00:10सौधी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान की पाकिस्तान में उप्रधान मंत्री और विदेश मंत्री इशाग डार से
00:17मुलाकात का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि ये बैठक इरान युद्ध के बीच हो रही है
00:23इसलामाबाद में आयोजित चतुर्भुज मंत्री स्तरिय बैठक में सौधी अरब, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की शामिल हुए
00:30इस समय इरान और उसके विरोधी देशों के बीच तनाव चरम पर है और युद्ध की वज़े से पूरे क्षेत्र
00:36में अस्थिरता पहल रही है
00:38ऐसे समय में पाकिस्तान की मेजबानी में हुई ये बैठक दर्शाती है कि क्षेत्रिय शक्तियां केवल युद्ध की रणनीती तक
00:45सीमित नहीं रहना चाहती
00:46बलकि कूट नीती और समबाद के जरिये समाधान खोजने की कोशिश कर रही है
00:51ये बैठक इसलिए भी महत्वपून है क्योंकि इसमें शामिल देशों ने क्षेत्रिय सुरक्षा, स्थिरता और तनाव कम करने के उपायों
00:59पर चर्चा की
01:00जो सीधे युद्ध की बरतमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए की गई
01:04इस युद्ध के संदर्भ में इस बैठक का सबसी बड़ा मकसद ये है के क्षेत्र के देशों के बीच समनवय
01:10बढ़ाया जाए
01:10इरान युद्ध ने पूरे मध्य पूर्व और उससे जुड़े देशों में सुरक्षा चिन्ताओं को गहरा दिया है
01:16युद्ध के कारण तेल और गैश की आपूर्ती प्रभावित हो रही है
01:20समुद्री मार्गों की सुरक्षा खत्रे में है और पडोसी देशों में तनाव बढ़ गया है
01:24ऐसी परिस्थितियों में पाकिस्तान जैसे देश का मध्यस्त बनना महत्वपूर्ण हो जाता है
01:30क्योंकि वो सीधे युद्ध में शामिल नहीं है लेकिन एक कूट नीतिक मंच प्रदान कर सकता है
01:35इस बैठक में सौधी अरब की उपस्थिती ये दर्शाती है कि रियाद युद्ध में शामिल होने के बावजूद
01:41क्षेत्रिय स्थिर्ता पर ध्यान दे रहा है और पाकिस्तान के साथ सहयोग करना चाहता है
01:47बैठक में शामिल अन्य देश जैसे तुर्की और मिस्र भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं
01:52क्योंकि ये क्षेत्रिय शक्तियां हैं जिनका क्षेत्रिय संतुलन पर प्रभाव है
01:56उनकी भागिदारी ये सुनिश्चित करती है कि केवल द्वीपक्षिय वारता नहीं हो रही बलकि एक व्यापक रणनीतिक समवाद हो रहा
02:04है
02:04इस तरह की बैठकें ये दिखाती हैं कि युद्ध के बीच भी देशों के बीच समवाद, समझोता और साजह सुरक्षा
02:11उपालों की आवश्चक्ता है
02:13ये बैठक इस बात का संकेत है कि युद्ध को केवल सैन्ने द्रिष्टी कोण से नहीं देखा जा रहा
02:18बलकि राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की दिशा में कदम उठाय जा रहे है
02:23पाकिस्तान की भूमिका इस बैठक में शान्ती और स्थिर्था बनाए रखने की है
02:27देश ने एक सेतु का काम करते हुए युद्ध में शामिल देशों को जोड़ने का प्रियास किया
02:32ये रणनीति ये दिखाती है कि युद्ध में शामिल शक्तियां भी समझ रही है
02:36कि जब तक शेत्रिय देशों के बीच समवाद और समन्वे नहीं होगा
02:40व्यापक विनाश और मानवीय संकट बढ़ता रहेगा
02:43बैठक के दोरान वीपक्षिय संबंधों और सामोहिक सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई
02:48ये संकेत है कि युद्ध के बावजूद कुछ देश साजहा हितों और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करना चाहते है
02:54और हिंसा की बजाए कूट नीती को प्राथमिक्ता देना चाहते है
02:58इस तरह की पहले ये दिखाती है कि युद्ध केवल सेन ने संधर्ष नहीं है
03:03बलकि उसका समाधान राजनीतिक संधोते, रणनीतिक समनवय और क्षेत्रिय साज़ेदारी से ही संभव है
03:10वर्तमान इरान युद्ध में इस तरह की बैठकों से ये उम्मीद जताई जा सकती है
03:14कि भविश्य में क्षेत्रिय देशों के बीच विवादों और टक्रावों को कम करने की दिशा में प्रयास पढ़ेंगे
03:20ये दर्साता है कि युद्ध के बीच भी कूट नीती की भूमी का एहम है
03:24और क्षेत्रिय देशों की भागिदारी स्थिर्ता और सुरक्षा के लिए आवश्यक है
03:28ऐसे समवाद ये भी स्पष्ट करते हैं कि केवल हत्यारों से समस्या का समाधान नहीं हो सकता
03:34बलकि बातचीत और साजेदारी ही लंबे समय तक शांती बनाए रखने की कुझी है
03:39इस तरह की पहले युद्ध के प्रभाव को कम करने, मानविय संकट को नियंद्रित करने
03:44और पूरे क्शेत्र में स्थाई सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर कदम है
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