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PM CARES Fund Audit Balance Sheet: पीएम केयर्स फंड (PM CARES Fund) की नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी गई है! मार्च 2025 तक इस कोष में कुल 8,452 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, लेकिन वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान इसमें से केवल 87.85 लाख रुपये ही खर्च किए गए। जानिए इस ऑडिटेड बैलेंस शीट की सबसे बड़ी बातें और इस पर उठ रहे सवाल।
मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के समय आपातकालीन राहत के लिए बनाए गए PM CARES Fund के दो साल (FY 2023-24 और FY 2024-25) के वित्तीय विवरण एक साथ आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में फंड को ब्याज और अन्य स्रोतों से 1,279.9 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। हालांकि, इस दौरान दान में मिली सीधी राशि में गिरावट दर्ज की गई।
कुल ₹8,452 करोड़ के फंड में से लगभग 93% (₹7,846 करोड़ रुपये) बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में जमा हैं। वहीं दूसरी ओर पूरे साल में हुआ खर्च कुल फंड का केवल 0.01% रहा, जिसे मुख्य रूप से 'PM CARES for Children Scheme' पर खर्च किया गया। इस रिपोर्ट में समझिए कि फंड के इस विशाल आकार और न्यूनतम खर्च को लेकर विपक्ष और आलोचक क्या सवाल उठा रहे हैं।


About the Story:
According to the audited balance sheet for FY 2024-25, the PM CARES Fund corpus grew to a record Rs 8,452 crore as of March 31, 2025. However, the spending during the entire financial year was only Rs 87.85 lakh, primarily utilized for the PM CARES for Children scheme. Over 93% of the total corpus is currently held in Fixed Deposits (FDs), sparking intense political debate regarding fund utilization and transparency.

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Transcript
00:04प्रिधान मंतरी नागरिक सहायता और आपात कालेंस तिती रहत कोश यानि की पीएम केर्स फंड एक बार फिर चर्चा में
00:10है वजह है इसका आकार और इसके खर्ज के बीच दिखाई देने वाला बड़ा अंतर
00:1518 अगस 2026 को सारवजनी किये गए और इटेड खातों के अनुसार 31 मार्च 2015 तक पीएम केर्स फंड का
00:23कुल कोश बढ़कर करीब 8,452 करोड रुपे हो गया लेकिन वितवर्च 2024-2025 में इस फंड से केवल 87
00:31.85 लाख करोड रुपे खर्च किये गए
00:34ये फंड मार्च 2020 में COVID-19 में हमारी जैसी आपाच स्तितियों से निपचने के उदेश्य से बनाया गया था
00:41शुरुवात में इसमें करीब 2.25 लाख करोड की राशी थी इसके बाद देश भर से कंपनियों, संस्थाओं और आब
00:48नागरिकों ने इसमें योगदान दिया
00:50कुछ वर्शों में ये रकम हजारो करोड रुपय तक पहुच गई तो खाते में कितनी रकम ने
00:56Audited विवरण के अनुसार वित वर्श 2024-2025 में फंड को कुल लगभग 1289.9 करोड रुपय मिले
01:05इसमें घरेलू और विदेशी योगदान, बैंक तथा फिक्स डेपोजिट से मिला हुआ ब्याज और विभिन एजंसियों से प्राप्त रकम या
01:13रिफंडर शामिल थे
01:14अलग इस अवधी में सीधे मिलने माले घरेलू और विदेशी चंदे में गिरावट दर्ज की गई
01:18घरेलू योगदान लगभग 480 करोड रुपे रहा जब की विदेशी योगदान लगभग 9.28 लाख रुपे बताया गया
01:26हंड की कोल राशी बढ़ने में ब्याज की भी बड़ी भूमी का रही
01:30रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग 6,641 करोड रुपे फिक्स डेपोजिट में रखे गए थे और इनसे करीब 450 से 475
01:38करोड रुपे का ब्याज राप्ट हुआ
01:40खर्च सिर्फ 87.85 लाख जीहां जो सबसे बड़ा सवाल खर्च को लेकर ही है
01:46पितवर्ष 2024-2025 में पीम केर्स फंड से जो कुल भुगतान केवल 87.85 लाख रुपे दर्ज किया गया
01:54इसमें लगबग 87.84 लाख रुपे पीम केर्स फॉर चिल्डर्न स्कीम पर खर्च किये गया
02:00यह योजना COVID-19 के दौरान माता पिता या अभिभावक खोने वाले बच्चों की सहायता के लिए शुरू की गई
02:06थी
02:06इसके लावा बैंक और SMA से शुल्क के रूप में केवल 451 लुपे का बुगतान दर्ज हुआ
02:11यानि एक और फंड में 8,452 करोड रुपे से अधिकी राशी जमा रही वहीं
02:17पूरे साल खर्च की गई राशी उसके मुकाबले बहुत छोटी थी
02:20कुछ रिपोर्ट्स ने इसे फंड के कुल बैलेंस का लगभग 0.01 प्रतिशत बताया
02:26तो इसमें सवाल क्या है?
02:28यहां सवाल यह नहीं कि फंड में इतनी बड़ी रकम क्यों जमा हुई
02:31आपातकाले इस स्थि के लिए एक मजबूत वितिया कोश होना उप्योगी है
02:35असली सवाल यह है कि जब फंड का उदेश्य संकट और आपदा के समय मदद करना है
02:40तब इतनी बड़ी राशी का वियोग किस नीती के तहत किया जा रहा है
02:44क्या सरकार के पास किसी बड़ी आपदा के सिथी के लिए पहले से तयार खर्ची हो जोना है
03:10कि फंड की आये निवेश, रिफंड, भुगतान और लाभार्तियों की जानकारी अधिक विस्तार से सारवजनीक की जाए
03:16सरकार और फंड किस थी
03:18दूसरी और फंड के समर्थक ये तरक दे सकते हैं कि पीम के एक आपाद का लिन्स रक्षा कोश है
03:24ऐसे फंड का उदेश ये हर साल पूरी राशी खर्च करना नहीं बलकि किसी बड़ी संकट के समय तुरंत पैसा
03:30उपलब्द रखना हो सकता है
03:31लेकिन इस तर्ग के साथ भी पादरशिता की जरूरत खत्म नहीं गूती
03:35अगर अधिकान शिरकम फिक्स डेपोजित में रखी गई है तो जनता को ये बताया जाना चाहिए कि उसका निवेश किस
03:43सनियम के तहत हुआ
03:44उस पर कितना अभ्याज मिला और जरूरत पढ़ने पर कितनी रकम तुरंत उपलब्द कराई जा सकती है
03:49दो साल बाद खाते सारवजनिक
03:53एक और महतोपर्ण बात ये है कि 2023, 24 और 24 पचुस के खाते अगस 2026 में सारवजनिक किये गए
03:59रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों वर्षों के audited statements एक साथ वेबसाइट पर उपलंद कराए गए
04:05इससे ये सवाल भी उठा कि खातों को सारवजनिक करने में देरी क्यों हुई
04:10और नियमित रूप से जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई
04:13हलाकि audited खाते सारवजनिक होना पारदर्शिता के दिशा में कदम आना जा सकता है
04:18लेकिन एक पन्ने के वित्टी अविवरेंट से जनता को पूरी तस्वीर नहीं मिलती
04:22लोगों को ये भी जानना होगा कि चंदा किन सोर्स से आया रकम किनकिन बैंकों में रखी गई
04:27किसी ओजना के लिए कितनी राशी स्विकृत हुई और किसे वास्तों में लाव मिला
04:48अब उसमें मिलने वाले चंदे में गिरावट का ट्रेंड दिखाई दे रहा है
04:52सवाल ये है कि आखिर घरेलू और विदेशी दोनों तरह की योगदान में कमी क्यों आई
04:57और इस फंड का पैसा किन कामों में इस्तिमाल किया गया
05:00PM CARES यानी Prime Minister Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations Fund की स्थापना
05:07मार्च 2020 में कोरोना महामारी जैसी आपात और संकट की परिस्थितियों से निपटने के उद्देशे से की गई थी
05:14आधिकारिक जानकारी के मुताबिक ये फंड पूरी तरह स्वेचिक योगदान पर आधारित है और इसे बजटिये सहायता नहीं मिलती
05:21कोरोना के शुरवाती दौर में देश के आम नागरिकों से लेकर कमपनियों और संगठनों तक ने PM CARES फंड में
05:27योगदान दिया
05:28घरेलू स्तर पर व्यक्तियों और संस्थाओं के अलावा कमपनियों और PSU की और से CSR के तहट भी योगदान किया
05:35जा सकता है
05:36हालाकि सरकारी PSU के बजटिये स्त्रोतों से आने वाला पैसा PM CARES फंड में स्वीकार नहीं किया जाता
05:42लेकिन अब उपलब्ध वित्तिय रिपोर्टों में महामारी के शुरुवाती वर्षों की तुलना में योगदान की रफ्तार कम होती नजर आती
05:49है
05:49घरेलुदान अभी भी फंड का एक महित्वपूर्ण हिस्सा है लेकिन शुरुवाती उच्छाल के मुकाबले इसमें कमी दर्ज हुई है
05:55यानि जिस समय कोरोना का संकट चरम पर था उस समय लोगों और संस्थाओं ने जिस तर पर योगदान किया
06:01था बात के वर्षों में वही गती कायम नहीं रही
06:04यही तस्वीर विदेशी योगदान को लेकर भी सामने आती है
06:07PM Cares Fund को विदेशी नागरिकों और विदेशों में स्थित संगठनों से दान स्वीकार करने की अनुमती है
06:13इसके लिए विदेशी क्रेडिट या डेविट कार्ड और वाया ट्रांसफर या स्विफ्ट जैसे माध्यम उपलब्ध है
06:18हालाकि विदेशी दान में भी महामारी के दोरान आये शुरुवाती योगदान के मुकाबले बात के वर्षों में कमी का ट्रेंड
06:24देखा गया है
06:25इसका एक स्वाभाविक कारण ये माना जा सकता है कि कुरोना जैसी असाधारन आपात स्थिती के दोरान लोगों और संस्थाओं
06:32की प्रात्मिक्ता बड़ी पैमाने पर राहत और स्वास्थे सहायता थी
06:36जबकि संकट की तीवरता कम होने के साथ योगदान का स्तर भी सामान ने हुआ
06:40अब बात आती है कि इस फंड का इस्तिमाल कहां किया गया
06:43पीम केर्स फंड के उदेश्यों में आपात परिस्थितियों से प्रभावित लोगों को सहायता और राहत देना शामिल है
06:49कोरोना महमारी के दोरान इससे स्वास्थि सुविधाओं, मेडिकल उपकरणों, ऑक्सिजन से जुड़ी व्यवस्थाओं और अन्य राहत गतिवितियों के लिए सहायता
06:57दी गई
06:58फंड की खर्च और स्वीकृतियों से जुड़ी जानकारी उसके आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध कर आई जाती है
07:03एक और महत्वपोन बात ये है कि PM केर्स फंड की आधिकारिक वेबसाइट पर घरेलू और विदेशी दोनों तरह के
07:09दान की व्यवस्था आज भी मौजूद है
07:11यानि योगदान में कमी का मतलब ये नहीं है कि फंड ने दान लेना बंद कर दिया है
07:16बलकि मौजूदा व्यवस्था के तहट नागरिक और संगठन अभी भी इसमें स्वैच्छिक योगदान कर सकते हैं
07:21तो कुल मिलाकर तस्वीर ये है कि PM केर्स फंड में कुरोना के शुरुवाती दौर जैसा बड़ा योगदान अब दिखाई
07:27नहीं देता
07:28घरेलू और विदेशी दोनों स्त्रोतों से आने वाले चंदे में महामारी के चरम के मुकाबले गिरा वटाई है
07:33ये बदलाव उस दौर की असाधारन परिस्थितियों और मौजूदा सामान्य स्थिति के बीच अंतर को भी दिखाता है
07:39आखिर में PM Cares Fund को समझने के लिए केवल ये देखना परियाप्त नहीं है कि कितना पैसा आया बल्कि
07:45ये भी देखना जरूरी है कि किस अवधी में कितना योगदान मिला, कितना पैसा स्वीकृत या खर्च किया गया और
07:51किन उद्देश्यों के लिए उसका इस्तिमाल हुआ
08:09एखिर टो अट वैट आप नहीं है कि उनक्तिया खर्च कि अवधी में कितना आपर द्च को अवधी में कितना
08:13पैसा स्वीकृत इस्तिमा वोगद आप समयभरे बादान मिला प्रूबीर है कितना और कि आवधी पैसे देखना झाहिएंग।
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