00:00हम करोना के समय भी एक जूड़ता से ऐसी चुनोतियों का सामना कर चुके हैं अब हमें फिर से उसी
00:10तरह तयार रहने की आवश्रक्ता है
00:19इसके कोई रेलेवन सी नहीं है परदान मंतरी खुद मान रहेगी इमरजेंसी है दूसरी बात आपने कॉंगरेस परदेशों की बात
00:29ती राज़स्तान में बारा रूपे ज्यादा है पैट्रोल जीजरी सरकार हैं न न कॉन्हीं कम करा देतें पर तीन सरकार
00:37हैं उसमें पीछे �
00:38पढ़ रहे हुँ इस्टेट के पास revenue का कौन सा model है आप मुझे पता ही एक जीस्टी होता है
00:42जीस्टी के दायरे में तो नहीं लाए यह पैट डीजल पेट्रोल को इस टाइम से सम्मांग कर रहे हैं अगर
00:47उसके दायरे में लिया है होता है जीस्टी काउंसिल तैकरती केंदर सर
01:02सरकार मैंने शुरुआत में कहा कि विपक्स के मुख्य मंत्रियों से प्रदान मंत्री कुछ बात करें बात करें आपस में
01:10समनवे तो इस्ताफित करें यह बस हमारे बाच पर आज जी में तैसा आप आप पुद ही डिवाइट कर रहे
01:14हो देश को मैंने तो काई नहीं शुरू
01:32थोड़ी हर चीज को बारा साल आपकी सरकार होगे विपक्षक की सरफे से फुपते जाओगे विपक्षकी और जो आता का
01:39आपने दाम बढ़ने की बात किये इस हिसाब से संकट बढ़ेगा बाव कही ना कहीं से तो कम करेंगे ना
01:45अगर इसमें पैट्रोल गैस में नहीं बढ
02:02को बनाने की जरूत क्या इंफरस्ट्रेक्टर के नाम से आप उस चीज पर द्यान देना नहीं चाहते है जो जीस्टी
02:09से कलेक्शन आ रहा है आप पास में फूब सारा पैसा आगया आप मेरे को शब्दे से लेने नीचे पर
02:15लेना पड़ रहा है क्योंकि डिसक्शन ऐसा हो ग
02:32लाना चाहिए था जो कि स्कूली सीजन ने समय सेशन चुरू हो रहा है एक छोटा सा एक्जामपल दिया जिसे
02:37मिडिल क्लास प्रेशान है और बहुत से कारण है अब जैसे आपने बी आपके रिपोर्टर्टर्स करें पैट्रोल बरा रहे हैं
02:42बराएंगे क्यों नहीं प्रद
03:10आप ची दिन से पहले नहीं बहुत सकते हैं यह इतना ही है कि चौधा पॉंट किलो जो आती है
03:18चोदा बॉंट और शाइल दू नहीं तक उसमें तो कोई राशें नहीं तो जो अपर नहीं हैं अब आरों की
03:27कह रहे हैं कितना सी में कितना सा
03:35इस बढ़े आदमी कुछ है उन पर आदमी करने से क्या होगा और क्राइसी जो एक
03:49बढ़े आदमी कौन से नेता हो के नोट बदले के लाइन में लगे इंक्या दुक्ता कोई साधरन सा आदमी जो
03:56इमानदार होगा लगा होगा सब के नोट बदल गए गर बैटे कैसे बदल गए तो यह तो यह आम जंता
04:01इस चीज को देगरी मिडिल क्लास के तो पीछे पड़े �
04:09सबसे ज़्यादा को आप उसी का चूट होगे गार इनको में लाना चाहिए और इसको तुरंद लाना चाहिए एक मेना
04:17हो गया परदानमंत्री कहें के चल दिये पारलेमेंट में वह क्राइसिस आप क्या करोगा आम आदमी क्या करेंगा नहीं बढाएगा
04:23पैसा उतना ही तो क
04:26पर ही नहीं पाता है उसके पास इतना पैसा है का आज के जमाने में थोड़ा बहुत अपनी मोटर साके
04:32लिए स्कूटर की पर ली किसी बाद चोटी गाड़ी उसके तो ट्रेक्टर में बढ़ लेगा को डीजल की दो टंकिया
04:37होती को चेनरेट वह चलाने की लिए वह बढ़ �
04:40बाकी का करेंगे वू बाकी तो ओडिंग गई हो रही है तो सरकारे जिसकी वह दोस्य एक नहीं ज्यादा थर
04:57बीजेपी की सरकारे हैं
05:07आप सदा शहता पर आते हैं उसके इनका कहना यह था कि 400 लीटर से ऊपर हम दीजल नहीं देंगे
05:17और जो देंगे तो उसका देखेंगे किस निये ले जा रहा है और किसान तो यहां लेता नहीं है जाये
05:23तर इंडस्ट्री वाले लोग लेते हैं
05:26किसी और ने लिया तो पिरमार चाहिए हाला कि कल कुछ लोग जो घरेलू जर्नेटर के लिए भी लोग ले
05:31रहे थे वो तो लेते हैं दस मीट रहे तो उपर का एक बैलू डीजल के लिए है लेकिन जो
05:36गाड़ी में भरवाने का कोई प्रतबंद नहीं है लेकिन गाड़ी के अल
05:53लोगों से रहा मिला बैठा बस श्टाब तो और तमाम लोगों से मैंने बैठके बात करने को इसकी तो दिल्ली
05:58में एक और समझते आने वाली है वो यह है कई चीज हमको काग्जों पे दिखाई देती है जैसे बात
06:03होई पी एंजी की और वोकिंग बाले सिलेंडर की वो सब ह
06:06लेकिन यहां पर दिल्ली के अंदर बहुत बड़ा बर्ग ऐसा है जिसमें की प्रवासी मजदूर भी है और भी लोग
06:14है तो कई लोग ऐसे हैं जिनके पास अपने करेक्शन नहीं वो बहां रहते हैं जहां उनका आधा परबार उस
06:19फहर में रहता है बहां पर एक कनेक्शन औ
06:23नहीं है तो यहां पर क्या करते थे च्छोटा सिलेंडर था वो उसमें दस लीटर बनाद पान्च लीटर की गशिद्ध
06:28बहाएक अपना बनाते ते तो यहां पर हमने का कई मजदूर ऐसे कई लोग ऐसे मेले कि आटो चाला कैसे
06:34मिले भी हमें यहां से निकलना होगा
06:35और जब उन्होंने कहा है अगर आटो बात हुई है लागदाउन पर यह भी बत इनके दिमाग में है लागदाउन
06:41वाले बात काफी ज़ादा पहल रही है
06:43मतलब जो कोरोना जैसे हालाज बारी हम कहते हैं अवा है ऐसे लेकिन नके दिमाख में एक आटो वाले ने
06:52बताया है मैं तो अपने आटो से ही बिहार गया था
06:54इस तरीके से लोग कहना है कि अगर वह में चार चार सार रुपई की गैस खरीदनी पड़ेगी खाने के
06:59लिए
06:59और उसके वाद अगर हम छोसते हैं खाना ना बनाएं चलो हम रहते हैं मख्डूरी कर रहा हैं तो भाएर
07:04आं तो बहुत पर काम करने का मख्डूरी की फाइदा नहीं हो तो हम अभी वीचार बना रहे हैं एगर
07:22ऐसे हाला थोड़े दिन और रहते हैं
07:24तो हम तो यह 400 रुपे किलो की गैस नहीं खरीद पाएंगे, और हम भाम ही नहीं, मेरे ऐसे बहुत
07:29से लोग बात कर रहा है, तो अगर मेरी 4-6 लोगों से एक उस कम्मुनिटी से बात हुई है,
07:33जो वो के वर देश उन 4 लोग के बात नहीं है, वो बड़ी कम्मुनिटी के बात ह
07:41हो सकती है, जो उनके पास अपना कनेक्शन नहीं है, वो किसी तरीके से वहां से भरवा करके से ले
07:45रहे हैं, अब चुझी कमर्शियल में प्रावन हम आ गई है
07:50Subscribe to OneIndia and never miss an update. Download the OneIndia app now.
Comments