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लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने, नए परिसीमन और महिला आरक्षण कानून को लागू करने की तैयारियों ने देश की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। 16 से 18 अप्रैल के संसद विशेष सत्र में होने वाले इन बड़े फैसलों से भाजपा और कांग्रेस दोनों के भीतर असंतोष और राजनीतिक हलचल की आशंका जताई जा रही है। दक्षिण भारत के राज्यों से लेकर विपक्ष तक कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यह बदलाव लोकतंत्र को मजबूत करेगा या राजनीतिक बगावत को जन्म देगा? इस वीडियो में पूरा विश्लेषण देखें।

The proposal to increase Lok Sabha seats to 850, along with delimitation and the implementation of the Women’s Reservation Bill, has triggered major political debate across India. The special Parliament session from April 16 to 18 is expected to discuss these historic decisions, which could reshape the country’s political structure. Concerns are rising within both BJP and Congress about internal dissent and political instability. Southern states are also expressing concerns over representation. Will this move strengthen democracy or trigger political unrest? Watch the full analysis in this video.

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Transcript
00:07दिल्ली से लेकर तमाम राज्यों तक इस वक्त हल चल बढ़ी हुई है चर्चा इस बात की है कि क्या
00:12लोकसभा सीटे 850 तक बढ़ेंगी और अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या भाजपा और कॉंग्रेस के भीतर बगावत जैसी इस्थती
00:20बन सकती है
00:20आज हम जिस संसत को देखते हैं उसकी निव 1952 में रखी गई थी तब देश की आबादी लगभग 36
00:27करोण थी और लोकसभा में 489 सीटें हुआ करती थी
00:31समय बदला आबादी 140 करोण से उपर पहुँच गई लेकिन लोकसभा की सीटें पिछले कई दशकों से 543 पर ही
00:40रुकी हुई है यानि जनता बढ़ती गई लेकिन प्रतनिधित वही पुराना रह गया
00:45अब सरकार एक बड़े बदलाव की तैयारी में है 16 से 18 अपरेल के बीच संसत का विशे सत्र बुलाया
00:52गया है जिसमें तीन बड़े फैसलों की चर्चा होनी है पहला लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करना दूसरा पुरे देश
01:00का नया परसीमन यानि चुनावी नक्षा बद
01:15जो को डर है कि जनसंख्या के आधार पर सीटे बढ़ेंगी तो तर भारत का दब दबा और ज्यादा बढ़
01:20जाएगा और उनकी हिस्सेदारी कम हो जाएगी लेकिन दूसरी तरफ विपक्ष का सवाल है कि जब देश में कई बड़े
01:27मुद्दे हैं तब अचानक ये बड़ा स
01:37प्षंड बिल पास किया था जिसे संविधान शन्शोधन के बाद कानून भी बना दिया गया था लेकिन इसे लागू नहीं
01:58किया सका
01:592011 की जनगर्णा के आधार पर ही परसीमन किया जाए इसके लिए तीन नए विद्हक लाये जा रहे हैं जिन
02:06में सम्विधान शंशोधन और परसीमन से जुड़े बदलाव शामिल हैं अगर ये बदलाव लागू होते हैं तो लोग सुभा की
02:12सीटे बढ़कर 850 तक जा सकती हैं
02:15इसके पीछे तर्क ये दिया जा रहा है कि आज एक सांसर लगभग 25 लाग लोगों का प्रतनिध्युत करता है
02:22जबकि पहले ये संख्या काफी कम थी 10 लाग के करीब थी और अब प्रतनिध्युत और जनसंख्या के बीच में
02:29बहुत बड़ा अंतर बन चुका है
02:31लेकिन इस तूरी ओजना में एक और राधनितिक चिंता चिपी हुई है अभी लोगसभा में महिलाओं की हिस्सेदारी 13.6
02:38प्रत्षट है अगर 33% आरक्षण लागू होता है तो करीब 181 सीटे महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी
02:46इसका मतलाब कई मुझूदा सांसितों को अपनी सीटे छोड़नी पड़ सकती है और यही अंदरूनी विरोत की वजा भी बन
02:53सकता है राधनितिक जानकार मानते हैं कि यह वही बिंदू है जहां से भाजपा और कॉंग्रेस दोनों के भीतर असंतोश
02:59पैदा हो सकता है क्योंक
03:01जब टिकट और सीट का संतुलन बदलता है तो सबसे पहले असर पार्टी के संधठन के भीतर पड़ता है एक
03:08और अनुमान ये भी है कि परसीमन के बाद लोगसबा की सीटों की संख्या 816 के आसपास हो सकती है
03:14जिसमें लगभग 273 नई सीटे जोड़ी जाएंगी माना जा र
03:29ही है कि क्या ये बदलाओ देश की लोक्तांत्रिक व्योस्ता को और मजबूत करेगा या फिर रादनीतिक दलों के भीतर
03:36आज थिरता को बढ़ाएगा और अगर सीटे 850 तक नहीं बढ़ती तो क्या पार्टीयों के अंदर असंतोश खुल कर सामने
03:44आ जाएगा फिलहाल देश
03:45एक ऐसे मोड पर खड़ा है जहां संसत की सीटों का गडित सिर्फ संख्या नहीं बलकि सत्ता और भविश की
03:51रादनीति का सबसे बड़ा आधार बनता जा रहा है इस वीडियो में बस इतना ही मिरे नाव वैभो है आप
03:56देखते रहिए वर इंडिया
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