00:11बिहर की रचनिती में एक अतिहासिक मोडा चुपा है जहां समराठ चौधरी ने मुख्यमंत्री पत की शपत लेकर रच की
00:18कमान अपने पास ली उनके साथ ही जेडियू पूटे से विजय चौधरी और विजेंद्रियादप ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपत
00:25ली
00:25बीजेपी के ये रणनीती स्पष्ट करती है क्या पार्टी में नित्यत्व के लिए संग या पुराना भाजपाई बैक्राउंड अनिवार्या पता
00:32ही नहीं है
00:33समरण चौधरी के लावा आसम के हिमत विस्वासर्मा, मणिपूर के एन बीरेन सिंग और यूमनाम खेमचंद, अरुनाचल के पेमा खांडू,
00:41त्रिपुरा के मानिक साहा कारनाटक के बसवराज बोमई और ज्छारकंड के अरजुन मुंडा ऐसी नीता है जिन्होंने दूस
01:03समराण चौधरी बिहार में नया नेत्रत्व
01:34यूए पिज़ई की सरकार में वे सबसे कम उम्र के मंत्री बने, आरजेडी के बाद वे जेडियू में शामिल हुए
01:40और 2014 में मंत्री बने, लेकिन 2017 में उन्होंने मुअन बी
01:58पार्टी ने उन्हें एक सशक्त OBC चहरे के रूप में पेश किया।
02:02नितीश कुमार के विकल्ब के तौर पर खुद को स्थापित करने की उनकी क्षमता नहीं, उन्हें पहले उप मुख्यमंत्री और
02:09अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पुर्चाया है।
02:11हिमंत बिस्वा सर्मा, असम के चानक्य।
02:14असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सर्मा का राजनीतिक सफर भी बीजेपी की इसी समावेशी रणनीती का हिस्सा है।
02:21सर्मा ने अपनी राजनीती कॉंग्रेस से शुरू की थी और वे तरुन गोगोई सरकार में बेहत शक्तिशाली मंत्री थे
02:282015 में राजनीतिक महत्वा कांखशाओं और मतभेदों के चलते उन्होंने कॉंग्रेस छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए
02:352016 के चुनाव में बीजेपी की जीत में उनकी बड़ी भूमिका रही जिसके बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया
02:432021 में जब बीजेपी दुबारा सत्ता में लोटी तो पार्टी ने सर्बनंद सोनोबाल की जगे हिमंत विस्वा सर्मा को मुख्य
02:50मंत्री बनाया
02:51उनकी प्रशासनिक शमता और चुनावी प्रबंधन को देखते हुए बीजेपी अब 2026 का चुनाव भी उन्हीं के नेत्रत्व में लड़ने
02:59की तैयारी कर चुकी है
03:00सर्बनंद सोनोबाल क्षेत्रिय दल से बीजेपी के शीर्ष तक
03:05असम में बीजेपी की पहली सर्कार के मुखिया सर्बनंद सोनोबाल भी बाहरी प्रिष्ट भूमी से आये थे
03:11उन्होंने अपने चात्र जीवन की शुरुवात All Assam Students Union यानी AASU से की थी और बाद में क्षेत्रिय दल
03:19असम गणपरिशद के कद्दावर नेता बने थे
03:222011 में उन्होंने AGP छोड़कर BJP जॉइन की पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और 2016 में मुख्यमंत्री की कुर्सी
03:30सोपी
03:31सोनोवाल ने असम में BJP की जड़ों को मजबूत करने का काम किया जिससे ये संदेश कया कि पार्टी जमीनी
03:37आधार वाले नेताओं को पूरा सम्मान देती है
03:40एन बीरेन सिंग और यूम नाम खेमचंद सिंग
03:44मडिपूर का बदलाव
03:45मडिपूर में BJP ने 2017 में पहली बार सरकार बनाई और कमान एन बीरेन सिंग को सौंपी
03:52बीरेन सिंग ने राजमीती की शिरुवात डबोक्राटिक रेविल्यूशनरी पीपल्स पार्टी से की थी और बाद में कॉंग्रिस में शामिल होकर
03:59मंत्री बने थे
04:002016 में उन्होंने कॉंग्रिस से विद्रोह कर BJP का हाथ थामा और महज एक साल के भीतर मुख्यमंत्री बन गए
04:072022 में भी उन्होंने दोबारा पार्टी को जीत दिलाई
04:11हाला कि मनेपूर में भड़की हिंसा के कारण 2025 में उन्हें पद छोड़ना पड़ा
04:16उनकी जगह पार्टी ने युमनाम खेमचंद सिंग को मुख्यमंत्री बनाया है
04:20खेमचंद का बैक्ग्राउंड भी गैर BJP रहा है
04:23उन्होंने 2002 में बीरेन सिंग के साथ ही राजनीती शुरू की थी और 2013 में BJP में आये थे
04:30ये दिखाता है कि BJP पूर्वोत्तर में एक शेत्रिय प्रभाव वाले नेताओं पर अधिक निर्भर है
04:35पेमा खांडू और गीगॉंग अपांग अरुनाचल की सत्ता
04:40अरुनाचल प्रदेश के मुख्यमंतरी पेमा खांडू BJP के उन सफल मुख्यमंतरियों में से हैं जो कॉंग्रस से आए हैं
04:46उनके पिता दोर्चे खांडू राज्य के कद्दावर कॉंग्रसी नेता थे
04:50पेमा 2016 में कॉंग्रस के मुख्यमंतरी बने थे
04:54लेकिन उसी साल वे अपने विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए।
04:57बीजेपी ने उन्हें सुवीकार किया और मुख्यमंत्री पद पर बनाये रखा।
05:01इसके बाद 2019 और 2024 के चुनाव में उन्होंने बीजेपी को प्रचंड बहुमत दिलाया।
05:08अरुगाचल में इससे पहले गीगॉंग अपांग ने भी कॉंग्रिस छोड़कर बीजेपी की नित्रत्तो वाली सरकार बनायी थी।
05:14हाला कि उनका कारेकाल छोटा रहा था।
05:16मानिक साहा त्रिपुरा में कॉंग्रिस से सीम तक।
05:20त्रिपुरा में दशको पुराने वामपंथी शासन को खत्म करने के बाद बीजेपी ने 2022 में मानिक साहा को मुख्यमंत्री बनाया।
05:27साहा पेशे से डॉक्टर हैं और उन्होंने 2016 में कॉंग्रिस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ली थी।
05:33पार्टी ने पहले उन्हें प्रदीश अध्यक्ष बनाया और फिर विपलव देव की जगहें मुख्यमंत्री की सिम्मिदारी सौपी।
05:392023 के विधान सभा जुनाव में साहा के नित्रित्व में पार्टी ने दोबारा जीत हासिल की जिससे ये साबित हुआ
05:45कि पार्टी का नए चेहरों पर दाव लगाना सही रहा है।
05:49बसवराज बुम्बई करनाटक में सामाजिक संतुलन दक्षन भारत में करनाटक एक मात्र राज्य रहा है जहां बीजेपी ने सरकार बनाई
05:58है।
05:582021 में जब पार्टी ने दिगज नेता यद यूरप्पा को हटाया तो कमान बसवराज बुम्बई को सौपी।
06:04बुम्बई का परिवार मूल रूप से जनता दल की राजनीती से जुड़ा था। उनके पिता S.R. बुम्बई सूबे के
06:11मुख्यमंत्री रहे थे। बसवराज 2008 में जेडियू छोड़कर बीजेपी में आये थे। बीजेपी ने उनके लिंगायत समुदाय में प्रभाव औ
06:19और उनके राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था। हाला कि वे 2023 में सत्ता की वापसी कराने
06:26में सफल नहीं रहे। अर्जुन मुंडा जहारखंड की युवा नेत्रित्व। जहारखंड की राजनीती में अर्जुन मुंडा एक बड़ा �
06:33नाम रहे हैं। वे मूल रूप से जहारखंड मुक्ती मोर्चा के साथ थे और जहारखंड आंदूलन में सक्रिय रहे। साल
06:402000 में राज्य बनने के बाद वे बीजेपी में आये और 2003 में राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। पार्टी
06:47ने उन्हें तीन बार मुख
07:28साथ करना शुरू कर दिया था।
07:30आज वे उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सबसे बड़े भ्रहमण चेहरे के रूप में स्थापित हैं, जो ये दिखाता है
07:36कि पार्टी वैचारिक प्रिष्ट भूमी से ज्यादा विनेबिलिटी और जनाधार को महत्व दे रही है।
07:59पार्टी का सबसे ताजा और महत्वपून हिस्सा है। पार्टी का ये लचीलापन उसे नए राज्यों में विस्तार करने और सत्ता
08:06बनाए रखने में मदद कर रहा है।
08:08तो ये थी वो रिपोर्ट जहां साफ तोर पर नज़र आता है कि बीजेपी किस तरह से दूसरी पार्टी से
08:14आने वाले लोगों का सम्मान करती है उनके कारिश्यली को देखती है परकती है और अपने हिसाब से अब उनके
08:21लिए वो लाप्रद भी साबित होता नज़र आ रहा
08:37शबगाद किस्टियर अज़र आप उनके अपड़ लुग्स्ट एज़र प्लाट व्मान करते है और शर सम्मान करते है ये वपोर आम
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