00:00प्रधान मंत्री महोदै जी ने अपने भाशन में काफी जिक्र किये कि किसने रोका, कैसे रोका, 30 सालों से कैसे
00:07ये निर्ने रोका गया
00:10तो इसका बैक्ग्राउंड ये है, मेरे सत्ता पक्ष के साथियों को शायद ये बात पसंद नहीं आएगी
00:17लेकिन इसका इतिहासिक बैक्ग्राउंड ये है, कि इसकी शुरुवात भी नहरू नाम के एक व्यक्टी नहीं किया
00:25लेकिन गबराईय नहीं ये वो नहरू नहीं है जिनसे आप इतना कत्राते हैं
00:30ये उनके पिताजी मोतिलाल नहरू जी ने एक रिपोर्ट तैयार की थी 1928 में
00:36और उस प्रतिवेदन को उन्होंने कॉंग्रेस पार्टी की कारी समीटी को दिया था
00:44वो एक समीटी के अध्यक्ष थे उसमें उन्होंने 19 मूल अधिकारों की सूची बनाई थी
00:531931 में सर्दार पटेल जी की अध्यक्षता में कॉंग्रेस अधिवेशन हुआ था कराची में
01:00उस कराची अधिवेशन में इस प्रस्ताव को पारित किया गया
01:05और वहीं से ये शुरुआत हुई कि महिलाओं का समान अधिकार हमारे देश की राजनीती में शामिल हुआ
01:15उसी समय वन वोट, वन सिटिजन, वन वैल्यू का सिध्धान्थ भी हमारी राजनीती में स्थापित हुआ
01:29आपको ताजव होगा ये जानकर कि जबकि इस सिध्धान्थ की वज़े से हमारे देश में महिलाओं को वोट देने का
01:39अधिकार आजादी के पहले दिन से मिला
01:41अमेरिका जैसे देश में ये अधिकार उन्हें इस अधिकार के लिए डेर सौ साल इंतजार करना पड़ा, संघर्ष करना पड़ा
01:51हमारे देश की राजनीतिक व्यवस्था में महिला आरक्षन लागू करना भी दुनिया में एक ऐसा ही अनोखा कदम था
01:58पंचायतों और नगरपाली कौम में 33 प्रतिशतार अरक्षन का प्रावधान भी भारतिक राष्ट्र कॉंग्रेस की सरकार ने
02:06स्वर्गिय राजीव गांधी जी के नेत्रिट्व में सदन पतर पर पहली बार पेश किया
02:12मगर उस समय ये प्रावधान पारिक नहीं हो पाया
02:16आज आधर्णिय प्रधान मंत्री महोदे जी ने भी इसका जिक्र किया
02:22लेकिन हमेशा की तरह उन्होंने आधी बात बोल दी
02:26उन्होंने कहा सदन को ये बताया कि विरोध करने वाले कौन थे
02:31उन्होंने ये नहीं बताया
02:33उन्होंने कहा कि इसका विरोध हुआ कौन किसने विरोध किया और नहीं बताया
02:38विरोध तो आप ही ने किया था
02:44कुछ सालों बाद स्वर्गिया श्री पीवी नर्सिमराजी के नेत्रित्व में कॉंग्रेस सरकार ने इस कानून को सदन में पारित करके
02:51लागू किया
02:52आज अपने भाशन में प्रधान मंत्री जी ने जब पंचायत की आंदोलित महिलाओं का जिक्र किया
02:57तो ये समझ लीजिए कि इस कदम के चलते ही आज चालिस लाग पंचायत प्रतिनिधियों में से पंद्रा लाग महिलाएं
03:152010 में स्वर्गिया प्रधान मंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंग जी और UPA की अध्याक श्रीमती सोनिया गांदी जी के नेत्रित्व में
03:23कॉंग्रेस पाटी ने लोकसभा और विधान सभा में महिलाओं को आरक्षन देने का फिर से प्रयास किया
03:29राज्य सभा में इसे पारिज भी कराया लेकिन लोकसभा में आम सेहमती नहीं बन पाई
03:36दोहजार अठारा में आदर्निया स्री राहुल गांदी जी ने मोदी जी को एक पत्र लिखा और उस पत्र में उन्होंने
03:44कहा कि ये महिला का जो आरक्षन है ये 2019 तक लागू हो जाना चाहिए
03:50मुझे लगता है कि यहां आकार प्रधान मंत्री जी राहुल जी का मज़ाग तो बना लेते हैं लेगिन घर जाके
03:56उनकी बातों पर गौर करते हैं
03:59कि हम आज उसी बात पर चर्चा कर रहे हैं वैसे आज प्रधानमंत्री जी की बातों से ये लगा कि
04:10भाजप्पा की महिला भाजप्पा ही महिला अरक्षन के चैंपियन, प्रश्तावक और सबसे बड़े समर्थक रहे हैं
04:19इनके पूरे भाशन में यही बात थी, जबकि ये कह रहे थे कि इन्हें इसका श्रय नहीं चाहिए
04:27कोई भी महिला आपको बता देगी कि बार-बार बहकाने वाली पुरुशों को महिलाएं जट से पहचान लेते हैं
04:43पकड़े जाएंगे
04:48आखर जब 2023 में राहूल जी के पत्र को पढ़ने के कुछ सालों बाद
04:57उसके बात पढ़ लिया
05:03आखर जब 2023 में आदर्निय प्रधान मंत्री डुनेंदर मोदी जी की सरकार ने यह अधिनियम सर्फ सहमती से पारित किया
05:12तब भारतिय राष्ट्र कॉंग्रेस ने अपनी विचार धारा के अनुकूल इसका पूरा समर्थन किया
05:20आज भी इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि भारतिय राष्ट्र कॉंग्रेस महिला आरक्षन के पक्ष में डट कर खड़ी
05:29है और खड़ी है
05:34लेकिन अध्यक्ष महोजय सचाई यह है कि आज की चर्चा दरसल महिला रक्षन पर है ही नहीं
05:44जो विध्यक के सरकार ने पेश किया है उसका प्रारूप हमने पढ़ा उससे पूरी चर्चा ही बदल गई है
05:55उनकी सरकार के इस विध्यक का सार सुनिया
05:59सबसे पहले इसमें लिखा है कि संसद में महिला आरक्षन दोहजार उनत्यस तक लागू होना चाहिए
06:05अब सहमत है फिर कहा गया है कि इसे लागू करने के लिए लोकसभा सदस्यों की संख्या पचास प्रतिशक बढ़ानी
06:15पड़ेगी
06:16मतलब कि सीटों की संख्या पांट सो तिरालेस से बढ़ कर आठ सो पचास तक बढ़ानी पड़ेगी
06:24बढ़ाई जाएगी
06:35बढ़ाई जाएगी
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