक नाराजगी थी, जिसका लावी ने मिला, और एक
13:38बात मैं बहुत जोखिम लेकर आपके सो में बोल रहा हूँ, वो ये है कि तमिलनाद की डेमोग्रेफी बदली है,
13:46मिसिनरी जो वहाँ पर सक्रिये हैं, उसके का
14:01सर, समय की खोड़ा कमी है, सर, आखरी सवाल भी आप से ले लेता हूँ, आखरी तो मैं कही बार
14:06बोल चुका हूँ, लेकिन यह वाला सवाल आखरी ही होगा, वो ये कि अगर 2016 में जैललता की बिमारी से
14:11मौत ना हुई होती, अगर करुणा नेदी 2018 में ना मरे होते, ये दोनों
14:27सिंग सिंदू, वो कहते हैं कि अगर हमारे चाची की मूचे होती तो मैं उन्हें चाचा ना कहता, अगर आज
14:34की तारिक में जैललता मैदान में होती, करुणा नेदी मैदान में होते, तो क्या पता, विजय शायद मैदान में ना
14:41आते, लेकिन मुझे लगता है कि अगर ये द
14:57तमिलनाड ने अम्मा को लेकर दिवानगी रही है, हलांकि तमिलनाड का ये चरित्र भी रहा है, कांग्रिस के अवसान के
15:03बाद और खास करेंजियार के अवसान के बाद के हैं, तो एक बार इनको सत्ता मिलती है, दूसरी बार उनको
15:08मिलती है, सत्ता हर अल्टरनेटिव टर्म मे
15:11प्रांस्फर हो जाती है लेकिन यहां करिस्मा भी अम्मा नहीं किया है
15:152016 में उनकी सरकार भापर रिपीट होती है
15:20तो इस बात की संभावना जरूर होती कि अगर आज की तारिक में
15:24अम्मा और कलेंगर होते तो शायद विजय को इतनी बड़ी सफलता नहीं मिलती
15:41प्रांस्टा
Comments

Recommended