00:00कुवैत की धर्ती पर एक ऐसा हमला हुआ जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया
00:04इरान और इसराइल के बीच चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य बेस पर अचानक हुए ड्रोन हमले ने हालाद
00:10बदल दिये
00:11इस हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और करीब 20 सैनिक घायल हो गई
00:16लेकिन अब इस घटना को लेकर जो खुलासे सामने आ रहे हैं उन्होंने अमेरिका की सैने रणनीती और नेत्रित्व पर
00:22गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं
00:24हमले के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग ने दावा किया था कि एक ड्रोन ने मजबूत सुरक्षा घेरे को तोड़ कर
00:30बेस के अंदर हमला किया
00:31लेकिन इस हमले में जीविद बचे सैनिकों ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है
00:36उनका कहना है कि बेस पर कोई मजबूत सुरक्षा कवच मौजूद ही नहीं था
00:40और सैनिकों को बिना परियाब सुरक्षा के वहां तैनात किया गया था
00:44उनके अनुसार ये हमला रोका जा सकता था लेकिन तयारियों की भारी कमी के कारण ऐसा नहीं हो सका
00:50ये हमला 2021 के बाद अमेरिकी सेना पर सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है
00:56CBS News को दिये इंटर्व्यू में कई सैनिकों ने खुल कर कहा कि उन्हें जान बूच कर ऐसे हालात में
01:02डाला गया जहां उनकी सुरक्षा बेहत कमजोर थी
01:04एक घायल सैनिक ने बताया कि सरकार का ये कहना गलत है कि ड्रोन ने सुरक्षा घेरा तोड़ा
01:10जबकि हकीकत ये है कि वहाँ आत्मरक्षा के लिए कोई मजबूत सिस्टम मौजूद ही नहीं था
01:15सैनिको ने बताया कि जज बेस पर उन्हें तैनात किया गया था वो कोई आधुनिक सैन ने किला नहीं था
01:21बलकि एक पुराना और कमजोर धांचा था वहाँ न तो आधुनिक एर डिफेंस सिस्टम था और ना ही ड्रोन हमलों
01:27से बचने की कोई खास तैयारी
01:29सिर्फ कुछ कॉंक्रीट बैरियर थे जो पुराने हथियारों के खिलाव बनाए गए थे लेकिन आधुनिक ड्रोन हमलों के सामने वे
01:36पूरी तरह बेकार सावित हुए
01:37इस पूरी घटना के केंदर में 60 सैनिकों की एक यूनिट थी जो एक सो तीनवे सस्टेनमेंट कमांड का हिस्सा
01:44थी
01:44रेपोर्ट्स के अनुसार युद से पहले अधिकतर सैनिकों को जॉर्डन और सौधी अरब में शिफ्ट कर दिया गया था
01:49लेकिन इन 60 सैनिकों को इरान के ज्यादा करीब एक समवेदनशील इलाके में तैनात रखा गया
01:55सैनिकों का कहना है कि उन्हें बिना स्पष्ट वज़ा के ऐसे इलाके में भेजा गया जो पहले से ही खत्रे
02:00में था
02:01दो मार्च का दिन इस घटना का सबसे खौफनाक हिस्सा माना जा रहा है
02:05उस दिन बेस पर अचानक सायरन बजा और सैनिकों को बंकर में जाने का आदेश दिया गया
02:10कुछी देर बाद एक मिसाइल बेस के उपर से गुजर गई और फिर हालाच शान्त हो गए
02:15लेकिन करीब 30 मिनट बाद अचानक जोरदार धमाका हुआ और ड्रोन ने सीधे बेस के बीचों बीच हमला कर दिया
02:21सैनिकों का कहना है कि उन्हें बार-बार खत्रे के बावजूद परियार्थ सुरक्षा नहीं दी गई
02:26उनका आरोब है कि खूफिया एजन्सियों को पहले से अंदेशा था कि ये बेस निशाने पर हो सकता है
02:32फिर भी कोई मजबूत कदम नहीं उठाया गया
02:34यही वज़ा है कि अब कई सैनिक ये सवाल उठा रहे हैं कि क्या उन्हें जान बूज कर जोखिम में
02:39डाला गया था
02:41इस पूरे मामले में अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है
02:44सैनिकों के आरूपों के बाद अब सुरक्षा विवस्था सैनिय रणनीती और नेत्रित्व की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं
02:51क्या ये सिर्फ एक सुरक्षा चूक थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ी रणनीतिक गलती थी इस पर अब बहस
02:57तेज हो गई है
02:58फिलहाल इस घटना ने अमेरिका की सैनिय तयारियों की पोल खोल दी है और ये साफ कर दिया है कि
03:03आधुनिक युद में सिर्फ बड़े दावे काफी नहीं होते
03:06बलकि मजबूत सुरक्षा विवस्था ही असली ढाल होती है
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