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NDA सरकार के 12 साल पूरे होने के बाद एक बार फिर मोदी बनाम नेहरू की बहस तेज हो गई है। क्या नरेंद्र मोदी, जवाहरलाल नेहरू से बेहतर प्रधानमंत्री हैं? या फिर दोनों की तुलना करना ही गलत है?
इस वीडियो में हम किसी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रहे हैं। हम सिर्फ 4 महत्वपूर्ण Facts के आधार पर समझेंगे कि नेहरू और मोदी की तुलना कितनी सही और कितनी गलत है। दोनों नेताओं के सामने मौजूद चुनौतियाँ, भारत की स्थिति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक परिस्थितियाँ कितनी अलग थीं, यही इस वीडियो का मुख्य विषय है।

As the NDA government completes 12 years, the debate around Narendra Modi vs Jawaharlal Nehru has once again gained momentum.
Can Modi and Nehru really be compared? Or were the challenges, circumstances, and goals of their respective eras completely different?
In this video, we examine 4 important facts based on history, governance, economy, and global realities to understand whether this comparison is fair or not.

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Transcript
00:08एंडिये सरकार के 12 साल पूरे होने के साथ थी नरींदर मोधी भारत के इतियास में सबसे लंबे समय तक
00:14लगा तार प्रदान मंत्री रहने वाले निताओ की सूची में और उपर आ चुके
00:18लेकिन इन 12 सालों के बीच एक बहस फिर से तेज हो गई
00:21सोशल मीडिया पर टीवी डिवेट्स में और राजनीतिक गलियारों में एक सवाल बार बार पूछा जा रहा है
00:27क्या नरेंदर मोधी जवालान लेरू से भैतर प्रदान मंत्री है
00:43लेकिन क्या वाकई मोधी और नहरू की तुलना की जा सकती है
00:46क्या दोनों को एकी पैमाने पर मापना सही होगा
00:49या फिर दोनों की परिस्तितिया चुनोतिया और उपलब्दिया इतनी अलग थी कि ये तुलना अपने आप में अधूरी है
00:54नमस्कार मेरे नाम है दीपक बिश्ट और आप देख रहे है वेल इंडिया हैं आज हम आपके सामने चार ऐसे
00:59फैक्ट रखने वाले हैं
01:00जिसके अधार पर आप खुद पैय कर सकते हैं कि मूधी और नहरू की तुलना करना कितना सही है और
01:05कितना गलत है
01:06हम किसी पॉलिटिकल पार्टी का पक्ष नहीं लेंगे बलकि सिर्फ हिष्ट्री फैक्ट्स और ग्राउंड रियालिटी के अधार पर इस पूरे
01:12मुद्धे को समझने की कोशिश करेंगे
01:15दोनों को मिला भारत बिल्कुल अलग था जी दर्शकू
01:171947 में जब जवालन नहीरु प्रधान मंतरी बने तब भारत अभी अभी अज़ाद हुआ था देश पार्टिशन की तराजदी से
01:24गुजर रहा था लाखों रफ्यूजी सीमाओं के आर पार जा रही था
01:27कम्यूनल वाइलेंस हो रही थी देश में गरीबी बहुत ज्यादा था लिटरसी रेट बहुत कम था इंडेश्टियस लग भग ना
01:33के बरावर था बिजली सड़क सिख्षाव और हल्थ केर जैसी बेसिक फैसिलिटी भी सीमाथ दूसरी तरफ
01:382014 में जब नरेंदर मोधी प्रधान मंत्री बने तब भारत दुनिया की प्रमोक एकनोमिक्स में शामिल था बारत एक नुक्लियर
01:44प्रावर था देश में मजबूट डेमोक्रेटिक इंस्टिशन था आईटी सेक्टर बैंकिंग सिस्टम रेलवे नेटवर्क और इंडेस्ट्
02:06बिल्डिंग का दौर था देश की कॉंस्टिशन को लागू हुए ज्याधा समय नहीं हुआ था डेमोक्रेटिक इंस्टिशन को मस्बूत करना
02:12था इलेक्षन कमिशन को स्तापित करना था जुडिश्यरी को स्वतंत्र बनाना था हाइर एजूटिशन के लिए आईटी जैसे �
02:19मनाने थे, scientific research को बढ़ावा देना था, बड़े public sector
02:22industries खड़े करने थे, और यही कारण है कि नेरु के समय में भकरा
02:27नंगल जैसे बड़े dam बने, IIT स्तापितूर, scientific institution की
02:31नीव रखी गई और public sector को बढ़ावा दिया गया, वही नरेंद्र
02:34मोधी का दौर, nation building की शुरुवाती चरण नहीं था, बल्कि एक
02:38established nation को आगे बढ़ाने का दौर है, मोधी सरकार का
02:41focus पूरी तरीकी से, digital India, UPI, make in India, infrastructure
02:45expansion, expressways, semiconductor, startup ecosystem और global investment जैसे
02:50छेत्रों पर आए, यानि एक नेता institution मना रहा था, जबकि
02:53दूसरा उनी institution के सारे देश को नई दिशा देने की
02:57कोशिश कर रहा है, fact number three, दोनों ने बिल्कुल
03:00अलग दुनिया में साशन किया है, नहरुका दिकांश कारेकाल
03:03cold war के दौर में बीता है, उस समय दुनिया दो बड़े
03:22रशिया, यूक्रेइन वार जैसी नई चुनौतिया है, cyber security, supply chain
03:26और technology competition जैसे मुद्दे सामने है, यानि दोनों प्रजान
03:29मंत्री के सामने मौझूदा global challenge ही अलग थी, इसलिए उनकी foreign policy
03:33और फैसलों की तुलना भी सीधे तोर पर नहीं किया जा सकता है, अब आते हैं
03:37चौथे और आकरी factor, economy और challenges दोनों अलग थी, जवाला नहरू के समय भारत की economy बेहा चोटी थी,
03:44देश की सबसे बड़ी चुनौती थी, food production बढ़ाना, इंड़स्ट्री स्तापित करना और self reliance की और बढ़ना, वही नरेंदर
03:50मोधी का समय भारत दुनिया की सबसे टेज और ब�
04:07मोधी और नहरू की तुलना बिल्कुल नहीं की जा सकती है, तुलना की जा सकती है, लेकिन सावधानी के साथ,
04:12अगर बात democratic institution की स्थापना की होगी, तो नहरू का नाम आएगा, और बात digital transformation और modern infrastructure
04:19की होगी, तो नरेंदर मोधी का नाम आएगा, अगर बात nation building की होगी, तो नहर
04:36changes के अधार पर करते हैं, ना कि सिर्फ popularity के अधार पर, बाकि फैसला आप खुद कीचिए, आपको क्या
04:41लगता है, क्या मोधी और नहरू की तुलना हो सकती है, या फिर दोनों को अलग-अलग दौर के हिसाब
04:46से देखा जाना चाहिए, कमंड करके अपनी opinion, अपनी राय हमार सा
04:49जरूर शेर करें, बाकि देज दुनिया के ऐसी खबरों के लिए देखते रहें, या One India Hindi
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