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झारखंड के जमशेदपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जमीन के नीचे से द्वितीय विश्व युद्ध का एक खतरनाक बम मिला है।यह बम लगभग 200 से 227 किलो वज़न का बताया जा रहा है, जो बहारागोड़ा इलाके में खुदाई के दौरान मिला।बम पर ‘AN-M64 500 lb’ की मार्किंग मिली है, जिससे यह एक अमेरिकी हवाई बम माना जा रहा है।हैरानी की बात यह है कि इसी इलाके से एक और ऐसा ही बम भी बरामद हुआ।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना की बम निरोधक टीम को मौके पर बुलाया गया।सेना ने पूरे इलाके को सुरक्षित घेराबंदी में लेकर दोनों बमों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।ऑपरेशन के दौरान एक किलोमीटर का क्षेत्र सील कर दिया गया और लोगों को दूर रहने की सलाह दी गई।फिलहाल प्रशासन यह जांच कर रहा है कि क्या इस इलाके में और भी ऐसे बम मौजूद हैं।यह घटना दिखाती है कि इतिहास के खतरनाक अवशेष आज भी जमीन के नीचे छिपे हो सकते हैं।

A shocking incident has emerged from Jamshedpur, Jharkhand, where a dangerous World War II-era bomb was discovered underground.The bomb, weighing around 200–227 kg, was found during sand excavation in the Baharagora area.It was marked ‘AN-M64 500 lb’, indicating it could be a US-made aerial bomb.Surprisingly, another similar bomb was also recovered from a nearby location.Considering the seriousness of the situation, the Indian Army’s Bomb Disposal Squad was immediately deployed.The Army secured the area and successfully defused both bombs under tight securityA 1-km radius was sealed during the operation, and locals were advised to stay away.Authorities are now investigating whether more such explosives are hidden in the area.This incident highlights how remnants of history can still pose serious threats today.

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~PR.512~HT.408~ED.520~GR.538~

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00:06जार्खन के जमशेदबुर में जमीन के नीचे छुपा था असी साल पुराना भयानक खत्रा और जब एक्सकवेशन हुआ तो निकली
00:15वर्ड वर्ड टू का लाइव बॉम जी हाँ दर्शकों एक नहीं दो दो खतरनाक बॉम जिनको आज इंडियन आर्मी ने
00:23सेफली डिफ्यू
00:29को देखा तो भाईया इसके साथ फोटों खिच्वाने लगे यह नहीं समझा कि भाईया यह असी साल पुराना घातक हतियार
00:38है वर्ड वर्ड टू का हतियार है टुकड़े टुकड़े हो सकते हैं अगर यह फट जाए लेकिन भारतिया जनता को
00:45इस बात से जादा फरक पड़
00:46नहीं आप वीडियो में भी देख पा रहे होंगे लेकिन दर्शको क्या हुआ एक्जाक्ली आपको समझाते हैं यह पूरा मामला
00:52जारकंड के इस सिंग्भं डिस्ट्रिक्ट के भारा गोड़ा एरिया का है जहां सुबर्न रेखा रिवर के पास सांड एक्सकावेशन के
01:02दौ
01:13माल होता था सबसे शौकिंग बात यह थी कि यह बॉर्ट वर्ट टू के एरा में बहुत डेडली माना जाता
01:19था और इस पर मार्किंग थी एए एन एम एक्स-4500 एलबी जो एक यूएस मेड एरियल बॉम माना जाता
01:26है यानि यह यूएसे का बॉन था और जब अथॉरिटीज
01:30ने एरिया चेक किया तो एक और सिमिलर बॉम एक विलिजर के गर के पास से भी रिकावर हुआ यानि
01:35दो बॉम गाओं की अंदर थे और किसी को पता ही नहीं था दर्शकों इसके बाद आर्मी का ऑपरेशन शुरू
01:42हुआ सिचुवेशन की सीरियसनेस को देखते हुए जारख
02:00को सेफली डिफ्यूज कर दिया गया और आर्मी को इस काम के लिए हम सलाम करते हैं कैसे किया आर्मी
02:06ने डिफ्यूजन आर्मी ने एक स्माट श्राटेजी यूज़ की बॉम को 25-35 फीट गहरे ट्रेंच में डाला गया और
02:12सैंड बैक से कवर करके एक कंट्रोल ब्लास्ट किया
02:16गया जिससे बॉम पूरी तरह नश्ट हो गया ताकि आसपास भी किसी तरह का नुकसान ना हो और बॉम नश्ट
02:22हो जाए इसके बाद दर्शकों सेफटी और पुशासन की चितावनी ऑपरेशन के दुरान एक किलोमेटर एरिया को सील कर दिया
02:28गया था और अब भी लोगों को
02:3024 घंटे तक उस एरिया से दूर रहने की ही सला दी गई है लेकिन दर्शकों सबसे बड़ा सवाल ये
02:37है कि ये एरिया में और भी ऐसे हिडन बॉम्स तो नहीं है ये दो बॉम्स का क्या मतलब है
02:43एड्मिनिस्ट्रेशन ने क्लेयर कहा है अगर और एक्स्लोजिव मिलती है तो �
02:47उन्हें तुरंट सीज करके डी अक्टिवेट किया जाएगा और जिस तरह इस बार सारी सक्टी बर्ती और क्विक आक्शन लेके
02:55दिखाया वैसे ही तब होगा
02:5680 साल पुराने जंग के निशान आज भी हमारे जमीन के नीचे गड़े हो सकते हैं लेकिन इंडियन आमी के
03:02टाइमली आक्शन ने एक बड़े हाथ्षे को होने से बचा लिया और शायद अगर ये हाथ्षा हो जाता तो किसी
03:08को पता भी नहीं लगता कि बॉंबा खिराया कहा स
03:11ऐसे ही लेटेस्ट अबडेट्स के लिए आप बने रहे हैं वान इंडिया के साथ मैं हुआ खुर्श कोशन
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