00:00कि किशो जी आपसे भी सवाल का जवाब लूँगा कि कई लोग कह रहे हैं कि 2021 वो आखरी मौका
00:06था जब ममता बनर जी एगर थोड़ा बहुत सुधार करती अपनी पार्टी में तो ऐसे दिन तो देखने को ना
00:11मिलती है
00:11हमने देखा है कि भारत के कई सारे राज्यों में जो पार्टी लंबे समय तक शार्षन किये जैसे गुजरात में
00:17बीजेपी कर रही है लंबे वक्से 1995 से लगातार उनकी सरकार चलती ही आ रही है तो बीजेपी क्या करती
00:23है समय समय पर पूरा वहां का सरकार ही बदल देती है चे
00:41क्या लगता है क्या 2021 में जब ममता को लग गया था कि बीजेपी बहुत गंभीरता से आ चुकी है
00:4621 में उनको हराने कोशिश कर चुकी है मात खा गई अगर उस वक्त के बाद से ही वो पार्टी
00:51में बदलाव लाती ही और जिन नेताओं के प्रत बहुत नाराजगी है जनता में
00:55उनके टिकट काटती हैं या क्या-क्या ऐसा कुछ करती हूँ कि आज उनको ये सब ना देखने का पड़ता
01:00है जी आप से सवाल है उसके बाद हम चलेंगे विक्राम देखिश के बाद है जो गलती इन फैक्ट जो
01:08चीज त्रेनमूल के लिए सही बैठी थी उसको इस बार उन्
01:24किसका candidate list TMC का उन्होंने कई सारे कद्दावर नेताओं के टिकेट काट दी जी उन्होंने मनोज तिवारी जैसे नए
01:32लोगों को जो क्रिकेट खेला करते थे उस तेमें उनको टिकेट दिया था और अपने कई सिपाह सालार को पार्टी
01:40से बाहर का रास्ता पार्टी से बाहर क
01:53की हो सकती थी उनको अपनी पार्टी में ले लिया अपनी संभावनाय खराब कर लिए टीमसी ने उसको आफलोड कर
01:59दिया नए लोगों को लाया जो काम गुजरात में भारते जनता पार्टी की सरकार कर चुकी थी और अने कई
02:05परदेशों में उत्राखन में भी जी वही टीम
02:09सीनी उहां पर किया, नेतर्ट में मम्ताब अनरजी में लोगों का भरोसा तब तक कायम था, और आम सियोर अभी
02:15भी जो प्रतिरोध की आवाज उठ रही है, मम्ताब अनरजी एक हिलाफ उतनी मुखरतास नहीं उठ रही है, अभीशेक बनरजी
02:21खिलाफ जादा मुखरतास उठ �
02:23तो मम्ताब नर्जी सिर्ष पर बनी रही लेकिन अंदर सब कुछ बदल दिया उन्होंने उसका फायदा भी उनको मिला लेकिन
02:28अब जो कहरे हैं वो प्रैक्टिस करना चाहिए था जो सत्ता विरोधी लहर होती है उसको कम करने के लिए
02:35यह प्रयास किया जा सकता था लेकिन उसस
02:51लगने ले गया बहुत संख्यक समाज को अब देखिए क्या हुआ था एक जो भूतपुर प्रधानमंत्री थे मनमोहन सिंग उन्होंने
02:58कुछ और कहा था जी मतलब कुछ और निकाला गया मतलब कुछ और निकाला गया कि देश के संसाधनों पर
03:02पहला हकुन का है अब इस स्ट
03:13स्टेटमेंट का जो इंटरपर्टेशन था उनकी जो व्याक्षा थी उसका उसकी भी एक भूमिका रही तो जो बहुत संख्यक वर
03:21गया उसमें नाराजगी फैले गही और उस नाराजगी को फैलाने के लिए बीजेपी की मैसिनरी उहां पर सक्रिये थी उनका
03:29काम है वो करें
03:33दूसरी बात पार्टी के बड़े बरेनेता क्यों त्रिन मूल से खफा हो रहे थे रास्ते अलग कर रहे थे फॉर
03:41डाट मेंटर शुवेंदू अधिकारी भी उन कह सकते हैं कि उन पर कुछ आरोप थे दवाव था जो भी हो
03:46लेकिन असल वजह पार्टी में परिवारवाद थ
03:54के बाद टीमसी में नंबर टू हुआ करते थे अभिशेक बनर जी के उदे के बाद वो पीछे धके ले
04:00जाने लगे उने छोड़ दिया तो तुस्टी करन परिवारवाद और इस तुस्टी करन की वजह से साशन तंत्र कमजोर हो
04:11गया पस्चिम मेंगाल में जो मम्ता बनर जी
04:13एक कठोर परसासक के रूप में देखी जा रहे थी तो क्योंकि 15 सालों की सत्ता है जो सत्ता के
04:20सहभागी होते हैं वो निरंकुष होते जाते हैं लोगों पर जो अत्याचार हो रहा था उसको मम्ताब एनर जी ने
04:28उस तरह से कंट्रोल नहीं किया और तीसरी बात मम्ताब एनर
04:43जिसके हम काफी चर्चा कर चुके महिला वोट में लेकिन आरजी कर जैसे मामले में मम्ता बेनर्जी सरकार का जैसा
04:50रवया रहा है देखिए वो एक लहर होती है आप देखिए कि निर्वया का किस दिल्ली में पुलिस प्रशासन मुख्यमंत्री
05:00के अधिन नहीं होता है फिर भी
05:13नियाई करना ही नहीं चाहिए नियाई करता हुआ दिखना भी चाहिए तो आरजी कर जैसे मामले हुए बसीर हाट जैसे
05:20मामले हुए उहां पर जो महिलाओं पर अत्याचार के मामले थे जो उनके साथ बद्शलू की व्यविचार किया जा रहा
05:28था उसको लेकर ममता बेनर्ज
05:40से यूणों सिर्फ टिकेटों के बटवारे में नहीं हुई और भी कई सारी गल्तिया हुई है जिसका खाम्याजा दोजार चब्विस
05:48में उनको भुगतना परा है और दोजार चब्विस में भारते जन्ता पार्टी ने क्या किया दोजार इकिस में त्रिनमूल से
05:56आये हुए व
06:10तो मैं फिर से कहता हूँ चाहे आपको किसी विचारधारा से सहमती है क्या नहीं है वो एक अलग बात
06:16है लेकिन विचारधारा की राजनेटी अभी भारत में चिरस्थाई है अगर आपको राजनेटिक अस्थाई तो चाहिए तो विचारधारा से बंधना
06:26ही परेगा और यह
06:40वो पस्चिम मंगाल में हो या फिर पुर्वोत्तर के राज्यों में उनको जो वहां के प्रभावशाली दल हैं या समुदाय
06:49हैं उनसे उनको गठबंधन करना परे लेकिन जब फिर यहां आएंगे तो अपने उसी कोर हिंदुत्तों विचाधारा के साथ रहेंगे
06:58पस्चिम मं
07:10सीख है और वहीं पर देखिए बीचारधारा की बात जहां होती है देखिए दोनों जगह चुनाव की हार हुई चुनाव
07:16में सत्ताधारी दल की हार हुई है ना जी पस्चिम मंगाल में यह इस्तिती है तमिलाडु में देखिए जो दरवडियन
07:22राजनीती में विश्वास र
07:39करना और हो सकते है दोहजार इकतिस में वो फिर से बाउंस बैक करें लेकिन ममताब एनरजी के सामने प्रस्ण
07:45है इनकी ने कोई विचाल हा रहा थी ने इनका कोई एकवाल रह गया था सरकार का वोट बैंका ले
07:51दे करके उनके पास माइनरिटी रह गया अब इनके राजनीति
08:07करता जाएंगे कहां ना जनता में स्विकारेता है इस सारी चीजे अब एक साथ आ गई है जिसका खाम्याजा इस
08:14समय त्रेनूल कांग्रेस को भुगतना पर रहा है और मुझे इसमें बहुत जादा आस्चरे भी नहीं होगा है जब सब
08:20कुछ इनमें खतम ही होता जा रहा है �
08:23अब इनके पास ममताब एनर्जी के पास क्या बचा हुआ है कुछ गिनकर साथ आठ सांसद और बीस से पचीस
08:31विधायक अब उनको ले करके क्या करेंगी अब अविशेक वेनर्जी को राजनित में अस्थापित करने के लिए मुझे लगता है
08:40ममताब एनर्जी और टी-मसी ए
08:44और शायद यह हुआ ऐसा की कांग्रेस हो सकते हैं यह मेरा अगला सवाल भी था यह देपी कांग्रेस का
08:49कोई ऐसा कहते है कि आधार नहीं बचा है फस्टी मंगाल में लेकिन याद रखिए कि आज भी लोग सभा
08:56चुनाओं में कांग्रेस को 21 परतिसत वोट प्राप्त हुए
08:59हैं तो पूरे देश में कांग्रेस का कुछ ने कुछ आधार है कांग्रेस को भी रिवाइवल के लिए के स्कोप
09:04मिलेगा वन प्लस वन एकल टू तो हो ही जाएगा बिलकुल तो सायद दोनों पार्टियों में यही मंधन चल रहा
09:11होगा विक्रान विक्की जी हमारे साथ जड
09:26अग्दड़ हो नहीं देखने को मिलती पहला सवाल दूसरा सवाल ये कि अगर वो अपने भतीजे के साथ कॉंग्रेस पार्टी
09:32में जाती हैं तो उससे क्या कुछ बदलेगा बंगाल की राजनीती में और देश की राजनीती में क्या कॉंग्रेस मजबूत
09:37होगी फिर से पश्�
09:53ने वह मिस्रा जी उन्होंने सारा गलती काम किया तुष्टि करन की बात करते थी मुस्लिम समुदाय की बात करते
10:05थी ऐसा क्यूं आप एक चोटा सा उधारान में देता हूं बिहार से बहार निये पुर्व मुख मंतरी नितीस कुमार
10:12जी लगभग 20 साल से उपर की सथा हो ग�
10:22कहां कोई दिक्कत है
10:24सभी जाते धर्म को लेके चला
10:25जब भी चुना हो आता है
10:27हमेसा पलस में ही जित होती है
10:30तो अगर ममता बनर जी
10:31यही काम करती है
10:32तो आज भी सत्ता उनके हाथों में रहता
10:35कभी भी देखिए
10:36सिर्फ एक समुदाय की बात करना
10:38एक समुदाय के लिए कारे करना
10:40जैसे अभी है
10:40हमारे प्रिये केशो कंड सर ने बोला
10:43कि मनमोहन सिंग जी ने
10:46लाल किला से भासन में कहा था
10:48कि इस देश के संसाधन पर पहला
10:50दिकार अलप संख्या को कहा है
10:51ऐसा क्यूं यह कहते
10:53कि जो भी करीब हैं
10:55जो भी सोशित बंचित है
10:57उन सब का धिकार हमारे संसाधन
10:59पहले होगा तो आज उनकी
11:01सब्ता रहती है दूसरी बात
11:03कॉंग्रेस से रिलेटेड वार अपने कहा है
11:05कॉंग्रेस है कहां बचा हुआ
11:06अगर अभी 20% 20%
11:09बोट की बात कर रहे हैं तो वहां
11:10जो वेक्ति खड़ा होता है
11:12जैसे हमारे बिहार में एक
11:15जन सुराज पार्टी है
11:16अभी लॉंच किया
11:18परसांत किसोर की
11:19तो वो जो जो कैंडिडेट था
11:22उसका अपना जो वोट था
11:23वोट आता था जिसको जन सुराज कहता है
11:26कि हमारा इतना परसेंट है
11:28उसी तरह से कॉंग्रेस भी
11:29परस्री मंगाल में जो कैंडिडेट थे
11:32उनका अपना वोट उतना आ रहा था
11:34जिसका आण से
11:37परसांत किसोर जी ने उनके लिए
11:46चुनाव कैंपेंड किया था
11:50जिसमें साथ सीट आया
11:51जादा के साथ जड़मन बनाकर
12:04उतरपरदेश में चुनावन लड़ा था उनका अपना वोट बैंक है
12:10तो चलो उनको मिला वोट ओंग्रेस को नहीं मिलता है
12:13कहीं कुछ नहीं है
12:16और राहुल गांदी तो जो जिस तरह की राजनीत करते हैं
12:18भगवान समझ में नहीं आता है किस तरह की राजनीत को करते हैं
12:22अभी यहां रहेंगे कलको बिदेश भाग जाएंगे
12:24मेन समय में हिंदुस्तान वराना चाहिए तो बिदेश जाएंगे
12:27ममता बनर जी अगर कॉंग्रेस में जाती है
12:30तो वो जो भी बची खुची उनकी राजनीतिक अस्तित्व है
12:34वो भी समाप्थ हो जाएगी
12:35और गैसा कहीं कुझ अरह नहीं है
Comments