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  • 1 minute ago
क्या आप जानते हैं कि वेदव्यास जी को अकेले ही वेदों और महाभारत का संपूर्ण ज्ञान कैसे प्राप्त हुआ?

वेदव्यास, सत्यवती और पराशर ऋषि के पुत्र थे। ध्यान में लीन होकर उन्होंने वेदों का सार समझा और फिर एक दिन उन्होंने भगवान गणेश से अनुरोध किया कि वे उनके बोलने पर महाभारत की रचना लिखें। इस गूढ़ ज्ञान, तपस्या और दिव्यता की कहानी में छिपा है भारतीय संस्कृति का एक अद्भुत रहस्य।

इस वीडियो में जानिए—

वेदव्यास जी को दिव्य ज्ञान कैसे प्राप्त हुआ?

भगवान गणेश ने किस शर्त पर महाभारत लिखी?

वेदव्यास का असली उद्देश्य क्या था?


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Transcript
00:05वेदवयास लेकिन क्या हुए साधारन मनुस्य थे नहीं वेदवयास वास्तव में मैर्सी प्रासर और सत्यवती के पूत्र थे
00:14सत्यवती वई थी जो बाद में अस्तिनापुर की रानी बनी वेदवयास का जनम एक द्विव पर हुआ था
00:21इसलिए उनका नाम दुएपायन पड़ा लेकिन उन्होंने तपस्या से ऐसा ज्यान पाया कि तेवता भी चकित रह गए
00:28क्याते हैं उन्होंने तीन युगों का ज्यान केवल ध्यान से देखा और समझा वेदू को चार बागों में बाट कर
00:36उन्हें सुलब बनाया
00:37इसलिए उन्हें कहा गया वेदवयास वीदू को व्याक्या देने वाला अब सवाल ये उठता है मा बारत चैसा विसाल करंथ
00:46उन्होंने अकेले कैसे लिखा तो इसका उत्तर है स्री गनेश वेदवयासी बोले मैं बोलूँगा तुम बिना रुके लिखना
00:53गनेश जी बोले मैं तबी लिखूंगा जब एक भी सब्द दुराएं न जाएं वेदवयास ने मन में गहरे अर्थ वाले
01:02सलोक बोले गनेश ने उन्हें तुरंत लिखा और इस तरह कविता दर्सन और इतियास का महा साकर बना महा भारत
01:10ऐसे थे वेदवयास जिनोंने नैके
01:12वलकथा दी बलगी धरम और ज्यान को युगो युगो तक जीवित कर दिया नमस्कार
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