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Strait of Hormuz पर Iran का बड़ा फैसला, क्या India के लिए खुल गया है सबसे अहम समुद्री रास्ता? जानिए कैसे ईरान के एक फैसले ने अमेरिका और इजरायल की टेंशन बढ़ा दी है और भारत को बड़ी राहत दी है.

Iran has partially reopened the Strait of Hormuz but only for its 'friendly nations' including India, China, and Russia. Amidst the rising conflict with Israel and the US, Iran's Foreign Minister Abbas Araghchi clarified that non-adversary ships can pass with prior permission. This video explains the global impact on oil prices and India's strategic advantage in this crisis.

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~HT.410~PR.250~ED.110~

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00:00होर्मुस जलडमरू मध्य में बढ़ते तनाव के बीच एरान ने अपनी स्थिती स्पष्ट करते हुए इसे केवल अपने मित्र देशों
00:07के लिए खुला रखने का निर्ने लिया है।
00:09इरान के विदेश मंतरी अब्बास अरागची ने घोशना की है कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के
00:16जहाजों को इस मार्ग से गुजरने में कोई बाधा नहीं आएगी। भारत के लिए ये एक कूट नितिक जीत और
00:22बड़ी राहत है क्योंकि उसकी �
00:24पूर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। अब भारतिये टैंकरों को इरानी शुरक्षा नियमों का पालन
00:31करते हुए और पूर्व अनुमती लेकर सुरक्षित मार्ग दिया जा रहा है, जिससे देश में इंधन की आपूर्ती सुनिश्चित की
00:37
00:52अब किसी भी ऐसे जहाज को जो इरान का विरोधी नहीं है, इस क्षेत्र से गुजरने से पहले इरानी अधिकारियों
00:59से आपचाले कनुमती लेनी होगी। 25 मार्च को न्यूयोक में इरानी मिशन ने साफ किया कि सुरक्षा मान दंडों का
01:06पालन करने वाले गैर विरोधी दे
01:21कॉल के तहतरास्ता मिल रहा है। भारत के लिए ये स्थिती बहुत समवेदनशील है, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों के
01:28लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है। भारती ये विदेश मंत्राले और नौसेना स्थिती पर करीब से नजर बनाए हुए हैं
01:34ताकि सप्ला
01:51के समय में भारत को सुरक्षित रखने में मदद की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचीव एंटोनियो गुटेरिस ने इस्थिती पर
01:57गहरी चिंता जताई है। उनका मानना है कि होर्मुस के मार्ग में किसी भी तरह का अवरोध वैश्विक स्तर पर
02:03खाद और इंधन की सप्
02:17की है कि वो उन पडोसी देशों पर हमले बंद करे जो इस लड़ाई का हिस्सा नहीं है। हालांकि इरान
02:22ने अमेरिकी समर्थित 15 सूत्रिय शांती प्रस्ताव को सिरे से खारिच कर दिया है। इरान का तर्क है कि वो
02:28केवल अपनी शर्तों पर ही पीछे हटेगा। अमेरिकी �
02:31राष्टपती डॉनल्ड ट्रम्प का दावा है कि वे इरानी नेताओं से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि
02:37एक समझोता हो जाएगा क्योंकि इरान के भीतर भी आंतरिक दबाव बढ़ रहा है। लेकिन फिलहाल इरान ने इस जलमार्क
02:44को एक रणनीतिक हतियार
02:45के रूप में इस्तिमाल करना शुरू कर दिया है। भारत, चीन और रूस जैसे बड़े देशों को छूट दे कर
02:50इरान ने ये संदेश दिया है कि वो पूरी दुनिया से अलग थलग नहीं है। भारत अपनी खेप लाने के
02:56लिए इसी फ्रेंडशिप कार्ड का इस्तिमाल कर
02:58रहा है जिससे घरेलू बाजार में इंधन के संकट को टाला जा सके। इरान की ओर से मिली ये अनुमती
03:04वैश्विक राजनीती में भारत के बढ़ते प्रभाव और उसकी संतुलनकारी विदेश नीटी का ही परणाम है।
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