00:00एक बाप के सामने जब एक इंस्पेक्टर ने उसकी जवान बेटी को छीड़ने की कोशिश की तो उस लड़की ने
00:06पलट कर जो किया उसे देख कर वहां खड़े सभी लोगों का कलीजा धड़कने लगा
00:11एक व्यस्त बाजार का दिन कहानी की शुरुवात एक आम बाजार से होती है लोग खरीदारी कर रहे हैं और
00:17विक्रेता अपना सामान बेच रहे हैं एक कोने में रामलाल अपनी छोटी सी चाय के दुकान पर चाय बना रहा
00:24है उसकी 20 साल की बेटी अंजली कॉलेज से आकर उसकी
00:39हुए नहीं पापा थोड़ी देर आपके मदद कर देती हूँ वैसी भी मुझे आपके हाथ की चाय बहुत पसंद है
00:45तभी एक पुलिस जीपा कर रुख जाती है उसमें से घमंडी इंस्पेक्टर राठोर उतरता है उसे देखकर आस पास के
00:52दुकान दार थोड़ा सहम जाते
00:53राठोर अकड़कर चलता हुआ रामलाल के दुकान पर आता है राठोर अंजली को घूटते हुए ए बुढ़े चाय बना एक
01:00कड़क और एक ओन है नहीं नोकरानी रखिये गया रामलाल हाँ जुड़कर ड़ते हुए नई साब ये मेरी बेटी है
01:07अंजली कॉलेज में पढ़
01:23गुस्से से उसे घूरती है लेकिन चुप रहती है वो चाय बनाने लगती है राठोर चाय पीता है और पैसे
01:30दिये बिना जाने लगता है अंजली हिम्मत करके अब excuse me inspector चाय के पैसे राठोर रुख जाता है और
01:38पलट कर उसे ऐसे देखता है जैसे उसने कोई बड़ा अपरा
01:45पैसे मांगेगी जानता नहीं मैं कौन हूं इस इलाके का इंचार्ज हूं हफता नहीं देते तुम लोग उपर से चाय
01:53के पैसे मांग रहे हो रामलाल घबरा कर माफ कर दो साहब बच्ची है गलती हो गई आप जाईए राठोर
02:02अंजली के करीब आते हुए बच्ची नहीं है
02:04ये बहुत जुबान चला रही है नाम क्या बताया अंजली सुन अंजली अगर रात को ठाने में एक कप चाय
02:13पिला दे तो तेरे बाप का पूरा करजा माफ हो जाएगा ये सुनकर अंजली का खून खौल उपता है रामलाल
02:21के चेहरे पर हवाईया उड़ने लगती है अंजली
02:24चीक कर तमीज से बात करो वर्दी पहनी है इसका मतलब ये नहीं कि किसी की इज़त से खिलवार करोगे
02:30राठोर अंजली का हाथ पकड़ने की कोशिश करते हुए ओहो गुसा भी आता है मुझे तो ऐसी ही लड़किया पसंद
02:38है चल आज तुझे मैं बताता हूँ कि एक इंस्
02:54अमत कैसे हुई तुम्हारी मुझे हाथ लगाने की धक्का इतना जोरदार था कि राठोर अपना संतुलन खो बैठता है और
03:00जमीन पर गिर जाता है उसकी टोपी दूर जा गिरती है बाजार में सब लोग ये देखकर चौंक जाते हैं
03:06और दुकान के चारो और भीर जमा होने
03:08लगती है लोग खड़े होकर देख रहे हैं कुछ लोग अपने फोन से वीडियो बना रहे हैं इंस्पेक्टर राठोर नीचे
03:15जमीन पर गिरा हुआ है वो हैरान और अपमानित महसूस कर रहा है उसकी आखों में डर और गुस्सा दोनों
03:21है राठोर जमीन से उठने की कोशि�
03:24करते हुए तेरी यह हिम्मत मैं तुझे मैं तुझे नहीं चोड़ूंगा लेकिन अंजली का गुस्सा सात्वे आसमान पर है उसकी
03:32आखे लाल है वो एक घायल शेरनी की तरह देख रही है उसकी नजर पास में रखे एक बड़े से
03:37नीले प्लास्टिक के ड्रम पर पढ़ती ह
03:39जो आधा भरा हुआ है वो बिना सोचे गुस्से में उस ड्रम की और बढ़ती है भीड में फुसफुसा हट
03:46शुरू हो जाती है अरे ये लड़की क्या करने वाली है इंस्पेक्टर को मार देगी क्या अंजली अपनी पूरी ताकत
03:52लगा कर उस भारी नीले ड्रम को दोनों हा
04:08आवास नहीं हो तक एक 20 साल की लड़की ऐसा कर सकती है राठोर डर से कांपती आवाज में अरे
04:15अरे ये क्या कर रही है पागल हो गई ये क्या छोड़ दें से अंजली दहारती है उसकी आवाज में
04:21दर्द और गुस्सा भरा हुआ है चिलाते हुए आम लड़की समझा था न
04:38अंजली डर्म को राठोर के शरीर पर फेकने के लिए जूर लगाती है राठोर अपनी आखे बंद कर लेता है
04:44उसका चेहरा डर से सफिद पढ़ गया है भीड में सननाटा चा जाता है ऐसा लगता है जैसे समय रुख
04:50गया हो लेकिन इससे पहले कि वो डर्म फेके उसके पित
05:08कापने लगते हैं वो नीजे डरे हुए इंस्पेक्टर को देखती है फिर अपने रोते हुए पिता को भीड उसे ही
05:13देख रही है वो एक लंबी कांपती हुई सांस लेती है और जोर से डर्म को राठोर के बगल में
05:18जमीन पर पढ़क देती है डर्म के जमीन पर गिरने से ए
05:35लड़की कमजोर नहीं होती अगली बार किसी की इज़त पर हाथ दालने से पहले ये दिन याद कर लेना तब
05:41तक भीड में से किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर दिया होता है एक सीनियर आफिसर की गाड़ी
05:46का सैरन सुनाई देने लगता है भीड अब अंजली के प
06:05कर तरीका सही था अपनी राय कमेंट में पर चाहरा है
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