00:00the name of the god, the name of the god
00:08the name of the god
00:09the name of the god
00:09السلام علیکم
00:11یہ مدینہ تھا
00:14نبی کریم صلی اللہ علیہ وسلم کا
00:17شہر یہی گلیاں تھی
00:19جہاں امام حسین علیہ السلام کا
00:24بچپن گزرا تھا
00:25लेकिन आज इन्ही गलियों में खमोशी चा गई थी
00:32यजीद लांती में हकूमत सन्भाली थी
00:37इमाम हुसैन लहिज सलाम से बैत मांग रहा था
00:44जब यजीद ने खलाफत पर कब्जा किया
00:49तो सब हुकमरानों को हुकम दिया
00:53मेरे नाम पर हर शक्स से बैत ली जाए
00:58अगर कोई इंकार करे तो उसे कतल कर दो
01:03मदीना का गवर्नर था वलीद बिन अतबा
01:09जो जहरी तोर पर नरम तबियत का इनसान था
01:15मगर यजीद का रिष्टेदार था
01:19वलीद को जब यजीद का हुकम मिला तो वो खेरेशान हो गया
01:27वो जानता था
01:29के इमाम हुसेन अलहिस्सलाम नभी सलल्लाहु अलेहिवसल्म के नवासे हैं
01:37इन से जबरदस्ती बैत लेना असान नहीं
01:42वलीद ने मदीना के एक बरे स्यासतदान और यजीद के करीबी आदमी
01:51मर्वान बिन भाकिम को बलाया और कहा
01:56हुसेन अलहिस्सलाम बहुत अजीम शक्सियत हैं इन से कैसे बैद ली जाए
02:04मर्वान नहायत चलाक साजशी और दुनिया परस्त इनसान था
02:12वो यजीद के करीब था और उसे सिर्फ ताकत से मतलब था
02:19इसमें बलीद से कहा
02:21तों नडमी दिखा रहे हो हुसेन लहिस्सलाम जैसे
02:27लोग नडमी से काबू नहीं आएंगे
02:32इनहें इसी रात बला लो जब मज्जिद खाली हो
02:39किसी को पता ना चले
02:41अगर वो बैत करे तो ठीक वरना वही कतल कर दो
02:48वलीद ने कहा
02:50मगर ये रात का वक्त है
02:55क्या लोगों को बुरा ना लगेगा
02:58मरवान ने जोर दिया
03:02ये मौका बार बार नहीं आएगा
03:07अगर वो निकल गे तो मका चले जाएंगे
03:11वहां के लोग इनके साथ होंगे
03:17तुम इनहें जाने ना दो
03:20हुसैन लिएस सलाम को खत्म करना जरूरी है
03:26वरना यजीद की हकूमत खत्रे में पर जाएगी
03:31वलीद ने आखिर कार मरवान की बात मान ली
03:37इमाम हुसैन लिएस सलाम को रात के वक्त बलाने का फैसला किया
03:44इमाम हुसैन लिएस सलाम को पेगाम दिया गया
03:50के वलीद आप से बात करना चाता है
03:54इमाम लिएस सलाम ने पोरण समझ लिया
03:58के मामला बैत का है
04:01आपने अपने कुछ साथियों के साथ जाने का फैसला किया
04:08जिन में आप के भाई हजरत अबास लिएस सलाम भी शामिल थे
04:15इमाम हुसैन लिएस सलाम ने हजरत अबास लिएस सलाम से फरमाया
04:23अगर उम्हें मेरी अबाद बलंद लगे
04:27या कोई खत्रा हो तो फोरण अंदर आ जाना
04:32जब इमाम हुसैन लिएस सलाम दरबार में पहुँचे
04:39वलीद ने अदब से यजीद का खत्राह और बैत का मतालबा किया
04:46इमाम हुसैन लिएस सलाम ने थंडी सांस ली और फरमाया
04:54यजीद एक जाली शराबी और दीन से दूर इंसान है
05:02मुझ जैसा यजीद जैसे की बैत नहीं कर सकता
05:08ये सुनकर मरवान बोल उठा
05:12वलीद मुका हाथ से ना जाने दो
05:17अगर अब कतल ना किया तो ये खकूमत के लिए खत्रा बन जाएगा
05:24वलीद हिचकचाया खमोश रहा और फिर
05:29हजलत अबास अलहिससलाम
05:33अचानक दर्वार में धाखिल हुए
05:39हाथ में तलवार आँखों में गजब और चेहरे पर गैरत की रोशनी थी
05:47उन्हों ने जोर से कहा अगर किसी ने मेरे आका को हाथ लगाया तो कोई जिन्दा ना बचेगा
05:59वलीद और मर्वान दोनों कोफजदा होगे इमाम हुसैन तुरे वकार के साथ दर्वार से बाहिर आगे
06:12इमाम हुसैन ने अगली सुबा एहले खाना से कहा
06:19अब हमें मदीना छोरना होगा जहा हमारी जान को खत्रा है
06:27फिर वो रोजा रसूल सलल्लाहु अलेहिवसल्म पर गे कबर से निपट कर देर तक रोते रहे
06:38नाना जान सलल्लाहु अलेहिवसल्म आपका नवासा आज आपकी उमत से रुक्सत हो रहा है
06:49क्यूंके हक के लिए खरा हो गया है
06:53फिर जन्नत अलबकी गे जहां अपनी माँ हजरत फात्मा असलाम अलेहा भाई इमाम हसन और दिगर अजीजों की कबरों पर गे आखों से आशू बहते रहे
07:10हजरत अबास हर लमहा साथ रहे
07:16काफला त्यार हुआ उंटों पर क्वातीन बच्चों के साथ जवानों ने समान उठा लिया
07:25इमाम हुसान लिया एक आखरी बार मदीना पर नजर डाली ऐ मदीना मेरा सलाम हो सकता है
07:39यह आखरी बार हो और काफला रात के अंधेरे में मदीना से रवाना हो गया
07:49यह सफर सिर्फ मदीना से मक्का का ना था यह हक के लिए सब कुछ छोड़ने का अगाज था
08:01यह कुर्बानी की वो पहली एक ती जिस पर कर्बला की दिवार खरी होने वाली थी
08:10अगर यह कहानी आपके दिल तक पहुची हो तो अगला हिसा जरूर देखें
08:19चैनल सब्सक्राइब करें जल आइकॉन दबाएं ताके हुसाइन लही सलाम का पेगाम हर दिल तक पहुचे
08:40पहुचे
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