00:00हाल ही में सुप्रीम कोट ने निश्क्रिया इच्छा मृत्यू की अनुमती दी है, जो कि ठीक भी है.
00:05मगर क्या हर इनसान को अपनी मर्जी से मरने का हक नहीं मिलना चाहिए?
00:30जा कि उसका अंगुठा लगवा लिया, कि मैं मरना चाहता हूं खुदी, लगा दिया उसने अंगुठा, आप कह दोगे नहीं
00:36इसमें किसी सरकारी करमचारी को विटनेस होना चाहिए, तो सरकारी करमचारी तो विटनेस हो जाएगा, उसमें क्या है, इसलिए भारत
00:45में इस ची�
00:59पर तहसील स्तर पर क्या हो रहा है किसको क्या पता है तो इस तरह धत्याकान शुरू हो जाएंगे और
01:04कह दिया जाएगा कि इसने तो खुद ही कहा था कि युथेनाइज में फिर हम भावना प्रदान भी तो लोग
01:10हैं इसी का कुछ हो गया किसी को पता चल गया रहे वो तो आज
01:13वहाँ पर फलानी के हां गए थे अब मैं आज निराहार रहूंगी आमरण निराहार रहूंगी और आजमी मरने को तयार
01:22बैठा है सड़क पर जाओ लोग जैसे गाड़ी चला रहे हैं तुम्हें क्या लगता है जीना चाहते हैं अगर तुम
01:26गौर से देखोगे तो उनके भी
01:43रवई करते हैं जिनकी जिन्दगी किसी सार्थक काम में लगी होती है
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