00:04राजर्सान से देश के कई हिस्सों में आस्था और परमपरा का विशेश पर्व गंगोर श्रद्धा के साथ मनाय जाता है।
00:30जिसमें वो अखंड सौ भागे, पती की लंबी उम्र और सुख सम्रिद्धी की कामना करती है।
00:35ऐसे में चलिए आपको बताते हैं इस वीडियो में कि आखिर गंगोर का व्रत महिलाएं अपने पती से छिपा कर
00:41क्यों रखती है।
00:43दरसल गंगोर पूजा में महिलाएं सुभा इसनान कर स्वचवस्त्र धारन करती हैं।
00:48इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछा कर मिट्टी या लकडी की गंगोर यानि की शिव पारवती की प्रतिमा इस्थापित
00:54करती हैं।
00:55बिधी पूर्बक पूजा कर जल, फूल, अच्छत, सिंदूर, आदी अर्पित करती हैं।
01:00इसके बाद सुहाक का समान जैसे सिंदूर, चुनरी, चूडी, महंदी और प्रशाद अर्पित किया जाता है।
01:06कई स्थानों पर महिलाएं, लोग गीत गाते हुए, जल से भरे घड़े लेकर शोभा यात्रा भी निकालती हैं।
01:13वरत रखने वाली महिलाएं, दिन भर निर्जला या फलहार वरत करती हैं।
01:17और शाम को कथा सुनने के बाद महिलाएं, गाते बजाते हुए, किसी पवित्र नदी में जाकर प्रतीमा का विसर्जन करती
01:24हैं।
01:24पूजा के दोरान परंपरिक ग्रेट और निर्ते भी इस पर्व की विशेश पहचान है।
01:29लेकिन गंगौर से जुड़ी एक रोचक परंपरा ये भी है कि कुछ छेत्रों में महिलाएं ये वरत अपने पती से
01:35छुपा कर रखती है।
01:36मानेता है कि अगर वरत का प्रदर्शन या दिखावा किया जाए, तो उसका पूर्णेफल नहीं मिलता।
01:41इसलिए इसे गुप्त रूप से करने की परंपरा चली आ रही है, ताकि वरत का पूर्णेफल प्राप्त हो सके।
01:48इसके लावा एक लोग कथा के अनुसार माता गौरी ने भी जब ये वरत भगवान शिव के लिए रखा था,
01:54तब शिव जी को भी नहीं बताया था, इसलिए महलाया अपने पती से छुपा कर ये वरत करती हैं।
01:59साथी गंगौर पूजा का प्रशाद भी पुरुषों को नहीं दिया जाता है।
02:04उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी।
02:06फिलहाल अमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक, शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले।
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