00:08असम में विधान सभा चुनाव के लिए वोट डाले जा चुके हैं असम के राधनितिक और चुनावे तिहास में सबसे
00:14ज़्यादा वोटिंग इस बार हुई है 85-60 से ज़्यादा इस चुनाव में दो प्रमुक गडबंधनों के बीच में असली
00:20लड़ाई है अगर भार्तियंत
00:29अगर दूसरी तरफ वाले गडबंधन को जीत मिलती है यानि विपक्षी थेमे को जीत मिलती है जिसका नित्युट कॉंग्रेस के
00:35हाथों में है तो फिर गवरोगोगोई के सीम बनने की संभावना जटाई जा रही है गवरोगोई सीम बन पाएंगे या
00:42नहीं कॉंग्रेस प
00:55कीस में भी उसके हाथ में सकता नहीं आपाई थी इस दौरान दस सालों में कॉंग्रेस पार्टी का संगठन असम
01:01में काफी कमजोर हो गया उसके कई सारे नेता पार्टी छोड़ कर चले गए और कई सारे बड़े नेता जो
01:07थे उन्होंने दिल्ली में अपना ठीकाना बना लि
01:23गोरोगोई को दोजार पचीस में प्रदेश कॉंग्रेस कमेटी का अध्यच बनाया गया था और फिर उन्हें कहा गया कि आप
01:30ही इस बार अपने कंदों पर चुनाव की पूरी बागदोर समहा लिए गोरोगोई दिल्ली की राधनिती करती आये हैं गांधी
01:38परिवाद के का�
01:51जा रहा है किस बार कॉंग्रेस पार्टी ने सीधे तोर पर बीजीपी को वॉक ओबर नहीं दिया है लड़ाई मजबूती
01:57से लड़ी है वो तीन काम कौन से गोरोगोई ने किये एक एक करके आपको बताते हैं पहला काम उन्होंने
02:02किया सांगठनिक तोर पर पार्टी को काफ
02:2125 तक जितने भी लोग असम कॉंग्रेस कमिटी के अध्यश बने थे उन्होंने सिर्फ व्यातो परदेश की राधनिकी की थी
02:27या फिर वो दिल्ली के आला कमान को खुश करने में लगे रहे थे जिलास्तर पर किसी ने कोई काम
02:32नहीं किया तो गरोगोई ने सबसे पहला काम ये
02:51जुड़े कॉंग्रेस के लिए काम किया लेकिन इसका नकारात्मक असर भी देखा गया इसका उल्टा असर भी देखा गया अगर
02:57गोरोगोगोई के हाथ में कमान मिली तो बहुत सारे बड़े नेताओं को असहचता मैसूस हुई और उन्होंने पार्टी छोड़ भी
03:03दी जिस
03:21बिल्ली आलाकमान के करीबी हैं वो काम ये था कि गांधी परिवार ने इस चुनाव में व्यक्तिगत दिल्चस्पी ली या
03:27उन्होंने इसे नाक का सवाल बना लिया था क्योंकि असम खासकर हिमंत विस्टरमा 2015-16 से ही गांधी परिवार को
03:34खटकते आ रहे हैं कहा जाता है ग
03:50वो वाला प्रकरण काफी जादा लोग प्रिये हुआ था जब वो राहुल गांधी से मिलने गए थे और उन्होंने कहा
03:54था कि उन्हें कुत्ते को खिलाने वाला बिस्किट जो है वो आउफर किया गया था तो काफी जादा तलखी है
03:59हिमंता और गांधी परिवार के बीच में
04:20कोई खास है इसलिए है और हिमंता जिन्होंने कॉंग्रेस में नुकसान पहुचाया है इसलिए है तो देखिए बगल बगल दो
04:25राज्यों में चुना हो रहा है पश्यमंगाल में और असम में लेकिन असम जहां पर सिर्फ विधान सबग 126 सीटे
04:30हैं पश्यमंगाल में 294 सी�
04:37साधन जोके और सब कुछ जादा ही लगाया तो दूसरी बड़ी वज़ा ये थी कॉंग्रेस के फायदे के लिए और
04:43तीसरी वज़ा ये थी कि गोरो गोई ने AIUDF को बिल्कुल भी तवज्यों नहीं दिय और उनसे हाथ मिलाने की
04:50तनिक भी कोशिश नहीं की विशले चुना�
05:05होना रहेगी कि बीजेपी को सत्ता से बाहर रखा जा सके लेकिन 2021 में ये परियोग पूरी तरह आसफल हुआ
05:11था उसके बाद देखा गया कि गड़बंधन तूटता है 2024 का लोकसवा चुनाओ आता है उस लोकसवा चुनाओ में वजरुदी
05:17नजमल खुद दुबरी वाली सी�
05:22में अंतर उनकी ही हार कथा दस लाग से जादा वोटों से हारते हैं कॉंग्रेस को मिद्वार से उसके बाद
05:27AIUDF का पतन की शुरुवात हो जाती है कहा जाता है कि अब उसके दिन चले गए अब उसे बहुत
05:32जादा लोग पसंद नहीं कर रहे हैं खासकर मुसलिमों में अब व
05:48मुसलिम वोटों में बटवारा हो यहान रहे असम डेष के उन गिने चुन राज्यों में है जहां पर मुसलिमों की
05:52आबादी 30% से जाधा है और यहां के मुसलिम दूब भागों में वोट देते हैं उनके वोट दूब हागों
05:58में बढ़ते हैं ौर एक बड़ा हिस्सा पार्
06:14क्योंकि बद्रुदी नजमल को जितने भी ओपनेंस पोल आ रहे हैं सर्वे आ रहे हैं उसमें यही दिखाया जा रहा
06:19है कि उनको जादा से जादा पात से साथ सीटे मिल सकती हैं और उनका वोट फीजदी भी वोट परसंटेज
06:25भी इतना ही रह सकता है तो कुल मिलाकर गरोगो�
06:40असम की सक्ता में ना अपए जितने भी सर्वे आ रहे हैं उसमें यह बताया जा रहा है कि बीजेपी
06:46जीत की हैट्रिक असम में लगा सकती है क्योंकि उसके लिए बहुत जादा माहुल बना हुआ था पहले से ही
06:52और हिमंता भी सर्मा ने बिलकुल भी कसर नहीं छोड़ी है ब
07:09उसका असर देखा भी गया है तो कुल मिलाकर असली अतीजों के लिए में चार मई के इंतिजार करना होगा
07:14लेकिन इतना तोताय है कि 2016 वाली 2021 वाली कहानी 2026 में नहीं दोहराई गई है जैसा कि कॉंग्रेस पार्टी
07:21का संगठानिक तोर पर प्रदर्शन 2016 में रहा था 21 में र
07:38रखे हैं अपने मतादिकार को जो प्रयोग किया है और चार मई को जब मतपेटिया खुलती हैं तो किसके पक्ष
07:43में उनका फैसला आता है और कौन असम में सरकार बनाता है
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