00:05मुकुन ठाकुर साहब इतना तो तय है कि ट्रम्प ये जो सारी हर्कतें करते हैं इसके पीछे उनका मकसद होता
00:12है ऐसा नहीं है कि ये केवल हवा में ये सब कुछ करते हैं मकसद ये होता है कि जो
00:18सामने वाला प्रतिजन्दी है उसको आखिर तक शंशे में रखो और अचानक से
00:24आश्यरे चकित कर लो तो ये केवल डोनाल्ड ट्रम्प की व्यक्तिकल शेलीना होकर अब ये यूनाइटिट स्टेट का एक तरीके
00:31से काम करने का तरीका बन गया है और ट्रम्प ये जो सब कुछ करते हैं उसके पीछे उनके सलाकारों
00:38की सला होती है तो एकदम से हमला करने से
00:41पहले जैसे आश्यरे चकित करने वाली जो बात है ताकि एक बड़ा मुक्सान किया जा सके एरान में उन्होंने ऐसा
00:47ही किया आखिर तक ट्रम्प और उनका पूरा का पूरा जो एडवाइजर्स और इनका बोर्ड जो इरान से बात करने
00:55के लिए रिस्पंसिबल था उन्होंन
00:57मैं आखिर तक इस संचे में रखा कि सब कुछ ठीक चल रहा है शाम को बयान आता है कि
01:03बात बहुत प्रोग्रेस पे हैं अमरिका की तरफ से भी और इरान की तरफ से भी फिर अच्छानक से एतला
01:10कामनी को मार दिया जाता है बहुत बड़ा लॉस होता था तो अमरिका को लगा
01:15कि ऐसा होते ही सब कुछ हो रिजीम चेंज करने में काम्याब रहेंगे जैसे कि उन्होंने सीरिया में किया जैसा
01:21कि मादूरों के बारे में तो बहुत ही दुर्भग के पूर्ण इतियास की गटनाओं में वो गेनी जाएगी जहां पूरे
01:27के पूरे देश के जो बड़े इस �
01:44तरीका है तो ट्रंप बोलते रहेंगे रही बात अभी जो आपने सवाल किया उसका कारण ये हो सकता है जो
01:52ज़्यादा तर जो संजेद सिरोई साहब जैसे और तमाम जो डिफेंस जो सीनियर एक्सपर्ट्स हैं वो ये बताते हैं कि
02:00दरसल वहां पे जितने भी जो जहाज पे
02:07ये उस पर कैरी करने की और जो मिडल इस्ट में भी जितनी मिसाइल हैं वगरा वो होगी तो उसकी
02:13एक लिमिट है और प्रॉडक्शन भी इतना तेजी से होता नहीं है कि फायर करते रहें और कुछ नावकत मना
02:19तो जैसे कि रूस ने भी युकरिन वार की समय में एक पॉस लि
02:35हैं और वो आगे की हमले की तयारी कर रहें बूट्स ऑन ग्राउंड्स भी हो सकता है बहुत ही लिमिटेड
02:42लिवल पर संजी साब बहुत जारा डिटेल में बता सकेंगे पर हो सकता है खार्ट है या बंदर अबबास है
02:50या यह तमाम जो इराग कि लाके हैं या कम से कम जो प�
03:05टाकि उनको मौका मिल जाया है अपनी कयारी करने का और एक अभी फिलाल पूरे के पूरे वेस्ट इशिया में
03:13बहुत सबरदस्त नुकसान पहुंचाया है इरान में और बदले में अमेरिका इसलिए करने की सद्धित में कुछ नहीं है कि
03:20उसके बहुत सारे बंकर्स में बह�
03:34कि ट्रम साहब अभी जो उनका जो बिहेवियर है वो इस संदर्ड में हमें देखा चाहिए मुकुन साहब
03:41संजी सर सवाल आपसे भी कुछ-कुछ ऐसा ही है लेकिन उससे भी ज्यादा जो ही पूरी वैश्वक संकट का
03:47एक महाल बन रहा है
03:48स्टेट आफ हॉर्मूस को लेकर हॉर्मूस को लेकर ही सबसे ताजक हबरी मैं इस वक्ती बता रहा हूँ
03:5227 मार्च वो दिन जब टरंप की और से अमेरिका की और से कहा गया कि 6 अप्रिल तक डेडलाइन
03:58बढ़ा दी गई है
03:59आप हॉर्मूस का रास्ता खोल दीजे वरना परिणाम आपको मुश्किलों वाले भोगतने पड़ेंगे
04:05कैसे देख पा रहे हैं जैसा कि तेजावत जी ने भी कहा कि अमेरिका क्या सिर्फ एक समय ले रहा
04:10है
04:10खुद को सीसफायर कह कह के कि जुद्ध की और भिशन तैयारी कर पाए या फिर सच मुच हां और
04:15मूस से लेकर कोई उम्मीद आ सकती है
04:17कोई धमकी का असर पड़ेगा
04:20देखिए तिजावत साब की बात से मैं पूरा सहमत हूँ
04:23दमकी का कोई असर नहीं होगा
04:25अगर दमकी का असर होता तो यह रड़ाई होती नहीं
04:28नमबर वन
04:29नमबर टू जो है आप अगर आप देखे
04:31कि रॉनलोजी इवेंट्स की किस तरह हुई है
04:3421 मार्च को दॉनलोड टरम्प साब उठते हैं
04:36कहते हैं कि मैं इरान को 48 गंटे देता हूँ
04:4048 गंटे के अंदर अगर स्टेट ऑफ हॉर्बूस
04:42जो नहीं खोली गई तो मैं इरान के जो भी
04:45एनरजी सेक्टर है, इंफरस्ट्रॉक्चर है
04:48या जो है उनके पार प्लांट्स है
04:50उनको सबको तबाह कर लिया जाएगा
04:52लेकिन 24 गंटे बाद ही वो उसको एक्स्टेंड कर देते
04:56पार दिन बढ़ाज देते यानि 27 मार्च तक का टाइम देते हैं
05:00इरान को, अब 27 मार्च आने से पहले-पहले ही
05:0326 मार्च को, या 26 औ 27 मार्च की रात को
05:08वो ऐलान करते हैं कि मैं इरान को 10 दिन और देता हूँ
05:11क्योंकि मेरी जो है, हमारी बहुत ही fruitful अच्छी टॉक्स चल रही है
05:16हमारे सामने इरान गिर गिरा रहा है, मिन्नेते कर रहा है
05:20कि आप हमारे से बात कर लो, तो हमारी बात चीज़ चल रही है
05:26जिसके परिणाम अच्छे होंगे, ये सब बाते मिठी मिठी बाते कर रहते हैं
05:30उन्होंने बोली, उसके बाद एरान ने इन सब बातों का खंडनन किया
05:34और एरान ने साफ तोर पर ये कह दिया कि हमारी किसी से बात चीज़ नहीं हो रही है
05:39ना हम किसी से बात करेंगे और अगर अमेरिका जैसे हमारे उपर हमला करेगा जिन जिन ठिकानों पर हम भी
05:47उनी ठिकानों पर हमला करेंगे जिसमें आपका जो आईटी इंफरस्ट्रक्चर उसमें आपका एनरजी इंफरस्ट्रक्चर और उसमें आपके डी सेलिनेशन प्लां�
06:08कि इरान जुकेगा और आने वाले समय में डॉनलर्ड ट्रम्प साब टाइम बाए कर रहे हैं, वक्त का इंजार कर
06:16रहे हैं, क्योंकि उनका अभी जो अगर वो ग्राउंड ट्रुप्स को जो है उतारना चाते है इरान में, तो उसके
06:23लिए उनको ग्राउंड ट्रुप्स को इक�
06:36होगा कि वो ग्राउंड इन्वेजन करते हैं या नहीं करते हैं, अगर वो करते हैं तो उसके लिए भी आई
06:42आर्जी से ने बिल्कुल क्लियर कर दिया है, कि हमारे यहां तकरीमां दस लाग लोग जो है शहीद होने के
06:49लिए तैयार हैं, हम जो है यूएस आर्मी का मूँ तो�
06:58हैं तो यह अब जो है छे मईट, छे एपरल तक देखना होगा, किस तरीके से कारवाई होती है, उस
07:05तरह दूसरी तरफ पाकिस्तान बदेश्टा करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मैं यहां पर एड़ करना चाहता हूँ कि
07:12पाकिस्तान अभी सिरफ एक डाकिये का या पोस्�
07:27पॉइंट देते हैं, वो पाकिस्तान अमेरिका को देते हैं, अभी तो बदेश्टा नहीं कर रहा है, अभी सिरफ पोस्ट मैं
07:33का काम कर रहा है, और आने वाले समय में देखा जाएगा, जो हमारे फौन मिनिस्टर जैशंकर साब ने कहा
07:39है, तो वो एक दलाली का काम कर रहा है
07:41और दराल वो होता है, जो पैसे के लारेज में काम करता है, पाकिस्तान के साथ इसमें कोई नई बात
07:47नहीं है, जी, मुकर जी, बिल्कुल, सर्ब हॉर्मूस को लेकर ही मैं अगला सवाल कहूंगा, और ये सब के मन
07:52में हैं, क्योंकि वो गैस सेलिंडर की किल्लत हो, या फिर ल
08:11उमीद कर पाएगा देश की संकट से कुछ उबढ़ने का मौका मिलेगा, क्योंकि पांच देश के नाम तो बेशक इरान
08:18ने बता दी हो, जिसमें भारत, रूस, चीन, इरार और पाकिस्तान थे, जिनके लिए हॉर्मूस खुला था, पर उसके बाद
08:24भी क्या वो समस्याएं है
08:25कि भारतिय जहाज उतनी ख्शंता के साथ और उतनी आप कह सकते हैं नंबर के साथ नहीं पहुंच पारे जैसा
08:32कि पहले हुआ करता था।
08:55जी भारत का जा रहा है, इसको जाने दो, ये फ्रांस का जा जा जा से रोख दो, उसमें कॉडिनेशन
09:00की जुरूपटिक, कॉडिनेशन इस तरीके से है कि कॉम्टिकेशन जो है, क्योंकि एरान में अभी कॉम्टिकेशन की सबसे बड़ी समस्या
09:08है, उस आदमी तक पैगाम ज
09:22से निकल चुके, बाकी भी दीरे-दीरे करके करके निकलेंगे, तो कॉडिनेशन की अवशकता है, और कॉडिनेशन में टाइम लगता
09:29है, इसलिए जो है, इतना समय लग रहा है, लेकिन हाँ, ये जरूर है कि आने वाले समय में, हमारे
09:35जितने जहाज महां पे परसे होएं, मे
09:50जो 28 स्वरवरी को जब अटेक हुआ, क्या उससे पहले वाली स्थिति आएगी, नहीं, उससे पहले वाली स्थिति नहीं आएगी,
09:57इरान को ये पता लग गया कि उनके पास एक ऐसी चाबी है, जिस चाबी से वो कभी भी धरौजा
10:03बंद कर सकते, कभी भी खोल सकते, तो आने �
10:05वाले समय में, जो है, इरान जो है, इसको पूरी अच्छी तरह कंट्रोल करेगा, और जो भी जाज कार्गो शिप्स
10:14वहां से गुजरते, उनको जो है, तोल देना पड़ेगा, तब ही उनको निकलने की इजाज़त दी जाएगी, नहीं तर नहीं
10:20दी जाएगी.
Comments