00:00दिवनास सर वो जो यूएस के मरीन सेनिक पहुचने वाले थे मध्यपूर में जिनके बारे में बताया गया कि कलो
00:05सिंगापूर के आसपास थे और वो मध्यपूर के रवाना हो रहे थे अभी आपके साब से कहां पहुचे होंगे वो
00:10आपके पास कोई जानकारी है
00:13जो मध्यपूर से इनके मेरीन कमांडो जो निकले थे वो फिलाल अभी तक जो स्ट्रेट आफ मलाका है मलिशिया और
00:24इंडिनेशिया के बीच में वहां से क्रॉस्ट नहीं हुआ है
00:29हमारी जो अंडिमान निकोबार कमांड है यहां पे हमारा एक जॉइन्ट ट्राइ सर्विस कमांड है आर्मी नेवी एरफोस का
00:38वो भी बहुत उच्छता से बैटे हैं कि कब ये अमेरिकन एंफेपियस लैंडिंग शिप स्ट्रेट आफ मलाका से गुजरेगा
00:46और हिंद महासागर का चक्कर लेते हुए अरब सागर की तरफ कूछ करेगा तो अभी तक स्ट्रेट आफ मलाका से
00:53वो पूरव के देशा में ही है
00:57बिल्कुल तेजाओ साब के पास चलते हैं तेजाओ साब आपने बाचित की शुरुआत में एक बहुत ही दिल्चस बात बताई
01:02थी जिसके बारे में और भी बहुत साइब लोग कर रहे हैं
01:05कि इरान शुरू से ही उसको लगबा 30-40 सालों से पता था कि ऐसा एक युद्ध तो होगा ही
01:10आरपारवली लडाई होगी और उसके लिए वो खुद को तयार कर रहा था
01:14दूसरी तरफ इजराईल और अमेरिका को लेकर भी कहा जा रहा है कि नितन्याहू की कोशिश तो बहुत दिनों से
01:19थी
01:19जो भी अमेरिका में नेयर आश्टपती आता था उसके पास हो जाते थे कि चलो इरान पर हमला करते हैं
01:24सब लोग मना कर देते थे इस बाद टरंप साहब जहां से में आ गए और उन्होंने हमले का आदेश
01:29दे दिया
01:29आपके हिसाब से क्या अमेरिका का रोल पहले भी हम इस बारे में बात कर चुके हैं लेकिन अब बाती
01:35इतनी जादा हो रही है कि वो बाते आही जाती है
01:37कि अमेरिका का रोल उतना जादा नहीं था इजराइल ने बहुत जादा उनको बढ़ाया बढ़ा चड़ा कर बताया कि देखिए
01:44आप वेनेजियोला में सक्सेस्फुल हो चुके हैं सफलता मिल चुकी है यहां भी सफलता मिल जाएगी और इस दोरान ये
01:50लोग आकलन करने में
01:51भूल कर बैठी बिल्कुल आंकलन में भूल तो ही ये वेवाव साहब बिसमें कोई दोरा है नहीं है और इसी
01:57कारण अमरिका जो है वो बहुत ही अंकमफटेबल सुचेशन में है कभी वह साहता मांगता है और उससे निकलने में
02:04अमेरिका सक्षा में पर निकलने में समय लगे
02:18है उनके जो पांगत एक व्यक्ति थे जिनके पत्नी का बॉम ब्लास्ट में मौट हो गए थी टेरिजम का ही
02:27था वो कहीं थी और ये भी तो लगाता है ट्रंप के जितने भी सलाकार वगरा है वो यह आरूप
02:33लगाते रहे हैं कि जो खासकर डोनाल्ट ट्रंट सहाव है वो जो
02:38जूस लॉबी है अमरिका में यह जूस लॉबी अलग-अलग फिल्ड में पहले हुई है और मैं आपको अगर बताओं
02:46तो न्यूव टाइम्स से लेकर वाशिंटन बोर्स से लेकर फेस्बुक से लेकर शोशल मीडिया प्रिंट मीडिया और वीजोल मीडिया है
02:54ना रूपर्�
03:06प्रभाव है इसमें कोई दोरा है नहीं है भारत ने भी कई वार इस जूस लॉबी से रिक्वेस्ट किया जिस
03:11आस बहुत सारी अमरिका से अपने संबंदों को ठीक करने के लिए या दील वगदारा के लिए अथर भारत भी
03:18कोशिश करता है कि उसको समद कर में तो उन सारे ड
03:36प्रेप में फसका हैं हैं उनको ऐसे सब्जबाद दिखाये गए या उनको ऐसा बताया गया कि ऐसा करने से यह
03:43हो जाएगा और अमेरिकान मेडिया में एक बात तो साफ साफ तोर पे चर्चा चल रही है वो यह कह
03:49रहे हैं कि माना कि इसराइल के लिए यह एक्जिस्टेंस के �
03:52लड़ाई थे पर अमेरिका के लिए तो यह चॉइस की लड़ाई थे न और अमेरिका का एम क्या था अभी
03:58तक इस पॉस्ट नहीं कर पाया है परमाणों जो ठेकाने के उनको नस्ट करना था एरान के मिसाइल जो कारिकरम
04:06है उसको चैलिंज करना था तेल के भंडारों पर अ�
04:22अबी तक अमेरिका ने साफ ने किया है, अमेरिकन सरकार ने आज तक नहीं बताया कि उसका उद्देश ही किया
04:26था, तो ऐसा लगता है कि बिना किसी उद्देश ही हिंता में ही, उन्होंने ये लड़ाई शुरू कर दी और
04:32गरेलो इस तर पर भी अपने लिए एक काफ़त मुल �
04:36और शायद ये सब कुछ ओवर कॉंफिडेंस में किया गया है, क्योंकि एक के बात एक उन्हें वेनेजियोला से लेके
04:42तमाम जो उनको सफलता है मिल रही थी, और जिस तरीके से उन्होंने काचा में नरसाहार किया, जिस तरीके से
04:50उन्होंने हिजगुलाद को एक बहुत बढ
05:04कि ओवर कॉंफिडेंस गलत देशा में चला जाता है, जो अभी अमरिका उसके कॉंसिटेंस को फेस कर रहा है, बिलकुल,
05:13दिवनासर के पास चलते हैं, दिवनासर एक गंटे पहले टरम साहब ने अपने सोशल मीडिया जो प्लेटफॉर्म है उनका टूथ
05:19उस पर पोस्ट कि
05:20है और उन्होंने फिर से अपने सहयोगी देशों को चेतावनी दी है, खासकर नेटो के सहयोगियों को कि क्यों ना
05:28हम इरान की बची कुछी जो लीडर से उसको खत्म कर दें और फिर उसके बाद स्टेट ऑफ होर्मूज के
05:33लिए जो लोग परिसान हैं, उनको भी चेतावनी �
05:36दें ऐसा करके उन्होंने कुछ लिखा है, आपको क्या लग रहा है कि बार बार वो अपना एक तो बयान
05:42बदलते रहते हैं, पहले वो कहते हैं कि नेटो के देश हमारे सहयोग करने के लिए आए, इस्टेट ऑफ होर्मूज
05:46में अपने युद्वोध भेजें, फिर वो कहते ह
06:29क्या है?
06:30इस्टेशों के साथ, ट्रम साफ ने कोई कंसल्टेशन नहीं कोई, कोई विचार विमर्श नहीं किया था, ये तो इसराइल के
06:38कहने पर, या इसराइल के वैकावे में आकर, इसराइल और अमरिका ने एक साथ इरां की बंबारी शुरू कर दी,
06:46दूसरी बाते देखिए, ने�
07:00मिलकर उस पर हमला करेंगे, तो यहां तो वो केस बनता ही नहीं है, क्योंकि यहां किसी इरान ने तो
07:06अमरिका पर हमला नहीं किया, हमला तो उल्टे अमरिका ने इरान के उपर किया है, तो क्यो नेटो देश अमरिका
07:14को बचाने के लिए सामने आएंगे, नेटो का चार्टर �
07:16यहां लागू नहीं होता है एक और चीज है देखिए दोनाल ट्रम्प जो है बहुत सिलेक्टिव हैं उनको नेटो का
07:22चार्टर एक से लेके चार तक पढ़ना चाहिए प्रिष्ट बुमी बहुत क्लियर है नेटो को बनाया गया था रूस के
07:29खिलाफ मनो भावना थी उस समय वा
07:45बत्र देश शकते हैं ऐसा नहीं होता है जी
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