00:00बिस्मिल्लाहिर्रह्मानिर्रहीम
00:08असलामु आलाइकुम
00:11क्या आपको यकीन है के आपकी पुर्बानी अल्लाह के हाँ कबूल होगी
00:20ज्यादातर लोग नियत तरीका या गोश्ट के गल्प इस्तमाल की वज़ा से अपनी पुर्बानी जाया कर बैठते हैं
00:34इस वीडियो को आखिर तक जरूर देखें क्यूंके आप जानेंगे
00:42कौन से आमाल पुर्बानी को अल्ला के हाँ काबले कबूल बनाते हैं
00:52और कौन सी गल्पियां आपकी पुर्बानी को रत्र कर सकती हैं
01:01आखिर में आप कहेंगे ये सब जानना बहुत जरूरी था
01:10हिसा अवल पुर्बानी का असल मकसद
01:15पुर्बानी का मकसद सिर्फ गोष्ट या रसम पूरी करना नहीं हैं
01:25अल्ला ताला कुरान में फर्माता है
01:28अल्ला को ना उनका गोष्ट पहुचता है ना खून बलके उसे तुम्हारा तक्वा पहुचता है
01:41यानि अगर दिल में इखलास है नियत अल्ला के लिए है तब ही कुर्बानी कबूल होती है
01:52हिसा तुम वो काम जिन से कुर्बानी कबूल होती है
01:59नियत सिर्फ अल्ला के लिए हो
02:04नभी सल्लाई अलेहिवासल्म ने फर्माया आमाल का दारो मदार नियत पर है
02:14अगर पुर्बानी अल्ला की रजा के लिए है तो काबले कबूल है
02:23लेकिन अगर दिखावे या नाम बनाने के लिए की जाए तो वो अबादत नहीं रहती
02:34सही वक्त पर पुर्बानी करना
02:39नभी सल्लाई अलेहिवासल्म ने फर्माया
02:44नमाजे एड से पहले कुर्बानी सिर्फ गोष्ट है कुर्बानी नहीं
02:52कुर्बानी नमाजे एड के बाद शुरू होती है और तीन दिनों तक की जा सकती है
03:02जानवर का मुकमल सेहत मंद और दुरुस्त उमर का होना
03:09नभी सल्लाई अलेहिवासल्म ने फर्माया
03:14चार जानवरों की कुर्बानी जाइज नहीं
03:19अंधा बीमार लंगरा और ऐसा कमजोर जो चल भी ना सके
03:28जानवर में कोई वजा एब नहीं होना चाहिए
03:35उमर का ख्याल भकरी बकरा कम अज कम एक साल
03:43काएं बैल कम अज कम दो साल
03:48हूंप कम अज कम पान साल
03:52जीबा करते वक्त अल्ला का नाम लेना
03:57नभी सलिल्लाह अलेहिवसल्म ने हर कुर्बानी के वकत फर्माया
04:04बिश्मिल्ला अल्लाह उखबर कहकर जानवर जीबा करें
04:11ये कहना लाजमी है वरना कुर्बानी जाइज नहीं
04:18खुद जीबा करना या कम अज कम मजूद होना
04:24नभी सलिल्लाह अलेहिवसल्म खुद कुर्बानी करते
04:29और अगर ना कर पाते तो कुर्बानी के वे वकत मजूद रहते
04:36हिसा सोम वो गल्पियां जिनसे कुर्बानी कबूल नहीं होती
04:44दिखावे के लिए कुर्बानी करना
04:48नभी सलिल्लाह अलेहिवसल्म ने फरमाया
04:54जिसने दिखावे के लिए अमल किया
04:57अल्लाह उसे कैमत के दिन लोगों के सामने रुस्वा करेगा
05:03अल्लाह के सिवा किसी और के नाम पर कुर्बानी करना
05:09अल्लाह कुरान में फरमाते हैं
05:13जिस जानवर पर अल्लाह का नाम ना लिया गया हूँ
05:19उसे मत खाओ
05:21जानवर को तकलीफ देना या मजाक बनाना
05:27कुछ लोग जानवर को मारने घसीटने या तस्वीरें खीचने में मसूफ होते हैं
05:38नभी सल्लाह उलेहिवसलम ने परमाया
05:43अल्लाह हर काम में नडमी पसंद करता है
05:49गोश्ट में इंसाफ ना करना
05:53नभी सल्लाह उलेहिवसलम ने फरमाया
05:57गोश्ट को तीन इसों में तक्सीम करो
06:03एक गरीबों के लिए एक रिष्टेदारों के लिए एक अपने लिए
06:09सिर्फ अपने लिए रखना या सारा तक्सीम कर देना दोनों तरीके दुरुश्ट नहीं
06:18कुर्बानी के दिन अल्ला के नजदीक सबसे ज्यदा पसंदीदा अमल कुर्बानी है
06:28और क्यामत के दिन जानवर अपने बाल सिंग और खून समेत आएगा ये अबादत ना सिर्फ सुनते इबराहीनी है बलके अल्ला से महबत का तो अगर आप जहर हैं कि आपकी पुर्बानी अल्ला के हां कबूल हो तो नियत खालिच रखे
06:55जानवर का इंताखाब दुरुष्ट करें पुर्बानी सुनत तरीके से करें गोश्च का इंसाफ से इस्तमाल करें और सबसे भरकर दिल में अल्ला का खौफ और महबत रखें
07:13अगर ये वीडियो आप के लिए फाइदा मन थी तो उसे दूसरों तक जरूर कोंचाएं ताके वो भी सही तरीके से पुर्बानी कर सकें
07:29कमेंट्स में बताएं के आपको वीडियो की कौन सी बात सबसे ज्यादा पसंद आई जरूरी बात चैनल को सब्सक्राइब और लाइक जरूर करें
07:46अल्ला हम सब की पुर्बानी कबूल फरमाए एद मुबारिक खुदा हाफिस
07:59अल्ला हम जरूरी बात बात बात चैनल
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