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Purushottam Maas Kab Hai 2026: पंचांग के अनुसार, साल 2026 में अधिकमास ज्येष्ठ महीने में पड़ेगा. इसकी शुरुआत 17 मई 2026 से होगी और समापन 15 जून 2026 को होगा. इस अतिरिक्त महीने की वजह से आगे आने वाले कई बड़े त्योहारों की तारीखें भी आगे खिसक जाएंगी. जैसे- रक्षाबंधन, जो आमतौर पर अगस्त के मध्य में आता है, 2026 में 28 अगस्त को मनाया जाएगा. दीपावली भी इस बार 8 नवंबर को पड़ेगी.Purushottam Maas Kab Hai 2026: Adhik Maas Date,Kya Karna Chahiye Kya Nahi ?

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00:00क्रشनाई वाशुदेवा यहरे परमात्मने प्रणताक्लेशन आशाई गोविंदाई نमुनमा
00:06प्यारे मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं जेष्ठ मास में जो पुर्षोत्तम का महिना पढ़ने वाला है यह पुर्षोत्तम
00:16मास कब से कब तक रहेगा इसी विशेपे आप से चर्चा करते हैं
00:21तो 17 माई 2026 से प्रारंब हो रहा है पुर्शोत्तम का महिना और 15 जुन 2026 को पूर्ण हो जाएगा
00:30पुर्शोत्तम का महिना इस पवित्र माह को पुर्शोत्तम मास कहा जाता है लौंद का महिना कहा जाता है अधिक मास
00:40के रूप में भी इसको जाना जाता है
00:42अधिक मास कुछ लोगों के लिए विसेश सुबता को भी ले करके आता है क्यों क्योंकि इस महिने में भगवान
00:50विश्ट्णू की पूजा विसेश रूप से संपन्न की जाती है और भगवान विश्ट्णू का विसेश आसिरबात प्राप्त होता है
00:58तो जेश्ट का महिना अर्थात अधिक मास कब से सुरू हो रहा है इस माह में हमको क्या-क्या काड़ि
01:05करने चाहिए भगवान विश्ट्णू का पूजन करना चाहिए कलेंडर अंगरेजी की बात करते हैं तो बारा महिने होते हैं लेकिन
01:14हर तीसरे साल में अतिरुक्त महिना जो
01:28तीन वर्स पूर्ण होते हैं तब जा करके एक महना निकलता है जिसको पुर्षोत्तम का महना कहते हैं ये पुर्षोत्तम
01:35का महना है जिसमें भगवान विश्ट्नू ने नरसिंग का अवतार धारन करके भगत प्रहलाद की रक्षा की और हिर्णा कश्यपू
01:47का उद्धार किया �
01:49यह वही पुर्षोत्तम का महना है पुर्षोत्तम महने में भगवानिविष्णू का पूजन विश्चेश रूप से किया जाता है इस मास
01:58में धार्मिक द्रश्टि से अत्यंत ही पवित्र महना बताया गया है साल दोहजार
02:0426 में जेश्ट महा के साथ अधिक मास का जो यह पावन सयोग बन रहा है इस पावन सयोग में
02:12हमको भक्ति करनी चाहिए दान देना चाहिए और आध्यात्मिक कार्य जो आध्यात्मिक जो प्रवचन है जो पूजा है जो पाट
02:24है भक्ति है शत्षंग है स्वाध्याय है आध्यात
02:28कि और जो हमको प्रेरित करें ऐसे कार्णियों को हमको इस परम पवित्र पावन पुर्शोत्तम महिने में करना चाहिए क्योंकि
02:37इस पुर्शोत्तम महिने में जो इस तरह के कार्णियों को करते हैं निश्चित रूप में भगवने विष्ट्णू की क्रपा उनके
02:45ऊपर होती है
02:46अदिक मास 2026 की तिथी की अगर हम बात करें तो इस साल जेष्ट माह का जो अदिक मास है
02:5317 माई 2026 से प्रारंब हो करके रबिवार से शुरू हो करके और 15 जून 2026 सुम बार तक ये
03:02चलेगा
03:02इस दोरान भगवान विश्ट्णू की पूजा करना विसेस रूप से स्रेयशकर है बहुत ही आनंदकारी है बहुत ही पुनिशाली है
03:11इस पामन महिने में हमको वरत जरूर करना चाहिए एक समय हमको भोजन करना चाहिए भूमी पर सयन करना चाहिए
03:20और विसेस रूप से नियम स
03:30सायंकाल भगवानी विष्व्णु का जो मंत्र है और अधिक मास क्यों आता है क्योंकि चंद्रमा के आधार पर एक
03:43साल लगबक 354 से 355 दिनों का जबकि सूर्य के आधार पर 365 से 306 दिनों का होता है
03:54इस अंतर को शंतुलित करने के लिए तीसरे साल एक अतरिक्त महिना जोड़ा जाता है
04:02जिसे अधिक मास कहा जाता है यह महिना चंद्र और सौर्य मास के बीच के अंतर को पूरा करता है
04:10आधिक मास को पुर्शोत्तम मास कहा जाता है आधिक मास को भगवान विश्पनू को इसलिए प्री है क्योंकि इस मास
04:18में स्वयम भगवान विश्पनू ने इस मास को स्वयम ही धारन किया था
04:24पुरशोत्तम को भगवान ने स्वयम धारन किया था और इस कारण इस मास में भगवान विश्पन का आवतार स्री भगवान
04:36कृष्पन की पूया अर्चना का विशेश महत्त बताया गया है
04:40और इस महिने में की गई भक्ती और दान अच्छे पुन्न को प्रदान कराने वाले होते हैं
04:51मित्रों यदि आप चाहते हैं किसी भी तरह की कोई जानकारी आप शंपर करिएगा
04:56मैं पुना मिलता हूँ तब तक के लिए आप सभी को जै स्री कुछना
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