00:00एक छोटा सा सवाल असेदार जी आप से भी होगा, केशो जी आप से भी होगा, हमने देखा MGR को
00:0477 के दौर में सफलता मिली, उन्होंने अपनी पार्टी बनाई, अपनी पार्टी सरकार बना की आई, उसके बाद उनकी पार्टी
00:11से जैरलता आगे बढ़ी ही MGR की मौत के बाद,
00:14उनको पास एक बनी बनाई पार्टी थी उस पार्टी को उने आगे बढ़ाया वो भी कई बार सक्ता में रही
00:18लेकिन MGR के बाद सर बहुत सारे और अब नेता जो है वो राधनिती में आई
00:22कैप्टन विजे कांत आए उन्होंने बनाई थी उनको सफलता नहीं मिली कमल हासन ने पार्टी बनाई उनको सफलता नहीं मिली
00:42क्योंकि मुझे जहां तक लगता है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि रजनी कांथ ने राधनिती में उतरणा तब
00:48चाहा जब वो अपने पीक के दौर से चले गए थे विजए अपने फिल्मों के पीक के दौर पर है
00:53करियर में इसी वक्त ही और राधनिती में
01:12मिलनाडो में सरकारी हॉलिडे हो जाता है हाला कि कमल हासन की जो पार्टी थी पक्काली उसका वो कमल हासन
01:20तब आये जब उनकी एक पॉपुलर्टी जो है एकदम निशले हिस्तर पर थी उस जमाने में या उस दौर में
01:27पर रजनी कांद के साथ दूसरा कारण यह लागू होता ह
01:32कि उनमें एक angry young man वाला factor जो है पूरी तरह से missing दिखता है क्योंकि जो नई जनरेशन
01:39है वह भले ही as a star उनकी fan हो पर उनमें एक angry young man का जो तड़का है
01:44वो उनमें नहीं दिखता था
01:45रही बात कमल हासन की वो दिखते यंग है और तुलनापना ग्रूप से रजनी कांत से यंग भी है
01:51तो उनमें थोड़ा बहुत देख भी लिया लेकिन उनकी लोग प्रियता रजनी कांत या विजय के समक्ष नहीं हो पाई
01:59विजय जो है अभी किसी भी टाइप की फिल्म कर ले अगर विजय का करियर देखें तो बहुत सारी उन्होंने
02:06फ्लॉप फिल्में दी है
02:08लेकिन एक बार उनका जो हेट होना शुरू हुआ और वो ग्राफ कभी ऐसा भी नहीं कि हलका सा लाइट
02:15पड़ा हो
02:16हमेशा ब्राइट ही रहा है और अपनी जैसे आज की दौर में हम देखें तो सल्मान या शारुक की फिल्में
02:23हैं उनको भी चलने के लिए संगर्ष करना पड़ रहा है
02:25विजय उनसे थोड़े बहुत ही छोटे होंगे लेकिन उनको कोई संगर्ष नहीं करना पड़ रहा है अपनी फिल्में को लेकर
02:31है
02:31साथ ही साथ रजनी कांथ और कमल हासन ने कुछ चीज़ें नहीं की या कुछ चीज़ें उनके दौर में नहीं
02:38थी
02:38वो है ये के फैन बेस अपना क्रियेट करना और उसको क्लब्स में बदलना
02:43करीब कहा ऐसा भी जाता है करीब तमिल लाडू में पचास हजार से ज़्यादा विजय के फैन बेस हैं जो
02:50काम करते हैं
02:51पर जब कोई बाड़ आती है कुछ मुसीबत आती है तो यह सारे फैन बेस जमीन पर जाकर काम करते
02:58हैं उनके बीच में उतर कर लोगों की मदद करते हैं और विजय से इनको सपोर्ट मिलता है और सिस्टेमेटिक
03:05सपोर्ट मिलता है इसके अलावा सोशल मीडिया पर बहुत सा
03:08सारे फैन पेज हैं जो लगातार उनकी चवी को बड़ा चड़ा कर दिखाना या महिमा मंडन करना या कहें उसको
03:16वाइरल करना यह सब काम किया रजनी कांत और कमल हासन के पास यह दौनों आप्शन उस टाइम पर नहीं
03:22थे या थे भी तो उसका इस्तमाल नहीं हो पाया तो �
03:29और वो सोशल मीडिया से एक बहुत बड़ा नेरेटिव प्लस उससे नेरेटिव आप बहुत कम टाइम में आखरी कोने तक
03:38पहुचा सकते हैं इसलिए विजय के साथ ही फैक्टर रहा दूसरा यंग स्टर इन से कनेक्ट करते हैं सो करते
03:43हैं और जो अधिक उम्र के हैं सीनियर
03:47सिटीजन एज के लोग हैं वो भी विजय को काफी फ़संद करते हैं उनकी फिल्मे उन तक भी पहुचती हैं
03:52और उतनी ही लोग प्रता उनकी उस आयूवर्ग में हैं प्लस घोशा ये फिल फ्लेजेड लिया हैं रिजनी कांत ये
04:00कमल हासन ने ये नहीं का कि मैं राजदी फि
04:16सिटीजन वेर्ग विजये बोप चाई हैं तो उन्होंने उस कोच से अपने पूशा कि मैं इससे बाहर क्यों नहीं निकल
04:21पा रहा हूँ तो बोलते हैं तुम्हारे अंदर डर नहीं है जिसके वज़ए से डिसिप्लिन नहीं है और डेडिकेशन नहीं
04:26है बिल्कुल तो बोलत
04:46मैं आना चाहता हूँ और इसने एक narrative एक माहल बनाया पूरे
04:50तमिलनाडों के अंदर कि फुल फ्लेजडली आ रहे यह उस तरह के नहीं है
04:54कि step back करेंगे या आदा इदर रहेंगे आदा उदर रहेंगे वो वाला नहीं
05:13केशो जी के पास चलते हैं साकरी सवाल को लेकर लेकिन उससे पहले मैं भी अपनी कुछ बात जोड़ना चाहता
05:19हूँ
05:19केशो जी मैं तमिल राजनीती को कवर करने और एक पत्रकार को पढ़ रहा था उन्होंने लिखा था कि रजनी
05:26कांद के पास भी मौका था विजय वाला
05:27रजनी कांद असल में विजय से भी बड़े सुपरिस्टार थी तमिल फिल्मों के लेकिन वो मौका था उनके पास 90
05:33के दशक में जब उनकी लोग प्रेता अपने चरम पड़ थी लेकिन रजनी कांद उस वक्त उन्होंने राजनीती माना चुना
05:39नहीं इसके साथ उन्होंने �
05:40एक और गलती की है रजनी कांद कभी भी अपनी राजनीतिक धारा बना नहीं पाए वो बीजेपी के भी करीबी
05:45बने रहे हमेशा योगी जी के पैर छू लेते हैं राम मंदिर के शुभारब में भी जाते हैं और इसके
05:51लावा उनक्या AIA DMK से भी अच्छा संबन रहा लेकिन
05:54हमें विजे ने पनी राजनीतिक धारा पहले ही बता दी कि देखो वैचारिक तोर पर मैंगे बीजेपी का विinedhi हूं
05:59मुझे इस चाले के राजनीति की पसंड नहीं है मैं इनका राजनीतिक विरोधी हूँ आपको क्या नजर आता है कभी
06:05रजनी कांद विजे क्यों नहीं ब
06:27पसंद किया रहा हूं यह तो पसंद किया रहा है कि उनको पसंद किया रहा है कि फिल्मों से आये
06:38और M.G. रामचंड्रन ने तो कभी नहीं का रहा है कि फिल्मों में काम करना छोड़ेंगे जाय लालिटा राजनीती
06:44में जब आए тут ले कि a वन्हें
06:59ना एक फिल्मों में भी कम करता है, मैं दो-तीन उदाहरनों के साथ अपनी बात कहूंगा, सबसे पहले आते
07:06हैं, फिर अजनी कांट पर, उसके बाद कमल हसर की बात होगी, आपने विजय कांट का भी नाम लिया, for
07:14that matter, खुश्बू सुंदर भी है, सीमन है, जो एक अलग अपनी
07:29परचन, शाहरुख खान, दिलिव कुमार के कदवाले अविनेता नहीं है, वो MGR, N.T. रामाराओ के कदवाले अविनेता नहीं है,
07:36तो जब अगर आपके पास खुश्बू सुंदर है, इनके पास भी उदेन इडिय स्टालीन है, तो ऐसे नेताओं की मतलब
07:42भरमार है, उनकी
07:43कोई जरूरत इस तरह से ड्राइब करने के लिए नहीं है किसी भी पार्टी को, अब आते हैं रजमी कांथ
07:52पर, यह कहना गलत है कि रजमी कांथ ने वह मौका खो दिया, वह 90 के दौर में आते, तो
07:59बड़ी जीत हासिल करते, 90 के दौर में रजमी कांथ की जितनी पॉप्लरि�
08:07दौरिटी 2000, 2010 के द दौर में रजमी कांथ की रही है, उनकी संबसे बड़ी hits देखें, तो 90 के
08:13दौर में नहीं आई है, उनकी संबसे बड़ी hits कों सी है, रोबो, इनदी रन, तमिल
08:20जो इंडीरन के नाम से बनी है, वो है सबसे बड़ी हिट, वो तो 2000 के दसक में आई है,
08:262010 में आई है शायर वो फिल्म, और क्या इसके वो भी हो सकती है कि उस दोर में करणादी
08:32जिंदा थे, जलेलता का अपना एक परभाव था, अभी वो इस पेस खाली हुआ है, नहीं, मैं जो
08:46108 सीटे आप देख रहे हैं विजय की, वो 208 सीटे हो सकते हैं रजनी कांत की होती, लेकिन जो
08:53लोग लोग प्रियता की शिखर पर होते हैं, उन्हें लोग प्रियता कोने का भय होता है, जो बात आप कह
09:00रहे हैं जर अवेभब, कभी अन्ना द्रमुक के पास चले जाते हैं, क�
09:16और जब आप राजनीती के मैदान में उतरेंगे, तो सभाविक है कि आपका विरोध भी होगा, रजनी कांत के विरोध
09:23में सोचल मेडिया पर कुछ फैन पेज बन गये थे, उनका विरोध सुरू हो गया, अब रजनी कांत डर गए,
09:31उन्हें लगा कि जो उनकी लोग प्रियत
09:33है ये कमिनेता के रूप में, नेता के रूप में वो लोग प्रियता कम से कम एक साइड से वो
09:39खो देंगे, कोई आपका प्रसंसक होगा, राजनीती में कोई ने कोई विरोधी तो होगा है, जबकि एंटायर तमिलनाड, across the
09:48communities, सब रजनी कांत के प्रसंसक ही है, आपको मैं एक
09:52और बात बता दूँ, और ये अतिश्यक्ती नहीं है, या ओन लाइनर फकाऊ जोक भी नहीं है, सच में, जब
09:59रजनी कांत की फिल्म रिलीज होती है, लोग अपने फूट वेर उतार के जाते हैं थियेटर में, इतनी बड़ी दिवानगी
10:06है रजनी कांत को लेकर के, लेकिन ल
10:22लिया, वो अपनी पाटी बनाने का वादा करके पाटी खतन कर देते हैं बनने से पहले ही, एक बात ये
10:29हुई, इस क्यालीबर का दूसरा अगनेता, जो राजनीत के मैदान में पिछले कुछ समय में आते हैं, वो है कमल
10:37हासन, यह कहना भी गलत होगा, कि कमल हासन क्लासिकल एक
10:52में क्या आग रहा है, क्या उनको कमजोर अभीनेता माना जाता है, क्या उनकी फिल्में नहीं चलती है, सर लेकिन
10:58उतने बड़े भी तो नहीं है, जितने विजय या फिर रजनी कांथ, नहीं, रजनी कांथ के समकष है कमल हासन,
11:04विजय से तो कुछ खाचे ऊपर ही आते हैं, �
11:07लेकिन देखे, मैंने, वहब अगर आपको याद हो, तो आज के इस सत्र के सुवात में ही मैंने ये बात
11:12कह दी थी, फिर से कहता हूँ, कि वो सारे बड़े अभीनेता, मैं विजय कांथ की सीमन की खुश्बू सुंदर
11:19की बात नहीं कह रहा, मैं टिपिकली कमल हासन और रजन
11:36प्रियता खोने का, अब कमल हासन राजनित में आभी जाते हैं, तो वो DMK से अपनी निकटता दिखाते हैं, अब
11:46लोगों के सामने ये प्रस्न है, कि वो जब कमल हासन ही DMK है, तो वो डारेक्ट DMK कोहीं तू
11:52न चुनी, अब आते हैं बात विजय पर, विजय ने शुरुआत
11:59से हैं ये clarity रखी, वो clarity ये थी, कि मैं DMK का विरोधी हूँ, दूसरी clarity उन्होंने ये भी
12:07रखी, कि मैं BJP का विरोधी हूँ, क्योंकि जैसे ही तमिलनाड की जनता को ये लगेगा, कि ये DMK का
12:15विरोध कर रहे हैं, और भारतिय जनता पार्टी के साथ जा रहे हैं, तो उनके हा
12:28बहुत बड़ी राजनितिक परिपक्वता का परिचय देते हुए, भारतिय जनता पार्टी के तरफ से मिले हुए गठबंधन के प्रस्ताव को
12:37नकार दिया, और इसकी वजह से हैं, केशोर जी, जो 10-12 फिजदी संख्यक वोटर हैं, हिसाई और मुसलिम, उनका
12:44भी समर्थन �
12:44तरफा मिला है विजह को, बिल्कुन, उस पर भी आता हूँ, उससे पहले तो क्या हुआ कि विजह पी विरोधी
12:49जो वोट है, वो DMK से इनकी तरफ शिप्ठ हुआ, DMK से नाराज़गी वाला वोटर जो है, वो भी इनकी
12:58तरफ शिप्ठ हुआ, विजह की तरफ, अब आते हैं
13:01विजह ने तमिलनाद में एक नया नियो वोटर ग्रूप क्रियेट किया है, वो है CDA, C मतलब Christian, D मतलब
13:13दलित, A मतलब अलपसंख्यत, अगर इनकी विजह भी से निकरता दिखती, तो अलपसंख्यत वोट तो किसी हालत में नहीं मिलते,
13:20और तमिलनाद में बहुत संख्यत वो
13:31से दलितों के उत्पीरण की जो कहानिया सामने आ रही थी, एक नाराजगी थी, जिसका लावी ने मिला, और एक
13:38बात मैं बहुत जोखिम लेकर आपके सो में बोल रहा हूँ, वो ये है कि तमिलनाद की डेमोग्रेफी बदली है,
13:46मिसिनरी जो वहाँ पर सक्रिये हैं, उसके का
14:01सर, समय की खोड़ा कमी है, सर, आखरी सवाल भी आप से ले लेता हूँ, आखरी तो मैं कही बार
14:06बोल चुका हूँ, लेकिन यह वाला सवाल आखरी ही होगा, वो ये कि अगर 2016 में जैललता की बिमारी से
14:11मौत ना हुई होती, अगर करुणा नेदी 2018 में ना मरे होते, ये दोनों
14:27सिंग सिंदू, वो कहते हैं कि अगर हमारे चाची की मूचे होती तो मैं उन्हें चाचा ना कहता, अगर आज
14:34की तारिक में जैललता मैदान में होती, करुणा नेदी मैदान में होते, तो क्या पता, विजय शायद मैदान में ना
14:41आते, लेकिन मुझे लगता है कि अगर ये द
14:57तमिलनाड ने अम्मा को लेकर दिवानगी रही है, हलांकि तमिलनाड का ये चरित्र भी रहा है, कांग्रिस के अवसान के
15:03बाद और खास करेंजियार के अवसान के बाद के हैं, तो एक बार इनको सत्ता मिलती है, दूसरी बार उनको
15:08मिलती है, सत्ता हर अल्टरनेटिव टर्म मे
15:11प्रांस्फर हो जाती है लेकिन यहां करिस्मा भी अम्मा नहीं किया है
15:152016 में उनकी सरकार भापर रिपीट होती है
15:20तो इस बात की संभावना जरूर होती कि अगर आज की तारिक में
15:24अम्मा और कलेंगर होते तो शायद विजय को इतनी बड़ी सफलता नहीं मिलती
15:41प्रांस्टा
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