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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और हालिया संघर्ष का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद अब दवाइयों की कीमतों में भी बढ़ोतरी का खतरा मंडरा रहा है।फार्मा सेक्टर को झटका तब लगा जब सप्लाई चेन बाधित होने से जरूरी केमिकल्स और कच्चे माल की कीमतें तेजी से बढ़ गईंसबसे ज्यादा असर पैरासिटामोल जैसी आम दवाओं पर पड़ा है, जिसके API की कीमत दोगुनी हो गई है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई दवा कंपनियों को उत्पादन कम करना पड़ा है।इससे आने वाले समय में दवाओं की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हो सकती हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां बढ़ी लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं।यानी अब इलाज भी महंगा पड़ सकता है।क्या सरकार इस महंगाई को रोक पाएगी?यह सवाल अब हर आम आदमी के मन में है।

The rising tensions and recent conflict between Iran and the US are now impacting everyday expenses globally. After a surge in crude oil prices, the pharmaceutical sector is also facing cost pressure.Supply chain disruptions have led to a sharp increase in the prices of key chemicals and raw materials.One major example is paracetamol, where the API cost has more than doubled in recent weeks.Reports suggest that several pharma companies have been forced to cut down production.This could lead to both higher prices and potential shortages of essential medicines.Experts believe companies may pass the increased cost burden onto consumers.This means healthcare expenses could soon rise significantly.The common man may feel the pinch as even basic treatment becomes expensive.The big question remains — can the government control this inflation?

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~HT.410~PR.512~ED.108~GR.510~

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00:00पेट्रोल और डीजल के बाद बुखार की एक छोटी सी गोली भी महेंगी होने वाली है
00:05अगर आपको लगता है कि ये ओवर रियाक्शन है तो रुख जाओ
00:08रियालिटी इससे कहीं जादा सीरियस है
00:12इरान और अमेरिका के बीट जंग चल रही है
00:15जंग कब खतम होगी इस बात पर कोई क्लारिटी नहीं है
00:18और ऐसे में क्रूड ओइल पर बड़ा इंपक्ट बड़ा था
00:22ओइल प्राइसेज बढ़ते जा रही है
00:24ट्रांस्पोर्टेशन कॉस्ट बढ़ रही है
00:27शिपिंग महेंगी होती जा रही है
00:29और फिर हो रहा है डॉमिनो इफेक्ट हर एक इंडस्ट्री पर
00:33दर्शकों पेट्रोल और डीजल सिरफ गाड़ी चलाने के लिए नहीं लगता
00:37क्रूड ओइल का इस्तमाल सिरफ गाड़ी चलाने के लिए नहीं होता
00:40इसी वज़े से इंडिया में प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल के रेट्स और रेड़ी बढ़ चुके हैं
00:47दर्शकों सप्लाइचेन का ब्रेकडाउन भी आपको समझाते हैं
00:51अब प्रॉब्लम सिरफ ओयल तक लिमिटेड नहीं है
00:54मिडलीस जो ग्लोबल केमिकल सप्लाइचेन का एक मेजर हब है
00:58वहाँ से आने वाले सॉल्वेंट्स और इंडिमिडियेट्स का फ्लो डिस्टर्ब हो गया है
01:03मतलब रॉम मिटेरियल्स लेटा रहे हैं
01:06फ्राइट कोस्ट बढ़ गया है और कुछ जगा पर सप्लाइचेन केमिकल्स पर डिपेंडेंट्स है
01:14वो सबसे जादा हिट हो रही है दर्शकों
01:17क्योंकि जो केमिकल सस्ता मिलता था जिसकी वज़े से वो दवाई 2-4 रुपे की बन पाती थी
01:24अब वही केमिकल पीछे से महंगा आएगा दर्शकों इंडिया के फार्मा सेक्टर पर स्ट्रेस है इंडिया को फार्मसी ऑफ दो
01:32वर्ल्ड कहा जाता है लेकिन अब वही सेक्टर कोश्ट क्राइसिस फेस कर रहा है
01:36टॉप फार्म एग्जेक्टिफ्स के अकॉर्डिंग इंपुट कोश्ट शापली बढ़ रही है मार्जन स्क्वीज हो रहे है और कई मैनेफाक्टरिंग प्लांच
01:44को टेंप्ररीली प्रडक्शन को स्टॉप करना पड़ा है
01:47सोचो दर्शकों डिमांड तो कॉंस्टेंट है लोगों को जितनी दवाई चाहिए उतनी तो चाहिए लिकिन प्रडक्शन स्लो होती जा रही
01:55है यानि आगे चलके किल्लत भी हो सकती है और महेंगाई का रिस्क भी है
02:01दर्शकों अगर दवाईयों की किल्लत पड़ती है तो देश के लिए इससे बुरी बात नहीं हो सकती क्योंकि हमें एक
02:08तो फार्मेसी ऑफ दो वर्ल्ड कहा जाता है और दूसरा भारत के हेल्थ इंप्राश्रक्शर पर वैसे ही कई सारे सवाल
02:14खड़े होते हैं ऐसे में अग
02:32लेकिन अब इसका में इंग्रीडियंट API यानि आक्टिफ फार्मसूटिकल इंग्रीडियंट पहले 220-240 रुपे पर किल्लो आता था अब ये
02:41बढ़कर 600 रुपे पर किल्लो हो गया है यानि सीधा तीन गुना दाम बढ़ गए है और इसका रीजन क्या
02:48है दर्शकों इसका र
03:01कंपनी अपना लॉस अब्जॉब नहीं करेगी वो कोश्ट को आगे पास करेगी यानि कंजूमर्स पर इसका मतलब फीवर टाबलिट्स महंगी
03:08हो जाएंगी पेन किलर्स के रेड़ भी बढ़ सकते हैं आंटी बायोटिक्स तक इंपक्ट हो सकती हैं और ओवरॉल हेल्थ
03:15केर
03:15बिल बढ़ने वाले हैं और अगर हॉस्पिटल में किसी बड़ी बिमारी का इलाज चल रहा हो तो वहां अलग से
03:22मार पड़ेगी दर्शको सबसे देंजरस बात यह स्लो इंपक्ट है आज नहीं तो कल धीरे धीरे प्राइसे पड़ेंगे और जितनी
03:29लंबी यह जंग चलेग
03:30और धीरे धीरे उतनी ही महंगाई हमें हिट करेगी दर्शकों इससे भी बड़ा कंसरन है हेल्थ केर इंफलेशन का इंडिया
03:37जैसी कंट्री में जहां अल्रेडी आउट अफ पॉकेट मेडिकल एक्सपेंसे आए हैं अगर बेसिक मेडिसन भी महंगी हो गई तो
03:43मिडल क्लास �
03:44और इंकम फैमिलीज पर सीधा प्रेशर पड़ेगा यह से रफिक टाबलेट का इशू नहीं है यह हेल्थ केर इंफलेशन का
03:50स्टार्टिंग पॉइंट हो सकता है तो अगली बार जब आप दो रुपे की गोली लेने जाओ तो शायद उसका प्राइस
03:55टैग आपको सप्राइ
04:10है हमें कॉमें सेक्शन में ज़रूर बताइएगा मैं हूँ आखर्शकॉश है
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