00:00जहां सिरफ अपने दो-तीन हजार के हक के लिए मजदूरों को सड़क पे उतरना पड़ता है एक बड़ा सवाल
00:06सब के सामने है कि आज भी इंडिया के इंडस्ट्रियल प्लांट्स सेफ हैं या फिर हर रोज काम पर जाने
00:14वाला मजदूर हर एक दिन अपनी जान रिस्क पर लग
00:29जड़ गई दर्शकों यह कहानी है सक्ती डिश्ट्ट के सिंगितारी गाउं की जहां स्थित है विदानता का पावर प्लांट और
00:38दोपहर के करीब दो बजे सब कुछ नॉर्मल था वर्कर्स अपनी रुटीन शिफ्ट में काम कर रहे थे किसी को
00:45कुछ अंदाजा तक नहीं �
00:46था कि अगले कुछी सेकिंड में सब कुछ पलट जाएगा दर्शकों इसके बाद हुआ एक जोरतार धमाका इतना पावरफुल की
00:57पूरा का पूरा प्लांट हिल गया बॉयलर भी फट गया दर्शकों और बॉयलर फटने से ऐसा हाथसा हुआ जो पूरे
01:0536 गड़ और देश को
01:07हिला गया बलास्ट के बाद हवा में दूआ था लोगों की चीखें थी और हर तरफ अफरात तफरी और आई
01:13विटनेसेस के मुताबित लोग जान बचाने के लिए भागे सिचुएशन एक तरह से स्टैंपीड में बदल गई इतने बड़े पावर
01:20प्लांट में इतना बड़
01:36हो चुकी है 15 से जादा लोग घायल है और कई लोगों की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है यानि
01:43दर्शकों मौत का आकड़ा और भी जादा बढ़ सकता है तो एक आम मजदूर की जिंदिगी की कीमत क्या है
01:51दर्शकों एक छोटी सी गलती और वो अपनी जान से हब दो बैठ
01:55इंजर्ड को तुरंत राजगड के ऑस्पिडल में शिफ्ट किया गया और रिपोट्स ये भी कह रही है कि ब्लास्ट के
02:02वक्त प्लांट के अंदर 30 से 40 वरकर्ज बुरी तरहां से इंजर्ड हुए हैं और वहां से भी दुखत कवर
02:10आ सकती है
02:10सोचिये दर्शकों सुबा घर से निकले थे शाम तक वापिस लोटने का वादा था किसी जंग के मैदान पे नहीं
02:18बस अपनी फैक्टरी में जाना था अपने पावर प्लांट में जाना था और वहां ऐसा हुआ कि कुछ लोग शायद
02:24कभी वापिस ही नहीं आ पाएंगे
02:26ये नंबर नहीं है दर्शकों 9 परिवारों की जिंदगियां उजड़ गई हैं एक पल में 9 परिवारों की जिंदगी बदल
02:33गई इनमें से जादतर लोग अकेले कमाने वाले थे अब उनके परिवारों का क्या होगा इसके उपर भी विचार करना
02:41है
02:41ब्लास्ट के तुरंट बाद emergency response teams, local administration और rescue unit sites पर पहुँच गए और relief operations तुरंट
02:50शुरू किये गए
02:50लेकिन सवाल ही है क्या response इनफ था या system पहले ही fail हो चुका था
02:56अभी तक सबसे बड़ा सवाल है कि ये ब्लास्ट हुआ कैसे था
03:00क्या boiler में कोई technical failure था, क्या safety protocols को follow नहीं किया गया
03:06या फिर ये negligence का एक और case है जिसकी value अब दस जाने जाने के बात समझ आएगी
03:13authorities ने investigation चुरू कर दी है लेकिन सच सामने आने में वक्त लगेगा
03:19और सच कभी सामने आ भी पाएगा कि नहीं इस बात पर भी लोगों को ज़ादा भरोसा नहीं है
03:25इंडिया में industrial accidents कोई नई बात नहीं है
03:27हर साल इसे coincidence report होते हैं जहां safety standards या तो compromise होते हैं या पूरी तरह से ignore
03:34और हर बार एक ही pattern repeat होता है पहले blast फिर investigation फिर जूटे वादे लेकिन ground reality वहीं
03:42की वहीं है हर दो चार महीने में blast हो जाता है और एक आम मजदूर अपनी जान खो बैठता
03:49है
03:49सवाल घूम फिर के वहीं आ जाता है दर्शकों काम करने वाले मजदूरों की जान की कीमत क्या है क्या
03:55हम सिरफ numbers count करते रहेंगे या system कभी सच में बदलेगा दर्शकों क्योंकि जवाब जब तक नहीं मिलता तब
04:03तक हर factory का siren एक डर बन कर बचता रहेगा
04:07आपको क्या लगता है आपकी क्या राए है हमें comment section में ज़रूर बताइएगा आप देख रहे हैं one India
04:12मैं हूँ आखर्श कौशेक
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