00:07असम में विधानसभा चुनाव को लेकर एकजिट पोल्स सामने आ चुके हैं एकजिट पोल्स में वही दावा किया जा रहा
00:14है जो असम को लेकर पिछले छे महिने में हर सर्वे में दावा किया जा रहा है यानी बीजेपी लगातार
00:21तीसरी बार असम की सत्ता में आने जा रही ह
00:24ऐसा एक्जिट पॉल का दावा है ऐसा सभी राधितिक विश्ल्य स्कोण का दावा है और ऐसा ही अधिकाश उन लोगों
00:31का दावा है जो ऐसम की राध्निती
00:32पर करीब नजर रखते हैं या ओसम की राध्निती को थोड़ा बहुत भी समजते हैं ऐसे में घ challeng पॉल
00:42परामें से 11 एकजिट पोलो ने डावा किया है कि असम में बीजेपी ही सत्ता में रहने वाली है इस
00:48बीच कॉंग्रेस पार्टी जिसे इस बार असम में काफी उम्मीदे थी खासकर गोरो गोई को जिन्हें असम की बागदोर दी
00:55गई थी उन्हें असम कॉंग्रेस कमेटी का दे
01:11पूरित कर चुके हैं असम में लेकिन कॉंग्रेस के इतना जोर लगाने के बावजूद बीजेपी आसानी से असम क्यों जीतने
01:19जा रही है ये बात हर किसी को हजम नहीं हो रही या कहलें इस सवाल का जवाब हर कोई
01:25जानना चाहता है कि असम में बीजेपी इतनी मजबूत कै
01:29से हो गई कि असम उसका सबसे मजबूत गढ़ बन गया उन किलो में से बन गया बीजेपी के जहां
01:35पर बीजेपी को हराना अब बहुत मुश्किल हो गया है
01:382016 बीजेपी जितती है 2021 बीजेपी जितती है 2026 में भी तमाम एक्जिट पोल्स कह रहे हैं कि बीजेपी ही
01:45वापस आ रही है एक्जिट पोल्स में मैं नाम लेकर एक एक करके आपको बता देता हूँ
01:49जैसे एक्सिस माय इंडिया का कहना है कि बीजेपी 88 से 100 सीटे जीत सकती है मैट्रिज का कहना है
01:56बीजेपी 85 से 95 सीटे जीत सकती है पीपल्स प्लस का कहना है कि 68 से 72 सीटे बीजेपी जीत
02:04सकती है पी मार्क का कहना है कि 82 से 94 सीटे बीजेपी जीत सकती है जेवी सी 88 से
02:09100 सो जीत
02:10सकती है ऐसे ही चाड़क्या पोल डारी वोट वाइब जन्मत पोल्स का मख्या एना पीपुल्स इंसाइट सब का दावा है
02:17कि बीजेपी ही जीतने वाली है और सब कह रहे ही बीजेपी असिस जादा जी सकती है सो के करीब
02:22सीटे जी सकती है असम में 126 ही तो कुल विधा सबा की स
02:39असम में सफलता नहीं मिल रही अनुमान की मुताविक सफलता नहीं मिल रही और आसाफ तोर पर कहें तो वो
02:45काटे की लडाई भी नहीं बना पाए मुकाबले में भी नहीं रह पाए हैं बीजेपी के तो क्या वज़ा रही
02:50इनमें से दो बड़ी वजहों का जिक्र बहुत सार
03:06गरोगोगोई, गरोगोगोई के साथ एक नई टीम बनाई गई, गांधी परिवार के लोग खुद असम में डेरा डाले रहे, बहुत
03:13सारे दिल्ली के लोग असम पहुचे, लेकिन वो सब सिर्फ उपरी सता पर होता रहा, निचले अस्तर पर, जिले अस्तर
03:20पर, ब्लॉक अस्त
03:36राज्यों में बहुत ज्यादा मजबूत है, उसकी वज़ा ये है कि BJP बूत मैनेजमेंट बहुत अच्छे से करती है, मिचले
03:42अस्तर पर, जमिनी अस्तर पर बहुत मेहनत करती है, और यहीं कॉंग्रेस पार्टी मात खा गई, कॉंग्रेस पार्टी को जब
03:49लगातार दूसर
04:02की तयारी में वो लग जाती है, लेकिन कॉंग्रेस ने ऐसा नहीं किया, और इसी वज़ा से BJP के सामने
04:08वो सिकर्ष्क खाती हुई दिख रही है, तो सबसे बड़ी वज़ा ये सांगठनिक छंता नहीं होना, और दूसरी बड़ी वज़ा
04:17ये मानी जा रही है कि अपने नेता
04:19को एक जुट ना रख पाना, गोरो गोई के आने से ऐसा हुआ कि बहुत सारे कॉंग्रेस के जो असम
04:26के बड़े नेता थे, उनको लगा कि गोरो गोई दिल्ली की राजनिती करते थे, सांसत थे, लोकसभा के अभी भी
04:31हैं, और उनको लगातार आकर असम भेजा जा रहा है, उ
04:37उनको परदेस कॉंग्रेस केमिटी का अध्यस बना दिया गया, और जो पहले से स्थापित नेता थे, जो पहले से ही
04:43असम में खुटा डाले हुए थे, उनको ऐसा लगा कि इस नए नेता के इस युवा नेता के आधेशों का
04:49पालन मैं नहीं कर सकता, और इसी वजा से आपने
05:07तक वो अध्यस थे, तो आप समझ सकते हैं कि किस तरह से सांगठिनिक तौर पर कमजोर्थी पार्टी और किस
05:13तरह से नेताओं को एकजूट रखने में भी विफल साबित हुई है, और यही दो बड़ी वजह हैं, कॉंग्रेस पार्टी
05:20के हार की मानी जा रही है, हाला कि अभ
05:37लेकिन जैसा माहोल दिख रहा है, जैसा लोगों की बाते से समझ आ रहा है, वो यही है कि बीजेपी
05:43आसानी से सम का चुनाओ जीतनी जा रही है, उसे भारी बहुमत मिल सकता है, तो यह दो वजह है
05:49रही मोटा माटी तोर पर जो समझ में आ रही है, इसके बाद अगर कॉंग
06:07में बैठे रादनितिक जानकारों से बात करने के बाद, वो यही है कि कॉंगरेस पार्टी असम में फिर से हारने
06:12जा रही है, और उसके हार की दो बड़ी वज़ा, पहली वज़ा कि सांग अठनी तोर पर अच्छे से काम
06:16नहीं करना, दूसरी वज़ा अपनी नेताओं को एक
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