00:00चैत्र नवरात्री की अश्टमी तिधी जिसे महाश्टमे या दुर्गाश्टमी भी कहते हैं बेहद शक्तिशाली मानी गई है
00:07इस दन मादुर्गा के आठवे स्वरूप मा महागौरी की पूजा होती है
00:12आई इस वीडियो में जानते हैं कि आफिर चैत्र नवरात्री की अश्टमी क्यों मनाई जाती है
00:18साथी इसके पीछे की वरत्क था क्या है
00:20माता पारवती ने भगवान श्रिव को पती के रूप में पाने के लिए हजारों वर्षों तक कठिन तपस्या की
00:26लंबे समय तक धूप, धूल और वर्षा सहने के बाद माता का शरीर काला पड़ गया
00:31जब भगवान श्रिव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुए तो उन्होंने गंगाजल से माता को स्नान कराया
00:37गंगाजल के स्पर्ष से माता का शरीर अत्यंत कांतिवान और गौर वर्ण हो गया
00:42उनके इसी अत्यंत गौर और उज्वल रूप के कारण उनका नाम महगौरी पड़ा
00:47अश्टमी के दिन इनका पूजन करने से भक्तों के सब ही पाप धुल जाते हैं और मन शुद्ध हो जाता
00:54है
00:54वहीं एक अन्य मानिता भी है कि अश्टमी के दिन ही देवी ने चंड मुंड नामक राक्षसों का संगार किया
01:01था
01:02जब महिशा सुर और उसकी सेनाओं ने देवताओं पर अत्याचार बढ़ा दिया तब मादुरगा ने अपनी शक्ति से असुरों का
01:08विनाश किया था
01:09अश्टमी और नौमी के मिलने के समय को संधिकाल कहते हैं
01:13माना जाता है कि इसी समय देवी ने प्रकट होकर सबसे शक्तिशाली असुरों का अंद किया था
01:19इसलिए इस दिन संधि पूजा का विशेश महत्व होता है
01:23फिलहाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
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