00:00Hmm, just imagine it, it's the year of 2026.
00:04Yes, absolutely.
00:04One side of today's generation has a panic attack, and on the other side,
00:10there are no modern therapy or new AI tools, but the 16th century written in the same language in the
00:17same language is viral.
00:20And they are also on the TikTok and Instagram Reels.
00:22Yes, it's true.
00:31Yes, it's true.
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08:26Yes, yes.
08:56कि 2026 में कुछ बड़े wellness apps भूत, पिसाच, निकट नहीं आवे वाली line का इस्तमाल
09:04किसी असली भूत को भगाने के लिए नहीं बलकि anxiety management के लिए कर रहे हैं
09:09अरे वाँ और बलबुधी बिद्या देहु मोही वाली line के इस्तमाल, motivation और deep work से पहले focus set करने
09:16के लिए हो रहा होगा
09:17बिलकुल वही, दिमाग आज भी उसी तहरा काम करता है जैसे 500 साल पहले करता था, उसे शान्त होने के
09:24लिए एक anchor चाहिए
09:25सही बात है
09:26लेकिन मेरा एक सवाल है, मान लीजे के कोई व्यक्ती ऐसा है जो आज के भाग दोड़ भरे schedule में
09:32फसा है और भक्ती या ध्यान में बिलकुल नया है, वो इस अपनी दिन चर्या में कैसे शामिल करें
09:38sources के अधार पर इसके बहुत ही practical tips हैं, इसे एक morning gratitude ritual यानी सुबह के आभार व्यक्त
09:45करने की दिन चर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है
09:47सिर्फ सुबह के वाक्त
09:49नहीं, कारेस्थल पर भी किसी भी कठिन काम या meeting से पहले इसका part मन को शान्त करता है और
09:55focus बढ़ाता है
09:56अच्छा, मतलब काम के बीच में भी कर सकते हैं
09:58बिलकुल
09:59स्रोक्त बताते हैं कि कोई से दिन में 7 बार पढ़ सकता है focus के लिए
10:03और अगर कोई इंसान गहरी मानसिक शान्ती चाहता है या किसी बिमारी से recovery कर रहा है
10:09जैसे ना से रोग, हरे, सब, पीरा में कहा गया है तो इसे 108 बार जाप करने का विधान है
10:16फोकस और मानसिक शान्ती तो ठीक है, लेकिन जो इंसान वाकर कई किसी बड़ी मुसीबत में फसा है, वहाँ सिर्फ
10:22शान्ती से काम नहीं चलता
10:24जो सीता जी द्वारा दिये गए अश्ट सिध्धी और नवनिधी के वर्दान की बात है, क्या वो जीवन के इन
10:30वास्तविक संघर्षों में कोई काम आती है?
10:33स्रोतों में ऐसी कई प्रेनादाय कहानिया हैं, जहां इस पार्ट ने लोगों के जीवन की दिशा ही बदल दी, ये
10:39मोक्ष या मुक्ती का मार्ग प्रशस्त करता है
10:42हाँ, मैंने स्रोतों से कुछ मिनी स्टोरीज पढ़ी जो सच में हैरान कर देने वाली है
10:46एक महिला का वाक्या था जिसने 40 दिन पाठ का संकल्प लिया और बंदरों द्वारा मंदिर तक सुरक्षित पहुचाए जाने
10:54के बाद उसने सफलता पूर्व गर्भधारन किया
10:57ये बहुत ही मार्मिक कहानी है
10:59एक और कहानी उस छात्र की थी जो परिक्षा में लगातार फेल हो रहा था
11:04उसने पाठ से आत्मविश्वास हासिल किया और एक्जैम में टॉप कर लिया
11:09और सिर्फ हेल्थ ये पढ़ाई नहीं
11:10हाँ, एक व्यक्ति था जिसने दिन में साथ बार पाठ करके
11:15खुद को एक टॉक्सिक और अब्यूजिव सरिष्टे से बाहर निकाला
11:18और एक कीमोथ हेल्पी ले रहे
11:20कैंसर पेशिंट की कहानी थी
11:22जिसने एक सो आठ बार जाप करके
11:24उस गंभीर बेमारी से उभरने की
11:27ताकत जुटाई
11:28तो इस सब का आखिर क्या मतलब निकलता है
11:30वही तो मैं सोच रही थी कि क्या ये सच में कोई जादू है
11:33इससे एक बहुत महतुपून सवाल खड़ा होता है
11:35जो सद बार पाठ कर कोई पंक्टी केवल
11:38चमतकार की बात नहीं करती
11:39महारशी पतंजली के योग सूत्रों में
11:41एक कंसेप्ट है इश्वर प्रनीधान
11:44यानि पूरी तरह से समर्पन
11:46हम, टोटल सरेंडर
11:47हाँ, ये पार्ट उसी समर्पन को दर्शाता है
11:50जो डर को पूरी तरह खतम कर देता है
11:53और इंसान को असीम सपश्टा
11:55और शक्ती देता है
11:56जब इंसान डर से आजाद होता है
11:58तभी उसे सफलता मिलती है
12:00ओ, मतलब जब हम सरेंडर कर देते हैं
12:03तो पैनिक खतम हो जाता है
12:04और हमारा दिमाग वो solution देख पाता है
12:07जो डर की वज़ा से दिखने ही रहा था
12:11यही वो सिध्या है जो हमारे भीतर छिपी है
12:13यह सफर सच में mind-blowing रहा है
12:16सोलवी सधी की एक जेल से लेकर
12:19आज के टिक-टॉक wellness apps
12:21और हमारी anxiety को दूर करने तक का यह सफर
12:24बिलकुल
12:24इस चर्चा ने यह साबित कर दिया है
12:27कि यह पाठ केवल कोई पुराना अनुष्ठान नहीं है
12:30बलकि यह भक्ती, कर्म और ग्यान का एक बहुत ही शक्ति-शाली मिश्रण है
12:35और सबसे अच्छी बात यह है कि यह किसी खास उम्र तक सीमित नहीं है
12:39इनसान को अपने डर से आजाद होने का जवाम इन चालीस चौपाईयों में मिल जाता है
12:44और अब इस गहरे विशलेशन को खत्म करते हुए
12:47सुनने वालों के लिए एक सोचने पर मजबूर करने वाला विचार छोड़ना चाहूंगी
12:51जी बिलकुल
12:52सुरोतों के अनुसार चालीसा का अंतिम दोहा इश्वर को सीधे हमारे हृदय में स्थापित करता है
12:58अगर लेबध उच्चारण और 108 अक्षरों का विज्ञान हमारे दिनाग की वायरिंग को बदल कर
13:05हमें आधुनिक भूत पिशाच यानि एक्जाइटी और स्ट्रेस से बचा सकता है
13:11तो जरा सोचिए लगातार 40 दिनों के फोकस और पूर्ण समर्पन से हमारे भीतर सोई हुई
13:18और कौन सी सिध्या या क्षमताएं जाग सकती हैं जिनके बारे में हमें शायद अभी तक पता ही नहीं है
13:24इस सवाल का जवाब खोजने के लिए आपको खुद अन्वेशन करना होगा
13:28आज के लिए बस इतना ही
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