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CBSE 10th Board Result: Srinagar की दृष्टिबाधित छात्रा Zainab Bilal ने रचा इतिहास, 500 में 475 अंक |

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बुधवार को 10वीं कक्षा (सेशन 202526) का परिणाम घोषित कर दिया है. इस बार परिणाम तय समय से लगभग एक महीने पहले जारी किया गया है, जिसमें जम्मू कश्मीर के श्रीनगर की रहने वाली दृष्टिबाधित छात्रा ज़ैनब बिलाल ने 500 में से 475 अंक प्राप्त कर सबको हैरान कर दिया...ज़ैनब ने कहा कि उन्हें अच्छे परिणाम की उम्मीद थी,उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान अटूट समर्थन के लिए अपने माता-पिता, शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को श्रेय दिया।

The Central Board of Secondary Education (CBSE) has announced the results of Class 10 (Session 202526) on Wednesday. Zainab Bilal, a visually impaired student from Srinagar in Jammu and Kashmir, scored 475 out of 500 marks. Saying that he was a candidate for good results,he credited his parents, teachers and school administration for their unwavering support throughout his educational journey.

The Central Board of Secondary Education (CBSE) has announced the results of Class 10 (Session 202526) on Wednesday. This time the results have been released almost a month before the due date, which could give students more time to prepare ahead. In 10th result, 93.70 students passed. In CBSE exam this time girls again won

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00:00आँखों से नहीं, होसलों से देखा सपना, अंधेरा था, लेकिन इरादे बन गए रोश्नी, कश्मीर की इस बेटी ने लिख
00:09दी नई मिसाल.
00:11श्रीनगर की ठंडी वादियों से निकली एक कहानी आज पूरे देश को गर्म जोशी और उम्मीद से भर रही है.
00:18ये कहानी है जैनब बिलाल की. एक ऐसी चात्रा जिसने दुनिया को आखों से नहीं देखा, लेकिन अपने सपनों को
00:25इतनी शिद्दत से महसूस किया, कि आज उसने उन्हें हकीकत में बदल दिया है.
00:30जैनब ने CBAC बोर्ट की दस्वीं की परीक्षा में 500 में से 475 अंग हासिल किये, जो सिर्फ एक नंबर
00:37नहीं है, बलकि ये उस जिद का सबूत है, जो हर मुश्किल से बड़ी थी. ये उस होसले की पहचान
00:43है, जो हर अंधिरी से ज्यादा मजबूत था.
00:47जैनब शायद कश्मीर की पहली नेत्रहीं चात्रा हैं, जिन्होंने इस तर पर इतनी बड़ी उपलब भी हासिल किये, लेकिन उनकी
00:54कहानी सिर्फ पहली बनने की नहीं है, ये कहानी है सीमाओं को तोड़ने की है.
00:59सूचिये, जहां बाकी छात्र किताबों को दीख कर पड़ते हैं, वहां जैनब ने हर शब्द को छू कर समझा, हर
01:05लाइन को सुन कर याद किया.
01:07ब्रील की लिपी, आडियो रिकॉर्डिंग्स और घंटों की मेहनत यही उनकी दुनिया थी, जहां हर पनना पलटना भी एक संगर्श
01:15था और हर कॉंसेप्ट समझना एक जीत.
01:19लेकिन जैनब ने कभी अपनी कमजूरी को अपनी पहचान नहीं बनने दिया, उन्होंने उसे अपनी ताकत बना लिया, हर दिन
01:26एक नई चुनोदी लेकर आता था, लेकिन हर बार वो खुद को एक कदम आगे बाती थी.
01:30इस सफर में उनका परिवार और शिक्षक सिर्फ साथ नहीं थी, बलकि उनकी आँखें बन गई, जिन्होंने उन्हीं रास्ता दिखाया.
01:38और यही वज़े है कि आज ये सफलता सिर्फ सैनब की नहीं, बलकि उन सभी की जीत है, जिन्होंने उन
01:44पर भरोसा किया.
01:44आपका नाप? परवीन बिलावार. परवीन जी, आप एक ऐसी माह है, जिसको बेटी के बज़गे इतनी इज़त मिली, पचानवी प्रतिशत,
01:57माक्स, वो भी ऐसे जैसे आपने जिक्र किया कि एक अंदेरे से एक उजाले की ओड़ी तो कितना प्राउड आप
02:06अपी दरी है, �
02:07जाने मादर. जैनब ने इतने अच्छे मारकस लाए और महनत भी इसने बहुत की, बहुत महनत की है, तो मेरे
02:26ख़ल से हम सब के लिए और उसकी स्कूल के लिए भी खासकर मैं एक माह हूं मेरे लिए तो
02:32बहुत ज्यादा प्राउड मूमेंट है.
02:33उजाली का मूल वो लोग जानते हैं जिनकी जिन्दगी में अंदेरा हूँ, लेकिन जो लोग इस अंदेरे को चीरते हुए
02:41रोशनी की किरन डून लिए और उसे अपने सपने साकार करते, वो लोग काफी खास होते हैं.
02:49हम अभी खड़े हैं नटीपूरा इलाके में जहां पर जैनब बिलाल ने एक एचीवमेंट ऐसी हासिल की है जिससे हजारों
03:01लाखों छात्र इंस्पायर होंगे.
03:04जैनब ने CBSC एक्जाम्स में 95 प्रतिशत लेकर सब को धंग कर दिया है. ये खास बच्ची जो विज्वली अंपेर्ड
03:14है या नेत्रहीन है इसने अपना एक रास्ता बनाया है, अपना एक मन्जिल चुनली है और ये एक काम्याबी की
03:24राह पे गामजन है.
03:26जैनब की ये उपलब्धी हमें मजबूर करती है कि हम शिक्षा को सिर्फ अंकों तक सीमित न रखी, बलकि उसे
03:31अवसरों और समानता का माध्यम बनाएं. आज जब पूरा देश जैनब की मेहनत की तारीफ हो रही है, तो ये
03:37सिर्फ तालियों का पल नहीं है, बलकि ये बदल
03:54की अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी कमी.
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