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  • 6 days ago
प्रयागराज। तीर्थराज प्रयाग में माघ मास के दौरान वेणी दान की परंपरा को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। संगम तट पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के सान्निध्य में किया गया यह दान स्त्रियों के सौभाग्य, संतान प्राप्ति और दीर्घायु से जुड़ा माना जाता है। दारागंज के वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित जितेंद्र तिवारी के अनुसार, प्रयाग एकमात्र ऐसा तीर्थ है जहां सुहागिन और विधवा—दोनों स्त्रियों को मुंडन और वेणी दान का समान अधिकार प्राप्त है, और इसे शुभ फलदायी माना जाता है।

तीर्थराज प्रयाग में सुहागिन और विधवाओं को समान अधिकार, माघ मास में वेणी दान का विशेष धार्मिक महत्व

उन्होंने बताया कि वैसे तो बेड़ी दान और वेणी दान की परंपरा वर्ष भर चलती है, लेकिन माघ मास में इसका माहात्म्य कई गुना बढ़ जाता है। माघ स्नान के साथ किया गया वेणी दान विशेष पुण्य प्रदान करता है। इस अनुष्ठान में महिलाएं श्रृंगार कर भगवान वेणीमाधव का पूजन करती हैं और संगम तट पर अपनी चोटी का तीन अंगुल हिस्सा अर्पित करती हैं।

तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, दक्षिण भारत के तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, इसके अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से बड़ी संख्या में महिलाएं माघ मास में वेणी दान के लिए प्रयाग आती हैं। खासकर महाराष्ट्र और दक्षिण भारत की महिलाओं में यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है

प्रयाग माहात्म्य में उल्लेख है कि देवताओं की पत्नियों ने भी इस तीर्थ में वेणी दान किया था। मान्यता है कि भगवान वेणीमाधव की कृपा से यह दान स्त्रियों के वैवाहिक जीवन, सौभाग्य और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

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00:26This is the place where the god has taken it,
00:27where the goddess of religion has been in the洗amas.
00:30So, this is the place where he goes.
00:32He never via the government.
00:34The first place here is an temple,
00:36he says that it has been幫ied.
00:38He also said that it was also a king.
00:40He came to the temple because he had a king.
00:43So, this is how it seemed to be called.
00:46Because here, there are two men.
00:49There are three men.
00:51There are two men who made it,
00:53ketina
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