00:00इसराइल, अमेरिका और एरान में चल रही जंग ने दुनिया की गैस और तेल की बड़ी नस यानि कि स्टेट
00:06और फॉर्मूस को दबा दिया है जुसे कई देशों में गैस और तेल की किलत हो गई है
00:11भारत में किलत तो नहीं है पर पैनिक बाइंग यानि की घबराहट में खरीदने की लाइन जरूर लग गई है
00:17कुछ शहरों से ऐसी तस्वीरें भी आई पर सरकार ने साफ कहा है कि हमारे पास परियाप्त मात्रा में तेल
00:23और गैस है
00:24गैस में थोड़ी देर हो रही है पर तेल में अभी तक सब कुछ ठीक है
00:29कब तक ठीक है कह नहीं सकते
00:31ऐसे मैं भारत की युद्धस्तर की तैयारियों और तेल को स्टॉक करने की स्ट्रेजी पर सवाल उठ रहे है
00:37पुरानी से लेकर मौजूदा तक सभी सरकारों को कट घरे में खड़ा कर दिया है
00:43ऐसे मैं ये समझना बेहत जरूरी हो जाता है कि अगर सप्लाय रुख गई तो हम कितने दिन तक सर्वाइव
00:49कर पाएंगे
00:50और हमारी स्ट्रेजिक पेट्रोलियम रिजर्व कैपेसिटी कितनी है कहा है और कपसे चल रही है
00:55नमस्कार मैं हूं सिधार्थ और आप देख रहे हैं वन इंटिया
00:59मार्श दो हजार चब्विस में जब तेल को लेकर चल्लम चिल्ली हुई तो केंद्रे राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि
01:06भारत के पास पांच दशमलब
01:083.3.3 million metric ton आम भाशा में कहें तो त्यों 13,000,003.000 ton strategic reserve यह
01:15टीन जगों पर बना है
01:17पहला विशाक पटनम जिसकी शमता 1,33 million metric ton है और दूसरा मेंगलोर में जिसकी शमता 1,5 million
01:25metric ton है और तीसरा पादुर में जिसकी शमता 2,5 million metric ton है
01:31इनमें फिलाल 3,37 million metric ton कच्चा तेल मौझूद है जो करीब नो से 10 दिनों की जरूरत के
01:38लिए काफी है
01:39लेकिन 23 मार्च को सरकार ने राजे सब हमें बताया कि इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व यानि की ISPR में 33
01:47,30,000 टन ही कच्चा तेल है जो कुल भंडार का दोती हाई है
01:53इतने तेल में 6-8 दिन काम चल पाएगा
01:56इसके लावा इंडियन ओयल भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कमपनियों के पास 64.5 दिन यानि की 65 दिनों
02:05तक का एक्स्ट्रा स्टॉक है
02:06इसके लावा सरकार ओडिशा के चांदी खोल और करनाटक के पादूर में नए रिजर्व बना रही
02:12अगर यह आज तयार होते तो 12 दिन तक का ते और हो सकता था
02:16फिलाल यह धीमिगती से बन रहे हैं और 2030 तक इनका काम पूरा हो पाएगा
02:21अगर दुनिया के बड़े देशों से तुलना करें तो भारत काफी पीछे है
02:25जापान के पास 254 दिनों का तेल का स्टॉक है जब कीचीन के पास 110-140 दिनों तक का है
02:31इसके साथ ही अंतर राश्चे ऊर्जा एजेंसी यानि कि IEA अपने सदस्य देशों से कम से कम 90 दिनों का
02:39भंडा रखने को कहती है
02:41इन 90 दिनों वाले देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और दक्षन कोरिया जैसे बड़े देश शामी है
02:47वहीं हमारे पड़ोसी पाकिस्तान के पास महज 1-2 दिनों तक का ही रिजर्व है
02:52खपद की बात करें तो भारत की तेल की खपद तेजी से बड़ी है
02:572013-14 में यह 15 करोड 84 लाख लीटर थी जो 2023-24 में बढ़कर 23 करोड 92 लाख लीटर
03:05हो चुकी है
03:06लेकिन स्ट्रेटिजिक पेट्रोलियम रिजर्व की कैपरिसिटी लगभग जैसी की तैसी है
03:11यानी जितनी तेजी से डिमांड बढ़ी है उतनी तेजी से बंडार नहीं बढ़ पाए
03:15मार्च 2026 की रिपोर्ट में संसदीय समिती ने कहा कि भारत को कम से कम 90 दिनों का तेल रिजर्व
03:22रखना चाहिए
03:23इससे देश की उर्जा सुरक्षा मजबूत होती है और अचानक सप्लाई रुकने पर आर्थे व्यावस्था सुरक्षित रहेगी लेकिन जैसा कि
03:32आपको बताया यह एक दिन या एक साल का नहीं पलकि
03:35फुल स्पीड में काम हो तो लगबग चार से पांच साल लग सकते हैं अब थोड़ा सा इतिहास भी समझ
03:40लेते हैं भारत में स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व बनाने का आइडिया
04:05के लिए सब ही सरकारें बराबर की दोशी रही एक्सपर्ट का मानना है कि सरकारों ने जरूरत तो समझी लेकिन
04:12बजट की कमी और सरकारी प्रक्रियाओं की धीमी गति के कारण काम बेहत स्लो रहा साल 1998 मेटल बिहारी बाचपाई
04:20की सरकार ने रणनीते के तेल बंडार बनाने
04:34जो इन बंडारों को मैनेज करती है हलाकि चार साल में बनने वाली ये सोविदाय दोहजार पंदरा से दोहजार अठारा
04:41के बीच जाकर पूरी हुई है मतलब जिस काम को चार साल लगने थे उसे पूरा होते होते तकरीबन तकरीबन
04:4814 साल लग गए
04:49वहीं 2021 सरकार ने 65 लाग टेंशमता बढ़ाने की योजना बनाई इसमें ओडिशा के चांदी खोल में नया प्लांट और
04:57पादूर का एकस्पेंशन शामिल था लेकिन 5 साल बाद भी ये प्रोजेक्टर जमीन अधिगरण और देरी की वज़े से शुरुआती
05:05चरण में ही है म
05:19यहीं वज़ा है कि यह प्रोजेक्टर धीरे चल रहा है इनका मेंटेनेंस भी भारी भर कम होता है सरकार के
05:25आखरों के मुताबिक 2023 में ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस पर 153 करोड रुपे खर्च हुए जबकि 2024 में 100 करोड रुपे
05:35खर्च हुए अगर यह सब बन जाते हैं तो क
05:49भी भी लगभग हम 54-55 दिल पीछे हैं जबकि भारत अपनी 80 प्रतिशत से ज्यादा तेल जरूरत आयात करता
05:56है ऐसे में इसे बिल्कुल भी परियाप्त नहीं माना जा सकते हैं बीच में राजनीती भी मुद्दा बन जाती हैं
06:02जैसे पूर पेट्रोलियम मंत्री और कॉंग्
06:17एक खत्रा और है कच्चे तेल से ज्यादा खत्रा एलपीजी सप्लाइका है भारत में 32 करोड़ घर एलपीजी पर सीधे
06:25सीधे निर्बार है लेकिन एलपीजी का बड़ा स्ट्रेटिजिक रिजर्व नहीं है जो हैं वो छोटे छोटे रिजर्व भारत में अभी
06:32तक सिर्फ �
06:33दो अंडरग्राउंड एलपीजी स्टोरेज है पहला मेंगलॉर में जिसकी शमता 80,000 मेट्रिक टन है और दूसरा विशा का पटिनम
06:40में जिसकी शमता 60,000 मेट्रिक टन है यानी कुल 1,4,000 मेट्रिक टन की कैपसिटी है जो सिर्फ
06:47कुछ दिनें के लिए ही काफी है इस्तिमाल
06:51सरकार के पैटरन को समझें तो पेट्रोल की कमी अमीर और मिडल क्लास को प्रभावत करती है लेकिन लगभग हर
06:58घर को सीधे प्रभावित कर सकती है क्योंकि बात सीधा आपकी ठाली पर आ जाती है
07:03कहीं नहीं जाएंगे तो चल जाएगा लेकिन कुछ नहीं खाएंगे तो जिन्दा ही नहीं मचे
07:08सरकार और भी IS PRL बना रही है जो इसे जंग के शुरू होने के पहले से ही बन रही
07:14है
07:14मसलन बीकन एर में 5 मिलियन मेट्रिक टन का नमग गुफा बंडार
07:19मेंगलॉर में रिजर्ब कैपेसिटी को 1.85 पांच मिलियन मेट्रिक टन तक बढ़ाना
07:25और मधिप्रादेश के बीना में नया प्लांट बनाना
07:28अगर ये सभी प्रोजेक्ट कंप्लीट होते तो चायद LPG की जो समस्याभी हो रही है वो भी नहीं होते
07:35फिलाल सरकार अपने अस्तर की तैयारियों में लगी हुई है लेकिंग कहीं न कहीं ये डर सभी को बना हुआ
07:41है कि कहीं घर में आने वाली LPG और मार्केट में मिलने वाला पैट्रोल डीजल कहीं रुख तो नहीं जाएगा
08:00हाल में हुई LPG की मारा मारी पर सरकार का क्या कहना है वो भी जान ले वाकॉल सरकार अभी
08:05किसी इंधन की कोई कमी नहीं है लेकिन एतियात के तौर पर सरकार ने PNG वाले घरों को LPG की
08:11सप्लाइ बंद कर दी है और कमर्शियल LPG सप्लाइ घटाने का फैसला लिया है
08:16साथ ही भारत ने strategic reserve बनाने की दिशा में कदम तो उठाए है लेकिन तेजी से बढ़ती खपत और
08:23वैश्विक संकटों को देखते हुए यह अभी भी काफी नहीं है पर टेंशन उतनी नहीं है क्योंकि इरान ने भारत
08:29को उन 6 मित्र देशों में बताया जिनकी सप्लाइ टेंक
08:33करें स्ट्रेट और फॉर्मों से बिना रोक रोक के गुजर सकते हैं इसलिए टेंशन की बात फिलाल नहीं कही जा
08:39सकती हां अगर यह दो बढ़ता है और संकट पैदा होता है तो आज हम तक भी आ सकती है
08:44इस एक्सप्लेनर पर आपकी क्या राय है हमें कॉमेंट में जरूर ब
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