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  • 16 minutes ago
ईरान-इजराइल-US वॉर के चलते भारत के कई शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडर के किल्लत हो गयी है। नागपुर (महाराष्ट्र) में भी लोग बुकिंग के लिए लंबी वेटिंग और बुकिंग के बाद भी सिलेंडर ना मिलने से परेशान हैं। 

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Transcript
00:05तित्तत अभी ऺड़र प्रेदर अपल काई एस कि नम्बर लगाओ तरफी कियो में दोस्टों सुनस्टाना कि बोटेकर तक्साली
00:21कि अवे आई प्रवेखिण नम्बर यहतों सब्सक्रांखें ही सद्ड़ करनेगें
00:25इदर जा इदर जा बोटे यह?
00:27नंबर कहा लगाना है? यह तो वताना है?
00:28यह कहे है? यह बताइब प्राइब कतो नहीं सर्गिए।
00:31जो लग नंबर लगाएगे उनी को घर के स्रेंगर मिलेगे?
00:34अब उगण पर नंबर लगाना चेक स्वर्पते।
00:58जिस्टम बंद है वो कहते हैं कि चार पास दिन बाद नमबर लगेंगा और नमबर लगने के दस दिन बाद
01:03नमबर आएगा
01:11लगने के देखो लगने के पास पर इनका देने का तरीका अभी चेंज हो गया पहले क्या करते थे इन
01:30लोग सिलेंडर देते यहां से स्टार्टिंग करते थे अभी क्या होगा अभी बोलते ही कि लोग घर पर आके
01:34देने का कोई समय नहीं इन के बाद इन लोग सबसे पहले क्या करते हैं जो लोग इनको साथ 200
01:40रूपे उपर देते हैं उन लोग को सबसे पहले लोग
01:47कि भीया चलो किसी गरीब के घर में अगर चुला जल रहा है तो उसको कैसे प्रवाइट करें किस चीज़
01:51से करें इनको कोई लिंदेन निये इनको जहां से पहले जो ज़्यादा पैसे दे रहा है उनको सिलेंडर प्रवाइट करना
01:56जाए
02:00आज ज़रूरी नहीं है कि हर व्यक्ति के घर पे दो सिलेंडर हो जिनके घर में जो गरीब है वो
02:05बीजारे एक सिलेंडर लेते हो क्या करेंगे उनका अगर चुला खतम होगा तो सबसे पहले वो यहीं आएंगे
02:09एक टाइम ऐसा था कि हमारे पास में लखडी काफी जादा हुआ कर दी अब वो समय रहा नहीं सर
02:13इसी वज़े से बहुत जादा तकलीफ हो रही है और मैं जाता हूँ कि इन लोग सभी लोगों को रुवाइट
02:18करे एक कल की दिन में देखा जाए तो कल इतने लोग वापस गए �
02:21जिन लोगों का नंबर लग चुका था क्या यहीं चलता रहेगा मेरा नाम मुकेश है मैं फिलने दी पाउने लगा
02:28दिक्कत यहीं कि पंदा दिन से नंबर लगाया हूँ आज तक सिलेंडर नहीं मिला और एजैंसी में जाओ तो सूरज
02:35के पास बेदता सूरज के पास जाओ �
02:37तो गुदा उनके पास बेदता और यहां आओ तो बोलते फिर वहीं पर जाओ सूरज के पास पंदा दिन से
02:42नंबर लगाया हूँ अभी तक मिला नहीं है रोज चक्कड काटे गए इंसान खमाये गए ख़ब
02:50दिकत क्या यहां सिलेंडर दो-दो महने में आ रहे हमको सिलेंडर नहीं मिर रहा है बोलते नहीं हम पहले
02:56के सुपह सुपह लाइन लगा लेते लोग लेके चले जाते हैं हर महने के लोग सिलेंडर लेके जा रहे हम
03:01दो-दो महने में आ रहे हमको सिलेंडर नहीं मिरा है हमने क
03:26यहां क्या बताएगे आपको यहां भी मंडे के दिन आओ बोले और एक तो नंबर लगा तो नंबर भी नहीं
03:33लगता
03:36आप बोले मिल जाएंगा बोले तो अब मंडे के दिन आना पड़िगा दो तीन दिन बनाओ चुले पे
03:45मेरे बच्ची स्कूल की है
03:48फिर भी लाइन लगाओ
03:50पिछे जाओ
03:53गर में कोई पकाने वारा
03:55सादन नहीं
03:57इसलिए वो बलते कि
03:58कल भी नहीं मिलेंगा
04:01इसके दूर से आई मैं नारी से
04:11पिर भी नहीं मिलेंगा
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