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Chaitra Navratri Ashtami 2026: मां महागौरी से संबंधित दो कथाएं हैं- पहली कहानी के अनुसार देवी महागौरी 16 वर्ष की वो अविवाहित कन्या हैं जिन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के वर्षों कठोर तपस्या की थी।उनके त्वचा पर धूल जम गई जिससे वह काली दिखाई देने लगीं। मां की इस कठोर तपस्या से महादेव प्रसन्न हुए और उन्होंने देवी महागौरी को विवाह का वचन दिया। इसके बाद जल से मां पार्वती की मिट्टी और धूल को साफ किया गया जिससे उनका सफेद रंग पुनः वापिस आ गया। इस तरह से उनका नाम महागौरी पड़ा।Chaitra Navratri Ashtami 2026: Mahatva,Kyu Manayi Jati Hai,Vrat Katha..

There are two stories related to Maa Mahagauri. According to the first story, Goddess Mahagauri is a 16-year-old unmarried girl who performed years of rigorous penance to win Lord Shiva as her husband. Dust accumulated on her skin, making her appear black. Pleased with her rigorous penance, Lord Shiva promised to marry her. Subsequently, water was used to clean the dirt and dust from Maa Parvati's skin, restoring her fair complexion. Thus, she was named Mahagauri.

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~PR.111~HT.408~ED.118~

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Transcript
00:00चैत्र नवरात्री की अश्टमी तिधी जिसे महाश्टमे या दुर्गाश्टमी भी कहते हैं बेहद शक्तिशाली मानी गई है
00:07इस दन मादुर्गा के आठवे स्वरूप मा महागौरी की पूजा होती है
00:12आई इस वीडियो में जानते हैं कि आफिर चैत्र नवरात्री की अश्टमी क्यों मनाई जाती है
00:18साथी इसके पीछे की वरत्क था क्या है
00:20माता पारवती ने भगवान श्रिव को पती के रूप में पाने के लिए हजारों वर्षों तक कठिन तपस्या की
00:26लंबे समय तक धूप, धूल और वर्षा सहने के बाद माता का शरीर काला पड़ गया
00:31जब भगवान श्रिव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुए तो उन्होंने गंगाजल से माता को स्नान कराया
00:37गंगाजल के स्पर्ष से माता का शरीर अत्यंत कांतिवान और गौर वर्ण हो गया
00:42उनके इसी अत्यंत गौर और उज्वल रूप के कारण उनका नाम महगौरी पड़ा
00:47अश्टमी के दिन इनका पूजन करने से भक्तों के सब ही पाप धुल जाते हैं और मन शुद्ध हो जाता
00:54है
00:54वहीं एक अन्य मानिता भी है कि अश्टमी के दिन ही देवी ने चंड मुंड नामक राक्षसों का संगार किया
01:01था
01:02जब महिशा सुर और उसकी सेनाओं ने देवताओं पर अत्याचार बढ़ा दिया तब मादुरगा ने अपनी शक्ति से असुरों का
01:08विनाश किया था
01:09अश्टमी और नौमी के मिलने के समय को संधिकाल कहते हैं
01:13माना जाता है कि इसी समय देवी ने प्रकट होकर सबसे शक्तिशाली असुरों का अंद किया था
01:19इसलिए इस दिन संधि पूजा का विशेश महत्व होता है
01:23फिलहाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
01:26साथी चैनल को सब्सक्राइब करना न भूले
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