00:24Islam
00:30what happened to a person who has always been able to do this
00:38today we are listening to this
00:42Ali ibn Abiy Talib's law of the law of the law
00:49which Islam of the law of the law of the law of the law
00:56the name Allah
00:58al-rohi
00:59Assalamualaikum
01:01,,
01:03with a video in his name
01:05said the
01:06Ali Abhi Talib's
01:08Ava of
01:09Ava of
01:10Ava of
01:10Ava of
01:11Ava of
01:12Ava of
01:13Ava of
01:13Ava of
01:17Ava of
01:22Ava Ava
01:24Ava
01:25जो हर मुसलमान को जरूर जानना चाहिए
01:30ये वाकिया उस वक्त का है
01:34जब मुसलमानों के खलीफा थे
01:37अली इबन अभी तालिब
01:40और उनका दारूल हकूमत कूफा था
01:44कूफा उस जमाने का एक एहम शहर था
01:49जहां बजार अबाद थे लोग तजारत करते थे
01:55और दूर दूर से मुसाफिर जहां आते थे
02:00लेकिं कूफा की सबसे बरी पहचान थी
02:06इंसाफ और अदन क्योंके इस शहर का हुक्मरान वो शक्सियत थी
02:13जो सादगी बहादरी और इंसाफ में बेमिसाल थी
02:20एक दिन हजरत अली अलेहिससलाम अपनी जड़ा के बारे में सोच रहे थे
02:28ये जड़ा वही थी जो उन्होंने कई जंगों में पहनी थी
02:35लेकिन कुछ दिन पहले वो जड़ा कहीं गुम हो गई थी
02:41हजरत अली ने उसे तलाश किया मगर वो नहीं मिली
02:47वक्त गुजरता गया और ये मुआमला तकरीबन धूल सा गया
02:54चंद दिन बाद हजरत अली अलीजिस्सलाम कुफा के बजार से गुजर रहे थे
03:02बजार में बहुत रच था लोग करीबों फरूप में मसरूफ थे
03:10उसी दुरान हजरत अली अलीजिस्सलाम की नजर एक शक्स पर परी
03:16जो एक जरा बेच रहा था जब उन्होंने गोर से देखा तो वो हिरान रहे गे
03:25ये तो वही जरा थी जो उनकी गुम हुई थी
03:31हजरत अली अलीजिस्सलाम उस शक्स के पास गे उन्होंने नर्मी से फरमाया
03:38ये जरा मेरी है ये कुछ दिन पहले गुम हो गई थी वो शक्स एक यहूदी पाजिर था
03:48उसने जवाब दिया ये जरा मेरी है और उस वक्त मेरे पास है
03:55लोग ये गुतगू सुल कर रुक गे सब फिरान थे के एक तरफ मुसल्मानों के खलीफा और दूसरी तरफ एक
04:08ममूली ताजिर
04:09हजरत अली अलीजिस्सलाम उस वक्त मुसल्मानों के खलीफा थे
04:15अगर आली अलीजिस्सलाम चाहते तो अपने इक्तियार से जरा बापिस ले सकते थे
04:24लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया
04:27उन्होंने फरमाया चलो काजी की अदालत में चलते हैं
04:33ये सुनकर लोग और भी हिरान होगे
04:38क्योंके खलीफा वक्त खुद अदालत जा रहे थे
04:43अब वो लमहा आया जब मुसल्मानों के खलीफा वक्त अदालत में हैं
04:51और सामने ममूली पाजिर अल-कादी अदालत में काजी थे
04:58जब काजी ने देखा के खलीफा वक्त अदालत में आये हैं तो वो एफ्तराम में खरे होगे
05:08लेकिन हजरत अलिय अल-काजी साहब अदालत में सब बराबर होते हैं
05:17आप अपनी जगा बैठ जाएं ये जुमला सुनकर अदालत में मजूद हर शक्स हिरान रह गया
05:27काजी ने पहले यहूदी से पूछा तुम्हारा दावा क्या है
05:34यहूदी ने कहा ये जरा मेरी है
05:38पिर काजी ने हजरत अली से पूछा आप क्या कहते हैं
05:44हजरत अली ने फरमाया ये जरा मेरी है
05:48लेकिन इसके पास है
05:50काजी ने कहा क्या आपके पास गुआ है
05:55हजरत अली लगिस्सलाम ने फरमाया
05:58मेरा बेटा हसन अबन अली और मेरा गुलाम गुआ है
06:04काजी ने कहा बेटे की गुआही बाप के हक में कबूल नहीं होती
06:15ڈالیٰؑ
06:44He was thinking about this. He was a Muslim who was a judge of the government. He was a judge
06:52of me, but he was a judge of the government. He was a judge of the government. He was a
07:00judge of the government.
07:09He said that he had no idea of this, and he said that he had no idea of this, and
07:28he said that he had no idea of this.
07:34دوستو اسلام کی اصل طاقت صرف جنگ نہیں تھی
07:40اسلام کی اصل طاقت تھی انصاف اور کردار
07:45اور یہی وہ انصاف تھا جو لوگوں کے دل بدل دیتا تھا
07:51علی ابن ابی طالب کا عظیم کردار یہی تھا
07:56دوستو اگر آپ کو یہ ایمان تازہ کرنے والا واقعہ پسند آیا ہو
08:04تو ویڈیو کو لائک کریں
Comments