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यह वीडियो 8 मार्च 2026 को आयोजित गीता सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00मैं जब आपसे जूरा था उतसे पहले अन्ने बाबाओं को सुनता था
00:03वो मेडिटेशन अगुरा पे ज़्यादा जोड़ देते थे और उनका कैम सुगरा चलता है
00:07और लोग जाते भी है कि वहाँ जाके कुछ मिस्टिकल अनुभाव होता है
00:12तो क्या यह सब जूट है
00:21क्या मेहनत करूँ तो मैं इधर उधर भुमा के लाओं फिर यहाँ पहुचाओं इस इच्छा सीधे ही बता देता हूँ
00:29तो जितने भी मेडिटेशन का एंप अध्यान होते है उससे केवल शारीरिक फैदा होता है अध्यात में कुछ अनुभाव नहीं
00:34होता है
00:36मैं तो मुगदर ले के शारीरिक फैदा कर लेता हूँ
00:40मुझे उसके लिए मिस्टिकल मेथड़्स नहीं चाहिए
00:42महारे सारे मिस्टिशिजम का जवाब है मेरा बुगदर
00:49वन तो लग नहीं रहा के बुगदर भी चलाते हो
00:53क्या चल रहा है ये शारीरिक कमदूरी कैसा
00:58विबार हो जिद्धी पढ़ी है ना देखने के लिए
01:10के जिन्दगी को देखो तो ने हैं अपनी जिंदगीransче नहीं दिखाई दे रही तो अपनी सिंदगी छोड़कर जाओगे कहीं पर
01:16कि जा रहा उँ Calm影 में अपर
01:19पहां पर देखूंगा, जो देखने की ज़रूरत है, वो तो तुम्हारी दिन-चर्या में रोज और घट रहा है, उसको
01:27देखो न, देखो कि अपने बॉस के सामने कैसे दुम हिलाते हो, देखो कि पडोसी को देखते ही कैसे एर्शा
01:33में जल जाते हो,
01:34महीने के छुट्टी लेके पहाड़ों पर चले गए
01:36दिन चर्रया छोड़ करके क्या देखने भाग रहे है
01:38यह ऐसी सी बात है कि
01:40आप डॉक्टर को फोल करें डॉक्टर साथ
01:42वो हमारे घर में बहुत वो बीमार पड़ा हुआ है
01:44और उसको दिल का मरीज था भी
01:46चक्कर खाके गिर गया है
01:48डॉक्टर का है हाँ हाँ आईए आईए
01:50आप सब लोग आईए बस मरीज को छोड़ के आईए
01:54यह जहां जा रहे हो
01:55मरीज को तुहां लेके ही नहीं जा रहे है
01:57मरीज तो तुमारा तुमारे घर में है
01:59तुम्हारे दफ्तर में है, तुम्हारे बाजार में है, तुम्हारे व्यापार में है
02:02देखो अपनी जिन्दगी को, तुम्हें आँख खोलने वाला मेडिटेशन चाहिए, आँख बंद करने वाला नहीं
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