00:00ये वाकिया देखकर हजरत हलीमा घबरा गई और उन्होंने फैसला किया कि अब बच्चे को फौरी तौर पर उसकी वालदा
00:06के पास लोटा दे जब वो मक्का पहुँचे तो हजरत अब्दलमुतलब ने बच्चे को देखा तो पहचान ना सके क्यूंकि
00:13हुदूर सलल्लाहो अल
00:28बस लाएं तो हजरत आमना ने हैरत से पूछा कि आप तो चाहती थें कि बच्चा आपके पास मजीद रहे
00:34फिर क्यूं लाई हैं हजरत हलीमा ने सचाई से तमाम वाकियात सुनाए और बताया कि वो उन अजीब वगरीब निशानियों
00:43और वाकियात के बाइस डर गई थी कि क
00:45नहीं बच्चे को कोई नुकसान ना पहुंच जाए
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