00:00मनोजमम मारुत तुल्लेवेगम जीतेंद्रियम बुद्धिमताम वरिष्ठम वातात्मजंबानर योथ मुख्यम स्री रामदूतम शरणम प्रपद्धे
00:10प्रमित्रों जेश्यरम जैमातादी मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं जेश्ट महिने में इस बार चार बड़े मंगलवार नहीं बलकि
00:19आठ मंगल पढ़ने वाले हैं क्यों और किसका पूजन भी से इस रूप से किया जाएगा
00:25इस साल जो चार जेश्ट के महिने में मंगल पढ़ते थे इनको बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से
00:33भी जाना जाता था इस वर्स 2026 में आठ मंगल पढ़ेंगे और इन मंगल में हनुमान जी का पूजन किया
00:43जाता है
00:44परंत इसके साथ ही इन मंगलवार में भगवान विश्टनू का भी पूजन किया जाएगा क्यों क्योंकि जेश्ट के महिने के
00:54भी चार मंगल इसमें जुड़े हुए हैं तो बहुत ही आनंद का विश्ट है
01:00वैदिक पंचांग के अनुशार जेश्ट के महिने में इस बार कई मायनों में खास है दरसल बात करते हैं तो
01:10जेश्ट के महिने में एक नहीं बल्कि दो महिने होने जा रहे हैं जिसको पुरशोत्तम का महिना बोला जाता है
01:17कहीं कहीं पर लोंद का महिना बोलते हैं अधिक मास बोलते हैं तो इस जेश्ट के मंगल में जो लोग
01:26हनुमान जी का पूजन करते हैं हनुमान जी की क्रपा को प्राप्त करते हैं उनी हनुमान जी के पूजन के
01:33साथ साथ जेश्ट का महिना जो अधिक मास है ये भगवान विश
01:45पूजन किया जाता है और जेश्ट में ही जो मंगलवार होते हैं इनको बड़े मंगल बोले जाते हैं इसमें हनुमान
01:52जी का पूजन किया जाता है तो हम आपको बताएं जेश्ट मंगल की जो तारिखें हैं जेश्ट मंगल जो हैं
01:58जो बड़े मंगल हैं इनकी जो तारिखें है
02:01तो पहला मंगल है 5 मई 2026, जेष्ट का दूसरा मंगल है 12 मई 2026 को, जेष्ट का जो तीसरा
02:09मंगल है यह 19 मई को, 14 मंगल 26 मई को, पाँचवे मंगल की अगर हम बात करते हैं तो
02:152 जून को पढ़ेगा,
02:16छटे मंगल की बात करते हैं तो 9 जून को शात्वा मंगल बार जो है ये 16 जून को पड़ेगा
02:23और आठ्वा जो मंगल है ये 23 जून को पड़ेगा
02:27तो बड़े मंगल का महत्जेश्ट माश आने से बड़ा मंगल और मंगल अर्थात इसको कहीं कहीं पर बुढ़वा मंगर के
02:36भी नाम से जाना जाता
02:38दार्मिक माननेता हैं कि इस दिन स्री हनुमान जी महराज भगवान राम का मिलन हुआ था और इस महिने में
02:45जो भी व्यक्ति जो हनुमान जी के सच्चे भक्त हैं मन से हनुमान जी की पूजा करते हैं हनुमान जी
02:52उनकी मनो कामनाओं को पून करते हैं और हनुमान जी की मुलाका
03:08अंगल क्रपा को बना करके रखते हैं तो जय स्री कृष्णा जय श्यारम
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