00:02जेश्ट महीना हिंदू कालेंडर का तीसरा महीना है।
00:30आप एक आसान काम करके सबसे बड़ा पुन्निलाव भी प्राप्त कर सकते हैं और आपको मृत्यू के बाद नरक भी
00:36नहीं जाना पड़ेगा।
01:00एसे में उद्यातिती के अधार पर जेश्ट मास का प्रारंब दो मई शनिवार से हो रहा है।
01:06दो मई को जेश्ट मास का प्रारंब व्यतिपात योग और विशाखा नक्षत्र में होगा।
01:11उस दन व्यतिपात योग प्रातह काल से लेकर रात 9 बचकर 45 मिनट तक रहेगा।
01:17इसके बाद से वरियान बनेगा।
01:19वही विशाखा नक्षत प्रातह काल से लेकर पूर्ण रातरी तक है।
01:23जेश्ट मास के पहले दिन चद्रमा तुला राशी में और सूरे मेश राशी में होगे।
01:29तीन माई को 12 बचकर 49 मिनट से लेकर सुब़ 5 बचकर 40 मिनट तक त्रिपुषकर योग है।
01:38वही जेश्ट मास का समापन पूर्णिमा के दिन होगा।
01:41वही पूर्णिमा तिथी का प्रारंब 28 जून की मदरातरी 3 बचकर 6 मिनट से शुरू हो रही है।
01:48इसका समापन 30 जून को सुब़ 5 बचकर 26 मिनट पर होगा।
01:54वो दियातिती के आधार पर 29 जून को ही जेश्ट पूर्णिमा है और इसी दिन इस महिने की समापती भी
02:00है।
02:01जेश्ट मास में भगवान विश्णू के त्रिविक्रम स्वरूप यानि वामन अवतार की पूजा करनी चाहिए।
02:07इसमें व्यक्ति को शत्रों पर वजय मिलती है और पाप का नाश होता है और अश्व मेध यग्य जैसा पुन्य
02:13भी मिलता है।
02:14हर दिन जल का दान करें प्यासे लोगों को पानी पिलाएं घर के बाहर मटके में पानी भर कर छाओ
02:19में रख दें।
02:27इस महीने जल का दान करने से बड़ा कोई को पुन्य कर्म नहीं होता है।
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