00:00आज अगर आपको फिल्म इंडूस्ट्री का इतिहास जो है वो सिर्फ मुझे पालूब है हर एक की लाइफ पालूब है
00:10डिरेक्टर, प्रोडूसर, आर्टिस, सिंगर सब मैं जाती हूं
00:32भारतिय संगीत जगत की सूप्रसिद्ध गाय का आशा भोसले का 92 वर्ष की आयू में निधन हो गया है
00:38मल्टी ओर्गन फेलियर को उनकी मृत्यू की मुख्य वजह बताया जा रहा है
00:43उन्हें 11 अप्रेल शनिवार को अस्पताल में भरती कराया गया था जहां वे आईसीउ में थी
00:48उनके पुत्र आनंद और डॉक्टर प्रतीत समदानी ने इस दुखत खबर की आधिकारिक पुष्टी की है
00:54इसी बीच सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना वीडियो तेजी से वाइरल हो रहा है
00:59जिसमें उन्होंने खुद को फिल्म इंडस्ट्री का आखरी मुगल बताया था
01:03उन्होंने कहा था कि वे फिल्म जगत के हर राज और इतिहास की इकलौती गवाँ है
01:08आशा भोसले के निधन की खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके करोडों चाहने वालों को जगजोर कर रख दिया
01:14है
01:15डॉक्टर प्रतीत समदानी ने पुष्टी करते हुए कहा कि उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया
01:21था
01:21जिसके कारण तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका
01:25उनके निधन के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो और साक्षातकारों की बाढ़ आ गई है
01:31BBC के Facebook पेज पर साजा किये गए एक पुराने वीडियो में आशा जी ने फिल्म इंडस्ट्री के प्रती अपने
01:37गहरे अनुभव को साजा किया था
01:39उस वीडियो में वे आत्म विश्वास के साथ कहती नजर आ रही है कि मैं इस इंडस्ट्री की आखरी मुगल
01:45हूँ
01:45और अगर किसी को फिल्म इंडस्ट्री का वास्तवे कितिहास जानना है तो वो सिर्फ मुझे ही मालूम है
01:51उन्होंने बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा था कि उन्हें हर निर्देशक, निर्माता, कलाकार और गायक के जीवन की हर छोटी
01:59बड़ी बात याद है
01:59उनका कहना था कि उनके पास इतनी कहानिया और यादे सुरक्षित हैं कि अगर वे उन्हें सुनाने बैठें तो तीन
02:06से चार दिन का समय भी कम पड़ जाएगा
02:08उन्होंने जोर देकर कहा था कि वे कुछ भी भूली नहीं है और उनके मन में सिनमा का पूरा सफर
02:14एक जीवन्त तस्वीर की तरह बसता है
02:17उनके करियर पर नजर डालें तो आशा भोसले ने अपनी सुरीली यात्रा की शुरुआत साल 1948 में की थी
02:23उन्होंने फिल्म चुनैन्या में एक बैक्ग्राउंड सिंगर के रूप में अपनी आवाज दी थी
02:27उनका पहला फिल्मी गाना सावन आया रे था जिसे उन्होंने उस दौर की दिगजगाई का गीता दत और शमशाद बेगम
02:34के साथ मिलकर गाया था
02:36इसके ठीक एक साल बाद 1949 में आई फिल्म रात की रानी ने उन्हें वो मुकाम दिया जिसकी वे हकदार
02:43थी
02:43क्यूंकि इसी फिल्म में उन्हें अपना पहला सोलो गाना गाने का अफसर प्राप्त हुआ था
02:47आशा जी की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज
02:53है जिसे तोड़ना किसी भी गायक के लिए लगभग असंभाव है
02:56उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में बारा हजार से भी अधिक गाने रेकॉर्ड किये जो की विभिन भारतिये और विदेशी भाषाओं
03:03में पहले हुए है
03:04उनकी आवाज में एक ऐसी कशिश और विवित्ता थी कि वे हर उम्र के श्रोताओं की पसंद बनी रही
03:10चाहे वो चुल्बुले गाने हो या फिर गंभीर शास्त्रिय धुने उन्होंने हर विधा में अपनी श्रेश्टता साबित की
03:17भारतिय सिनिमा के विकास में उनका योगदान अतुल्निय है और उनके निधन से संगीत का वो महान स्थम भठे गया
03:24है
03:24जिसने साथ दशकों से कधिक समय तक सुरों की दुनिया पर राज किया
03:28आज भले ही वे हमारे बीच नहीं रहीं लेकिन उनके गाय हुए हजारों गीत और उनके द्वारा साजह की गई
03:34यादें हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जिन्दा रहेंगी
03:37उनका वो खुद को आखरी मुगल कहना आज उनकी महानता और उनके विशाल अनुभव का सबसे बड़ा प्रमान बन गया
03:44है
03:44जिसने भारतिय सिनिमा के हर उतार चड़ाव को बहुत करीब से महसूस किया था
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