00:00आँखों से नहीं, होसलों से देखा सपना, अंधेरा था, लेकिन इरादे बन गए रोश्नी, कश्मीर की इस बेटी ने लिख
00:09दी नई मिसाल.
00:11श्रीनगर की ठंडी वादियों से निकली एक कहानी आज पूरे देश को गर्म जोशी और उम्मीद से भर रही है.
00:18ये कहानी है जैनब बिलाल की. एक ऐसी चात्रा जिसने दुनिया को आखों से नहीं देखा, लेकिन अपने सपनों को
00:25इतनी शिद्दत से महसूस किया, कि आज उसने उन्हें हकीकत में बदल दिया है.
00:30जैनब ने CBAC बोर्ट की दस्वीं की परीक्षा में 500 में से 475 अंग हासिल किये, जो सिर्फ एक नंबर
00:37नहीं है, बलकि ये उस जिद का सबूत है, जो हर मुश्किल से बड़ी थी. ये उस होसले की पहचान
00:43है, जो हर अंधिरी से ज्यादा मजबूत था.
00:47जैनब शायद कश्मीर की पहली नेत्रहीं चात्रा हैं, जिन्होंने इस तर पर इतनी बड़ी उपलब भी हासिल किये, लेकिन उनकी
00:54कहानी सिर्फ पहली बनने की नहीं है, ये कहानी है सीमाओं को तोड़ने की है.
00:59सूचिये, जहां बाकी छात्र किताबों को दीख कर पड़ते हैं, वहां जैनब ने हर शब्द को छू कर समझा, हर
01:05लाइन को सुन कर याद किया.
01:07ब्रील की लिपी, आडियो रिकॉर्डिंग्स और घंटों की मेहनत यही उनकी दुनिया थी, जहां हर पनना पलटना भी एक संगर्श
01:15था और हर कॉंसेप्ट समझना एक जीत.
01:19लेकिन जैनब ने कभी अपनी कमजूरी को अपनी पहचान नहीं बनने दिया, उन्होंने उसे अपनी ताकत बना लिया, हर दिन
01:26एक नई चुनोदी लेकर आता था, लेकिन हर बार वो खुद को एक कदम आगे बाती थी.
01:30इस सफर में उनका परिवार और शिक्षक सिर्फ साथ नहीं थी, बलकि उनकी आँखें बन गई, जिन्होंने उन्हीं रास्ता दिखाया.
01:38और यही वज़े है कि आज ये सफलता सिर्फ सैनब की नहीं, बलकि उन सभी की जीत है, जिन्होंने उन
01:44पर भरोसा किया.
01:44आपका नाप? परवीन बिलावार. परवीन जी, आप एक ऐसी माह है, जिसको बेटी के बज़गे इतनी इज़त मिली, पचानवी प्रतिशत,
01:57माक्स, वो भी ऐसे जैसे आपने जिक्र किया कि एक अंदेरे से एक उजाले की ओड़ी तो कितना प्राउड आप
02:06अपी दरी है, �
02:07जाने मादर. जैनब ने इतने अच्छे मारकस लाए और महनत भी इसने बहुत की, बहुत महनत की है, तो मेरे
02:26ख़ल से हम सब के लिए और उसकी स्कूल के लिए भी खासकर मैं एक माह हूं मेरे लिए तो
02:32बहुत ज्यादा प्राउड मूमेंट है.
02:33उजाली का मूल वो लोग जानते हैं जिनकी जिन्दगी में अंदेरा हूँ, लेकिन जो लोग इस अंदेरे को चीरते हुए
02:41रोशनी की किरन डून लिए और उसे अपने सपने साकार करते, वो लोग काफी खास होते हैं.
02:49हम अभी खड़े हैं नटीपूरा इलाके में जहां पर जैनब बिलाल ने एक एचीवमेंट ऐसी हासिल की है जिससे हजारों
03:01लाखों छात्र इंस्पायर होंगे.
03:04जैनब ने CBSC एक्जाम्स में 95 प्रतिशत लेकर सब को धंग कर दिया है. ये खास बच्ची जो विज्वली अंपेर्ड
03:14है या नेत्रहीन है इसने अपना एक रास्ता बनाया है, अपना एक मन्जिल चुनली है और ये एक काम्याबी की
03:24राह पे गामजन है.
03:26जैनब की ये उपलब्धी हमें मजबूर करती है कि हम शिक्षा को सिर्फ अंकों तक सीमित न रखी, बलकि उसे
03:31अवसरों और समानता का माध्यम बनाएं. आज जब पूरा देश जैनब की मेहनत की तारीफ हो रही है, तो ये
03:37सिर्फ तालियों का पल नहीं है, बलकि ये बदल
03:54की अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी कमी.
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