00:08एंडिये सरकार के 12 साल पूरे होने के साथ थी नरींदर मोधी भारत के इतियास में सबसे लंबे समय तक
00:14लगा तार प्रदान मंत्री रहने वाले निताओ की सूची में और उपर आ चुके
00:18लेकिन इन 12 सालों के बीच एक बहस फिर से तेज हो गई
00:21सोशल मीडिया पर टीवी डिवेट्स में और राजनीतिक गलियारों में एक सवाल बार बार पूछा जा रहा है
00:27क्या नरेंदर मोधी जवालान लेरू से भैतर प्रदान मंत्री है
00:43लेकिन क्या वाकई मोधी और नहरू की तुलना की जा सकती है
00:46क्या दोनों को एकी पैमाने पर मापना सही होगा
00:49या फिर दोनों की परिस्तितिया चुनोतिया और उपलब्दिया इतनी अलग थी कि ये तुलना अपने आप में अधूरी है
00:54नमस्कार मेरे नाम है दीपक बिश्ट और आप देख रहे है वेल इंडिया हैं आज हम आपके सामने चार ऐसे
00:59फैक्ट रखने वाले हैं
01:00जिसके अधार पर आप खुद पैय कर सकते हैं कि मूधी और नहरू की तुलना करना कितना सही है और
01:05कितना गलत है
01:06हम किसी पॉलिटिकल पार्टी का पक्ष नहीं लेंगे बलकि सिर्फ हिष्ट्री फैक्ट्स और ग्राउंड रियालिटी के अधार पर इस पूरे
01:12मुद्धे को समझने की कोशिश करेंगे
01:15दोनों को मिला भारत बिल्कुल अलग था जी दर्शकू
01:171947 में जब जवालन नहीरु प्रधान मंतरी बने तब भारत अभी अभी अज़ाद हुआ था देश पार्टिशन की तराजदी से
01:24गुजर रहा था लाखों रफ्यूजी सीमाओं के आर पार जा रही था
01:27कम्यूनल वाइलेंस हो रही थी देश में गरीबी बहुत ज्यादा था लिटरसी रेट बहुत कम था इंडेश्टियस लग भग ना
01:33के बरावर था बिजली सड़क सिख्षाव और हल्थ केर जैसी बेसिक फैसिलिटी भी सीमाथ दूसरी तरफ
01:382014 में जब नरेंदर मोधी प्रधान मंत्री बने तब भारत दुनिया की प्रमोक एकनोमिक्स में शामिल था बारत एक नुक्लियर
01:44प्रावर था देश में मजबूट डेमोक्रेटिक इंस्टिशन था आईटी सेक्टर बैंकिंग सिस्टम रेलवे नेटवर्क और इंडेस्ट्
02:06बिल्डिंग का दौर था देश की कॉंस्टिशन को लागू हुए ज्याधा समय नहीं हुआ था डेमोक्रेटिक इंस्टिशन को मस्बूत करना
02:12था इलेक्षन कमिशन को स्तापित करना था जुडिश्यरी को स्वतंत्र बनाना था हाइर एजूटिशन के लिए आईटी जैसे �
02:19मनाने थे, scientific research को बढ़ावा देना था, बड़े public sector
02:22industries खड़े करने थे, और यही कारण है कि नेरु के समय में भकरा
02:27नंगल जैसे बड़े dam बने, IIT स्तापितूर, scientific institution की
02:31नीव रखी गई और public sector को बढ़ावा दिया गया, वही नरेंद्र
02:34मोधी का दौर, nation building की शुरुवाती चरण नहीं था, बल्कि एक
02:38established nation को आगे बढ़ाने का दौर है, मोधी सरकार का
02:41focus पूरी तरीकी से, digital India, UPI, make in India, infrastructure
02:45expansion, expressways, semiconductor, startup ecosystem और global investment जैसे
02:50छेत्रों पर आए, यानि एक नेता institution मना रहा था, जबकि
02:53दूसरा उनी institution के सारे देश को नई दिशा देने की
02:57कोशिश कर रहा है, fact number three, दोनों ने बिल्कुल
03:00अलग दुनिया में साशन किया है, नहरुका दिकांश कारेकाल
03:03cold war के दौर में बीता है, उस समय दुनिया दो बड़े
03:22रशिया, यूक्रेइन वार जैसी नई चुनौतिया है, cyber security, supply chain
03:26और technology competition जैसे मुद्दे सामने है, यानि दोनों प्रजान
03:29मंत्री के सामने मौझूदा global challenge ही अलग थी, इसलिए उनकी foreign policy
03:33और फैसलों की तुलना भी सीधे तोर पर नहीं किया जा सकता है, अब आते हैं
03:37चौथे और आकरी factor, economy और challenges दोनों अलग थी, जवाला नहरू के समय भारत की economy बेहा चोटी थी,
03:44देश की सबसे बड़ी चुनौती थी, food production बढ़ाना, इंड़स्ट्री स्तापित करना और self reliance की और बढ़ना, वही नरेंदर
03:50मोधी का समय भारत दुनिया की सबसे टेज और ब�
04:07मोधी और नहरू की तुलना बिल्कुल नहीं की जा सकती है, तुलना की जा सकती है, लेकिन सावधानी के साथ,
04:12अगर बात democratic institution की स्थापना की होगी, तो नहरू का नाम आएगा, और बात digital transformation और modern infrastructure
04:19की होगी, तो नरेंदर मोधी का नाम आएगा, अगर बात nation building की होगी, तो नहर
04:36changes के अधार पर करते हैं, ना कि सिर्फ popularity के अधार पर, बाकि फैसला आप खुद कीचिए, आपको क्या
04:41लगता है, क्या मोधी और नहरू की तुलना हो सकती है, या फिर दोनों को अलग-अलग दौर के हिसाब
04:46से देखा जाना चाहिए, कमंड करके अपनी opinion, अपनी राय हमार सा
04:49जरूर शेर करें, बाकि देज दुनिया के ऐसी खबरों के लिए देखते रहें, या One India Hindi
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