ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले 36वें दिन भी जारी है. वहीं, ईरान भी अपनी जवाबी कार्रवाई लगातार तेज करता जा रहा है. वह इजराइल और खाड़ी देशों के सैन्य, ऊर्जा और आर्थिक ठिकानों को निशाना बना रहा है. ईरान ने अमेरिका के F-15ई स्ट्राइक ईगल नामक लड़ाकू विमान समेत दो विमानों को मार गिराने का दावा किया. इस दौरान एक अमेरिकी सैन्यकर्मी को बचा लिया गया है, जबकि एक पायलट अब भी लापता है. अमेरिका ने उस पायलट की तलाश तेज कर दी है. ईरान का ये हमला अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के दो दिन बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया है. पिछले छह सप्ताह से जारी युद्ध में ऐसा पहली बार हुआ है, जब अमेरिका ने ईरानी क्षेत्र में अपने लड़ाकू विमान को खोया है, ये ऑपरेशन में निर्णायक साबित हो सकता है.. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जेट के गिरने से ईरान के साथ बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमला किया.. जिसमें एक गार्ड की मौत हो गई.. वहीं, एक इमारत को नुकसान पहुंचा है. इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने इस हमले पर चिंता जताई है और कहा कि न्यूक्लियर पावर प्लांट्स हमले नहीं होने चाहिए.बुशहर के अलावा अमेरिका और इजराइल ने दक्षिण-पश्चिम ईरान में एक पेट्रोकेमिकल हब को निशाना बनाया, जिसमें इस इलाके की कई कंपनियों को नुकसान पहुंचा है. वहीं, इजराइल ने तेहरान में हथियार बनाने वाली जगहों और मिलिट्री रिसर्च सेंटर पर हमले का दावा किया है.
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