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लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-12 रिंग रोड किनारे अवैध बस्ती में बुधवार शाम लगी भीषण आग में लापता हुए छह बच्चों में से आयुषी और स्वाती दो की मौत की पुष्टि हुई है। बच्चों की मौत की जानकारी से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार शाम को देखते ही देखते आग ने 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों में रखे 100 के करीब गैस सिलिंडर भी फटे। आग से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। बस्ती में बनी झोपड़ियों से लोग जान बचाकर भागने लगे।

Ayush and Swati, two of the six children who went missing in a fire in an illegal settlement along Vikasnagar Sector-12 Ring Road in Lucknow on Wednesday evening, have been confirmed dead. Relatives are crying over the death of their children. On Wednesday evening, the fire engulfed 1,200 huts. About 100 gas cylinders kept in the huts were also broken. The fire caused havoc in the entire area. People began to flee from the huts built in the settlement.

#LucknowFire #BreakingNews #UPNews #OneindiaHindi #VikasNagarFire

~PR.338~ED.520~GR.508~HT.96~

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Transcript
00:08एक राट जिसने सब कुछ छीन लिया आख की लपटें चीखों में बदल गई और सुबा बस राख ही राख
00:17बची जिहां लखनों की उस राट ने सब कुछ बदल दिया जहां कुछी मिन्टों में एक पूरी बस्ती की जिन्दगी
00:24राख में तबदील हो गई
00:26अचानक उठी आख की लपटों ने देखते ही देखते 150 से ज़्यादा जुक्यों को अपनी चपेट में ले लिया और
00:33फिर जो हुआ वो किसी डराओने मंजर से कम नहीं था
00:44एक के बाद एक करीब 100 सिलिंडर फटने लगे धमागों की आवाज तनी तेज थी कि दूर दूर तक लोग
00:51सहम गए
00:51लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे लेकिन कई ऐसे भी थे जो अपने घरों में फसे रह
00:57गए इसी आग में दो मासूम बच्चों की जिंदगी भी छेली जो शायद समझ भी नहीं पाए थे कि उनके
01:03साथ क्या हो रहा है
01:04चीखे थी धुआ था और हर तरफ अफरा तफरी थी कोई अपने बच्चों को ढूंड रहा था तो कोई अपने
01:12बुज़ूर्गों को जब तक फायर ब्रिगेड मौकर में पहुची तब तक बहुत कुछ खत्म हो चुका था
01:17पूरी बस्ती जल कर राख हो चुकी थी और लोग बेघर हो चुके थे
01:28लेकिस सबसे दर्दनाग तस्वीर अगली सुबा सामने आई जब सूरज की रोसनी ने सब कुछ साफ साफ दिख रहा था
01:35जहां कभी घर थे वहां सिर्फ जली हुई लकणियां और मलबा पड़ा हुआ था
01:40बच्चों के खिलोंने राख में दबी हुए थे बरतन और कपड़े सब कुछ जल चुका था
01:46और लोगों की आँखों में सिर्फ आसू थे
01:48कोई अपने खोई हुए अपनों को याद कर रहा था तो कोई अपने उजड़े हुए आस्याने को देखकर सर्ण था
02:05इस हासे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दी हैं कि आखिर कब तक ऐसी बस्तियां बिना सुरक्षा के
02:10रहेंगी
02:11और कब तक गरीवों के सपने इस तरह से आग में चलते रहेंगे
02:15फिलहाल प्रशासन रहात और बचाओ कार में चुटा है लेकिन चूख हो गया उसे शायद कोई आपस नहीं ला सकता
02:22फिलहाल कर बस्तिना ही बाके बेटले मने रहें वर्ण डिया हैंदी के साथ
02:55अपस्वाइब साइब के सबस्क्राइब कि नहीं लाके और
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