00:08असम में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग पूरी हो चुकी है असम की जनता ने 126 विधानसभा सीटों के लिए
00:15अपने मतादिकारों का परियोग कर दिया है।
00:59बहुत जादा है।
01:00लेकिन अगर हिमनता हार जाते हैं तो उनके हार के पीछे कौन से कारण हो सकते हैं इसके बारे में
01:10आज हम आपको इस वीडियो में बताएंगे।
01:40बताएंगे।
01:41के चुनाओं में इस बार के चुनाओं में पूरे कैंपेन के दौरान दिखा है।
01:46अपनी जीत को लेकर बहुत जादा आश्वस दिखे।
01:49वो जब भी बयान देते बहुत आक्रमक होके बोलते है।
01:52चुनाओं के दौरान उन्होंने ना सिर्फ अपनी मुख विपक्षी पार्टी कॉंग्रेस के अध्यच खडगे से लेकर
01:58राहुल गांधी जो लोगस्वह में निता प्रतिपक्ष हैं।
02:01उनकी बहन प्रियंका गांधी जो असम में डटी हुई थी जो पार्टी की महासचिव हैं।
02:05सब को उन्होंने लपेटा और उनके लिए ऐसे शब्दों का इस्तिमाल किया।
02:09जो राजनीती में कहीं न कहीं मर्यादा से थोड़ा परे माने जाते हैं।
02:13या कहा जाता है कि ये मर्यादा का उलंगन करते हैं ये शब्द। उनका भी इस्तिमाल किया।
02:17बिजेपी के और भी नेताओं के भी बयान ऐसे ही दिखे जिससे ये जाहिर होता दिखा कि असम में बिजेपी
02:24अत्म आत्म विश्वास का शिकार तो कहीं नहीं हो गई है।
02:28तो पहला ये बिंदू है जो हिमंता को और उनकी पार्टी को भारी पर सकता है इस चुनाओं। दूसरा बिंदू
02:34जो भारी पर सकता है वो है दूसरे दलों के नेताओं की भरमार।
02:39कॉंग्रेस पार्टी से कई बड़े नेता इस चुनाव के दौरान भारतियंता पार्टी में शामिल हुए।
03:09पार्टी में शामिल करा लिया। ऐसे में कॉंग्रेस के बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ना हिमनता को भारी पड़ जाएगा।
03:39ऐसे में उस छेतर के आसपास इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।
03:46दोनों ताकत जुड़ जाएगी सत्तापक्स वीपक जुड़ जाएगा बहुत जादा ताकत हो जाएगी लेकिन कई सारे लोग इस और इंगित
03:53कर रहे हैं इस और इशारा कर रहे हैं किसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।
03:58तो ये हो गया दूसरा बिंदू जो हिमंता विस्षर्मा और भार्टिंता पार्टी को असम में भारी पड़ सकता है।
04:30जित जाती हैं बदूदीन अजमल भी खुद लोगसभा के सांसद रहे हैं और रिकार्ड मतों से जितते आ रहे थे
04:36लेकिन 2014 में उन्हें रिकार्ड मतों से हार भी मिली थी।
05:23की आबादी 30 फूजदी से जादा बताई जाती है।
05:28जो भी आकलन आए हैं विशलिशण आए हैं ओपिनियन पोल आए हैं वो यही बता रहे हैं कि बदूदीन अजमल
05:33की पाटी सुनाव में बेहद ही सीमित सीटों पर सिमटने वाली है हो सकता है तीन चार पात से उपर
05:40उनकी संख्या ना बढ़ पाए।
05:41वोटों की वोट परसेंटेज की संख्या भी कितनी ही रह सकती है उन्हें को जादा फायदा होता हुआ नहीं दिख
05:47रहा है।
05:53तो जाहिर सी बात है वोट कर रहे हैं कॉंग्रेस पार्टी को और अगर कॉंग्रेस पार्टी के पक्ष में मुस्लिमों
05:59का बड़ा वोट आ जाता है तो ये बीजेपी के लिए जाहिर सी बात है चिंता जनक बात है और
06:04यही हमारी इस जो बातचीत जो मैं बता रहा हूँ जो
06:09आकलन बता रहा हूँ उस आकलन का तीसरा बिंदू भी है कि अगर मुसलिमों वोटों के बीच में असम में
06:16बटवारा नहीं होता है अगर मुसलिमों का 70-80% वोट सीधे कॉंग्रेस हतिया लेती है या कॉंग्रेस पा लेती
06:23है तो हिमंता को जटका लग सकता है इन तीनों विं�
06:29मैं फिर से यही कहता हूँ किस बार हिमंता की राह आसान लग रही है असम में अगर कोई आश्चर
06:36जनक परणाम न सामने आ जाए अगर कोई ऐसा नतीज़ा न सामने आ जाए जो चोका दे जैसा कि पिछले
06:42कई चुनाओं में आ चुका है उसके अलावा आकलन बता रहे हैं आ
06:57को चार माई का अंतजार करना होगा जब असम की जनता का फैसला सब के सामने आएगा असम की जनता
07:03ने अपना फैसला मत पेटियों में बंद कर दिया है मत पेटिया चार माई को खुलेंगी और चार माई को
07:09ही पता चल पाएगा कि क्या असम में बीजेपी लगातार तीसरी ब
07:26कर दो
07:27कर दो
Comments