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संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली।
इस दौरान Priyanka Gandhi ने अपने भाई राहुल गांधी का खुलकर समर्थन किया।उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तंज कसते हुए कहा – “हंसिए मत, ये गंभीर मुद्दा है।”प्रियंका गांधी ने सरकार की मंशा और बिल के लागू होने के समय पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि महिलाओं को सिर्फ वादों से नहीं, बल्कि तुरंत अधिकार मिलने चाहिए।इस बयान के बाद संसद में माहौल गरमा गया और सत्ता पक्ष ने भी जवाब दिया।महिला सशक्तिकरण को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।यह मुद्दा अब देशभर में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।

A heated debate unfolded in Parliament over the Women’s Reservation Bill.
During the discussion, Priyanka Gandhi openly supported her brother Rahul Gandhi.
She took a sharp dig at Prime Minister Narendra Modi, saying, “Don’t laugh, this is a serious issue.”
Priyanka questioned the government’s intent and the delay in implementing the bill.She emphasized that women deserve immediate rights, not just promises.Her remarks triggered strong reactions from the ruling party.The Parliament witnessed intense exchanges between both sides on women empowerment.
The issue has now sparked a nationwide political debate.


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~HT.410~PR.512~ED.276~GR.510~

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Transcript
00:00प्रधान मंत्री महोदै जी ने अपने भाशन में काफी जिक्र किये कि किसने रोका, कैसे रोका, 30 सालों से कैसे
00:07ये निर्ने रोका गया
00:10तो इसका बैक्ग्राउंड ये है, मेरे सत्ता पक्ष के साथियों को शायद ये बात पसंद नहीं आएगी
00:17लेकिन इसका इतिहासिक बैक्ग्राउंड ये है, कि इसकी शुरुवात भी नहरू नाम के एक व्यक्टी नहीं किया
00:25लेकिन गबराईय नहीं ये वो नहरू नहीं है जिनसे आप इतना कत्राते हैं
00:30ये उनके पिताजी मोतिलाल नहरू जी ने एक रिपोर्ट तैयार की थी 1928 में
00:36और उस प्रतिवेदन को उन्होंने कॉंग्रेस पार्टी की कारी समीटी को दिया था
00:44वो एक समीटी के अध्यक्ष थे उसमें उन्होंने 19 मूल अधिकारों की सूची बनाई थी
00:531931 में सर्दार पटेल जी की अध्यक्षता में कॉंग्रेस अधिवेशन हुआ था कराची में
01:00उस कराची अधिवेशन में इस प्रस्ताव को पारित किया गया
01:05और वहीं से ये शुरुआत हुई कि महिलाओं का समान अधिकार हमारे देश की राजनीती में शामिल हुआ
01:15उसी समय वन वोट, वन सिटिजन, वन वैल्यू का सिध्धान्थ भी हमारी राजनीती में स्थापित हुआ
01:29आपको ताजव होगा ये जानकर कि जबकि इस सिध्धान्थ की वज़े से हमारे देश में महिलाओं को वोट देने का
01:39अधिकार आजादी के पहले दिन से मिला
01:41अमेरिका जैसे देश में ये अधिकार उन्हें इस अधिकार के लिए डेर सौ साल इंतजार करना पड़ा, संघर्ष करना पड़ा
01:51हमारे देश की राजनीतिक व्यवस्था में महिला आरक्षन लागू करना भी दुनिया में एक ऐसा ही अनोखा कदम था
01:58पंचायतों और नगरपाली कौम में 33 प्रतिशतार अरक्षन का प्रावधान भी भारतिक राष्ट्र कॉंग्रेस की सरकार ने
02:06स्वर्गिय राजीव गांधी जी के नेत्रिट्व में सदन पतर पर पहली बार पेश किया
02:12मगर उस समय ये प्रावधान पारिक नहीं हो पाया
02:16आज आधर्णिय प्रधान मंत्री महोदे जी ने भी इसका जिक्र किया
02:22लेकिन हमेशा की तरह उन्होंने आधी बात बोल दी
02:26उन्होंने कहा सदन को ये बताया कि विरोध करने वाले कौन थे
02:31उन्होंने ये नहीं बताया
02:33उन्होंने कहा कि इसका विरोध हुआ कौन किसने विरोध किया और नहीं बताया
02:38विरोध तो आप ही ने किया था
02:44कुछ सालों बाद स्वर्गिया श्री पीवी नर्सिमराजी के नेत्रित्व में कॉंग्रेस सरकार ने इस कानून को सदन में पारित करके
02:51लागू किया
02:52आज अपने भाशन में प्रधान मंत्री जी ने जब पंचायत की आंदोलित महिलाओं का जिक्र किया
02:57तो ये समझ लीजिए कि इस कदम के चलते ही आज चालिस लाग पंचायत प्रतिनिधियों में से पंद्रा लाग महिलाएं
03:152010 में स्वर्गिया प्रधान मंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंग जी और UPA की अध्याक श्रीमती सोनिया गांदी जी के नेत्रित्व में
03:23कॉंग्रेस पाटी ने लोकसभा और विधान सभा में महिलाओं को आरक्षन देने का फिर से प्रयास किया
03:29राज्य सभा में इसे पारिज भी कराया लेकिन लोकसभा में आम सेहमती नहीं बन पाई
03:36दोहजार अठारा में आदर्निया स्री राहुल गांदी जी ने मोदी जी को एक पत्र लिखा और उस पत्र में उन्होंने
03:44कहा कि ये महिला का जो आरक्षन है ये 2019 तक लागू हो जाना चाहिए
03:50मुझे लगता है कि यहां आकार प्रधान मंत्री जी राहुल जी का मज़ाग तो बना लेते हैं लेगिन घर जाके
03:56उनकी बातों पर गौर करते हैं
03:59कि हम आज उसी बात पर चर्चा कर रहे हैं वैसे आज प्रधानमंत्री जी की बातों से ये लगा कि
04:10भाजप्पा की महिला भाजप्पा ही महिला अरक्षन के चैंपियन, प्रश्तावक और सबसे बड़े समर्थक रहे हैं
04:19इनके पूरे भाशन में यही बात थी, जबकि ये कह रहे थे कि इन्हें इसका श्रय नहीं चाहिए
04:27कोई भी महिला आपको बता देगी कि बार-बार बहकाने वाली पुरुशों को महिलाएं जट से पहचान लेते हैं
04:43पकड़े जाएंगे
04:48आखर जब 2023 में राहूल जी के पत्र को पढ़ने के कुछ सालों बाद
04:57उसके बात पढ़ लिया
05:03आखर जब 2023 में आदर्निय प्रधान मंत्री डुनेंदर मोदी जी की सरकार ने यह अधिनियम सर्फ सहमती से पारित किया
05:12तब भारतिय राष्ट्र कॉंग्रेस ने अपनी विचार धारा के अनुकूल इसका पूरा समर्थन किया
05:20आज भी इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि भारतिय राष्ट्र कॉंग्रेस महिला आरक्षन के पक्ष में डट कर खड़ी
05:29है और खड़ी है
05:34लेकिन अध्यक्ष महोजय सचाई यह है कि आज की चर्चा दरसल महिला रक्षन पर है ही नहीं
05:44जो विध्यक के सरकार ने पेश किया है उसका प्रारूप हमने पढ़ा उससे पूरी चर्चा ही बदल गई है
05:55उनकी सरकार के इस विध्यक का सार सुनिया
05:59सबसे पहले इसमें लिखा है कि संसद में महिला आरक्षन दोहजार उनत्यस तक लागू होना चाहिए
06:05अब सहमत है फिर कहा गया है कि इसे लागू करने के लिए लोकसभा सदस्यों की संख्या पचास प्रतिशक बढ़ानी
06:15पड़ेगी
06:16मतलब कि सीटों की संख्या पांट सो तिरालेस से बढ़ कर आठ सो पचास तक बढ़ानी पड़ेगी
06:24बढ़ाई जाएगी
06:35बढ़ाई जाएगी
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