Skip to playerSkip to main content
Ek gareeb baap apni beti ke sath police station gaya tha…
लेकिन वहाँ मौजूद इंस्पेक्टर ने सबके सामने उनकी बेइज्जती कर दी। 💔

Beti yeh sab chup chaap dekhti rahi…
लेकिन उसने ठान लिया कि अब वह अपनी पहचान खुद बनाएगी।

Din raat mehnat karke us ladki ne woh mukaam hasil kiya…
jahan ek din wahi inspector uske samne salute karne par majboor ho gaya 😳🔥

👉 Seekh:
Kabhi kisi ko kamzor samajh kar uski beizzati mat karo…
क्योंकि वक्त सबका बदलता है।

Agar aapko emotional aur motivational kahaniyan pasand hain,
to channel ko subscribe zaroor karein ❤️

#TrueStoryZone #EmotionalStory #MotivationalKahani

Category

😹
Fun
Transcript
00:00एक बाप के सामने जब एक इंस्पेक्टर ने उसकी जवान बेटी को छीड़ने की कोशिश की तो उस लड़की ने
00:06पलट कर जो किया उसे देख कर वहां खड़े सभी लोगों का कलीजा धड़कने लगा
00:11एक व्यस्त बाजार का दिन कहानी की शुरुवात एक आम बाजार से होती है लोग खरीदारी कर रहे हैं और
00:17विक्रेता अपना सामान बेच रहे हैं एक कोने में रामलाल अपनी छोटी सी चाय के दुकान पर चाय बना रहा
00:24है उसकी 20 साल की बेटी अंजली कॉलेज से आकर उसकी
00:39हुए नहीं पापा थोड़ी देर आपके मदद कर देती हूँ वैसी भी मुझे आपके हाथ की चाय बहुत पसंद है
00:45तभी एक पुलिस जीपा कर रुख जाती है उसमें से घमंडी इंस्पेक्टर राठोर उतरता है उसे देखकर आस पास के
00:52दुकान दार थोड़ा सहम जाते
00:53राठोर अकड़कर चलता हुआ रामलाल के दुकान पर आता है राठोर अंजली को घूटते हुए ए बुढ़े चाय बना एक
01:00कड़क और एक ओन है नहीं नोकरानी रखिये गया रामलाल हाँ जुड़कर ड़ते हुए नई साब ये मेरी बेटी है
01:07अंजली कॉलेज में पढ़
01:23गुस्से से उसे घूरती है लेकिन चुप रहती है वो चाय बनाने लगती है राठोर चाय पीता है और पैसे
01:30दिये बिना जाने लगता है अंजली हिम्मत करके अब excuse me inspector चाय के पैसे राठोर रुख जाता है और
01:38पलट कर उसे ऐसे देखता है जैसे उसने कोई बड़ा अपरा
01:45पैसे मांगेगी जानता नहीं मैं कौन हूं इस इलाके का इंचार्ज हूं हफता नहीं देते तुम लोग उपर से चाय
01:53के पैसे मांग रहे हो रामलाल घबरा कर माफ कर दो साहब बच्ची है गलती हो गई आप जाईए राठोर
02:02अंजली के करीब आते हुए बच्ची नहीं है
02:04ये बहुत जुबान चला रही है नाम क्या बताया अंजली सुन अंजली अगर रात को ठाने में एक कप चाय
02:13पिला दे तो तेरे बाप का पूरा करजा माफ हो जाएगा ये सुनकर अंजली का खून खौल उपता है रामलाल
02:21के चेहरे पर हवाईया उड़ने लगती है अंजली
02:24चीक कर तमीज से बात करो वर्दी पहनी है इसका मतलब ये नहीं कि किसी की इज़त से खिलवार करोगे
02:30राठोर अंजली का हाथ पकड़ने की कोशिश करते हुए ओहो गुसा भी आता है मुझे तो ऐसी ही लड़किया पसंद
02:38है चल आज तुझे मैं बताता हूँ कि एक इंस्
02:54अमत कैसे हुई तुम्हारी मुझे हाथ लगाने की धक्का इतना जोरदार था कि राठोर अपना संतुलन खो बैठता है और
03:00जमीन पर गिर जाता है उसकी टोपी दूर जा गिरती है बाजार में सब लोग ये देखकर चौंक जाते हैं
03:06और दुकान के चारो और भीर जमा होने
03:08लगती है लोग खड़े होकर देख रहे हैं कुछ लोग अपने फोन से वीडियो बना रहे हैं इंस्पेक्टर राठोर नीचे
03:15जमीन पर गिरा हुआ है वो हैरान और अपमानित महसूस कर रहा है उसकी आखों में डर और गुस्सा दोनों
03:21है राठोर जमीन से उठने की कोशि�
03:24करते हुए तेरी यह हिम्मत मैं तुझे मैं तुझे नहीं चोड़ूंगा लेकिन अंजली का गुस्सा सात्वे आसमान पर है उसकी
03:32आखे लाल है वो एक घायल शेरनी की तरह देख रही है उसकी नजर पास में रखे एक बड़े से
03:37नीले प्लास्टिक के ड्रम पर पढ़ती ह
03:39जो आधा भरा हुआ है वो बिना सोचे गुस्से में उस ड्रम की और बढ़ती है भीड में फुसफुसा हट
03:46शुरू हो जाती है अरे ये लड़की क्या करने वाली है इंस्पेक्टर को मार देगी क्या अंजली अपनी पूरी ताकत
03:52लगा कर उस भारी नीले ड्रम को दोनों हा
04:08आवास नहीं हो तक एक 20 साल की लड़की ऐसा कर सकती है राठोर डर से कांपती आवाज में अरे
04:15अरे ये क्या कर रही है पागल हो गई ये क्या छोड़ दें से अंजली दहारती है उसकी आवाज में
04:21दर्द और गुस्सा भरा हुआ है चिलाते हुए आम लड़की समझा था न
04:38अंजली डर्म को राठोर के शरीर पर फेकने के लिए जूर लगाती है राठोर अपनी आखे बंद कर लेता है
04:44उसका चेहरा डर से सफिद पढ़ गया है भीड में सननाटा चा जाता है ऐसा लगता है जैसे समय रुख
04:50गया हो लेकिन इससे पहले कि वो डर्म फेके उसके पित
05:08कापने लगते हैं वो नीजे डरे हुए इंस्पेक्टर को देखती है फिर अपने रोते हुए पिता को भीड उसे ही
05:13देख रही है वो एक लंबी कांपती हुई सांस लेती है और जोर से डर्म को राठोर के बगल में
05:18जमीन पर पढ़क देती है डर्म के जमीन पर गिरने से ए
05:35लड़की कमजोर नहीं होती अगली बार किसी की इज़त पर हाथ दालने से पहले ये दिन याद कर लेना तब
05:41तक भीड में से किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर दिया होता है एक सीनियर आफिसर की गाड़ी
05:46का सैरन सुनाई देने लगता है भीड अब अंजली के प
06:05कर तरीका सही था अपनी राय कमेंट में पर चाहरा है
Comments

Recommended