00:00होर्मुस जलडमरू मध्य में बढ़ते तनाव के बीच एरान ने अपनी स्थिती स्पष्ट करते हुए इसे केवल अपने मित्र देशों
00:07के लिए खुला रखने का निर्ने लिया है।
00:09इरान के विदेश मंतरी अब्बास अरागची ने घोशना की है कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के
00:16जहाजों को इस मार्ग से गुजरने में कोई बाधा नहीं आएगी। भारत के लिए ये एक कूट नितिक जीत और
00:22बड़ी राहत है क्योंकि उसकी �
00:24पूर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। अब भारतिये टैंकरों को इरानी शुरक्षा नियमों का पालन
00:31करते हुए और पूर्व अनुमती लेकर सुरक्षित मार्ग दिया जा रहा है, जिससे देश में इंधन की आपूर्ती सुनिश्चित की
00:37ज
00:52अब किसी भी ऐसे जहाज को जो इरान का विरोधी नहीं है, इस क्षेत्र से गुजरने से पहले इरानी अधिकारियों
00:59से आपचाले कनुमती लेनी होगी। 25 मार्च को न्यूयोक में इरानी मिशन ने साफ किया कि सुरक्षा मान दंडों का
01:06पालन करने वाले गैर विरोधी दे
01:21कॉल के तहतरास्ता मिल रहा है। भारत के लिए ये स्थिती बहुत समवेदनशील है, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों के
01:28लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है। भारती ये विदेश मंत्राले और नौसेना स्थिती पर करीब से नजर बनाए हुए हैं
01:34ताकि सप्ला
01:51के समय में भारत को सुरक्षित रखने में मदद की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचीव एंटोनियो गुटेरिस ने इस्थिती पर
01:57गहरी चिंता जताई है। उनका मानना है कि होर्मुस के मार्ग में किसी भी तरह का अवरोध वैश्विक स्तर पर
02:03खाद और इंधन की सप्
02:17की है कि वो उन पडोसी देशों पर हमले बंद करे जो इस लड़ाई का हिस्सा नहीं है। हालांकि इरान
02:22ने अमेरिकी समर्थित 15 सूत्रिय शांती प्रस्ताव को सिरे से खारिच कर दिया है। इरान का तर्क है कि वो
02:28केवल अपनी शर्तों पर ही पीछे हटेगा। अमेरिकी �
02:31राष्टपती डॉनल्ड ट्रम्प का दावा है कि वे इरानी नेताओं से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि
02:37एक समझोता हो जाएगा क्योंकि इरान के भीतर भी आंतरिक दबाव बढ़ रहा है। लेकिन फिलहाल इरान ने इस जलमार्क
02:44को एक रणनीतिक हतियार
02:45के रूप में इस्तिमाल करना शुरू कर दिया है। भारत, चीन और रूस जैसे बड़े देशों को छूट दे कर
02:50इरान ने ये संदेश दिया है कि वो पूरी दुनिया से अलग थलग नहीं है। भारत अपनी खेप लाने के
02:56लिए इसी फ्रेंडशिप कार्ड का इस्तिमाल कर
02:58रहा है जिससे घरेलू बाजार में इंधन के संकट को टाला जा सके। इरान की ओर से मिली ये अनुमती
03:04वैश्विक राजनीती में भारत के बढ़ते प्रभाव और उसकी संतुलनकारी विदेश नीटी का ही परणाम है।
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