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  • 3 hours ago
पैरा-एथलीट लोकेश मंत्र की एक पैर से दुनिया जीतने की जिद. मां दिहाड़ी मजदूर. पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं. लेकिन इन्होंने कभी परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी. ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वो T-42 श्रेणी की हाई जंप में हिस्सा ले रहे हैं.ये  आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम ज़िले के पलाशा ब्लॉक के रेंटिकोटा गांव के रहने वाले हैं. इनका शुरुआती जीवन आसान नहीं रहा है. बेहद गरीबी में पले बढ़े. मां-पिता ने कभी बेटे की प्रतिभा को नहीं दबाया. उन्होंने खुद भूखे रहकर भी अपने बेटे को खेलने के लिए प्रोत्साहित किया और पढ़ाई का खर्च उठाया.तमाम कठिनाई के बावजूद लोकेश आगे बढ़ते गए. शुरुआती दौर में उनके पास संसाधनों की कमी थी. लेकिन कोच रामा राव और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच रमेश की देख रेख में अपनी प्रतिभा को निखारा. वो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5 मेडल, राष्ट्रीय जूनियर स्तर तीन पदक अपने नाम कर चुके हैं.

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00:09पैराएथलेट लोकेश मंत्र की एक पैर से दुनिया जीतने की जिद्धूर पिता राज मिस्त्री का काम करते हैं लेकिन इन्होंने
00:19कभी परस्थितियों के आगे हार नहीं मानी।
00:22ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पैराएथलेटिक्स चेंपियंशिप में आंधरप्रदेश का प्रतिनिध्यतु कर रहे हैं वो टी-42 श्रेणी की हाई
00:32जंप में हिस्सा ले रहे हैं।
00:39मेरे परिवार ने हमेशा मुझे हिम्मत दी कि मैं एक पैराएथलीट बन सकता हूं।
00:45उन्होंने कहा कि मेरे जैसे और भी बहुत लोग हैं जिन्होंने देश का नाम रौसन किया है।
00:50अगर तुम्हारे पाफ एक पैर नहीं भी है तो भी तुम यह करफकते हो।
01:20तमाम कठिनाई के बावजूद लोकेश आगे बढ़ते गए।
01:28मेरे माता पिता घर चलाने और मेरे खेल के फामान वट्यूसन का खर चुटाने के लिए बहुत महनत करते थे।
01:36अब जब मुझे सरकार फे आर्थिक फाहेता मिली है तो अभ्यास करना थोड़ा आफान हो गया है।
01:42शुरवाती दोर में उनके पास अंसाधनों की कमी थी।
01:46लेकिन कोच रामाराओ और द्रोनाचारे पुरसकार विजेता कोच रमेश की देखरेख में अपनी प्रतिभा को निखारा।
01:53वो अंतराष्ट्रिय इस्तर पर पाँच मेडल, राष्ट्रिय जूनियर इस्तर पर तीन पदक अपने नाम कर चुके हैं।
02:02मैं पहले दिला इस्तर पर, फिर राजी इस्तर पर और अब राष्ट्री और अंतराष्ट्री इस्तर की प्रतियोगिताओं में ठेल नहाँ
02:10हूँ।
02:15लोकेश की नजरें अब आने वाले कॉमन वेल्ट गेम्स, एशियन गेम्स और दो साल बाद होने वाले ओलम्पिक्स पर टिकी
02:23हैं।
02:24इन्होंने पक के इरादे, आत्मविश्वास, जुनून के साथ जीवन के तमाम संघर्षों के बावजूद अपने सपनों को मरने नहीं दिया।
02:35ETV भारत के लिए भुमनेश्वर से मनोरंजन की रिपोर्ट
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