00:00संकत बढ़ेंगे क्योंकि जो जिससे हमारी सरकार ने इस तरेट डील है इस
00:09में जिस तरे से जुकें हैं अम्रीका के सामने उससे हमारी संकत बढ़ेंगे और उसके उबर से
00:14जंग भी है तो यह तो बढ़ेगा जिस तरे दिकें क्लोंहीं आपर देखा प्धाल कोुर antr
00:29जिए गिर्राइज सिंह के रहे हैं जिराहु गांदी छोटा पैजमा को बहनते हैं
00:36कैसा सवाल है आप में इसे क्या पीछ वो कह रहे हैं तो बस मंत्री है नहीं
00:42जो लोग दुगत रहें इनकी पॉलिसी की वज़े से उनकी बाते होने चाहिए जो आप बाते कहीं जाती हैं
01:00क्योंकि जो मेरे भाई करते हैं वो सच बूलते हैं इनके सामने आज तक एक ही व्यक्ति है जो इस
01:05पूरे देश में जो जुका नहीं है
01:07इन्होंने सब कोशिशें की पैसे खर्चे तमाम सोशल मीडिया की कैमपेंड की मीडिया पर कैमपेंड की तरें तरें की चीज़ें
01:17बोली उनके बारे में कुछ नहीं चला है
01:19सच्चाई उनके सामने हैं लोग देख रहे हैं कि यह एक ही व्यक्ति है जो सच बोलता है और जिजकता
01:24नहीं हो पीछे नहीं हटता तो मुझे तो हसी इसी बात पर आ रही थी कि तुम डर रहे हो
01:29इनसे इनकी जो सच्चाई है इनका जो सत्या है वो पची नहीं आए इसलिए
01:34हर बार इनी पर आ लोचना इनी पर वार कर रहे हो कभी कहते हो कि यह पैंट चोटी पहने
01:39अरे वाप जो कह रहे हैं उसका जवाब दो ना जो सवाल उठा रहे हैं उसका जवाब दो उसका तो
01:45जवाब है नहीं आप क्यूं बिग गए आपने देश को पुर्की सारी संपत्ति
01:54जो आज देश का किसान जिस तरह से संघर्ज कर रहा है उसके बारे में आप कोई सवाल पूछे, आप
02:00जवाब नहीं दे सकते, तो यहां इस सदन में पिछले मैं नहीं हूँ, लेकिन पिछले दो सेशन, दो तीन सेशन
02:07से मैं देख रहे हूं, कि यहां असली चर्चा नहीं हो र
02:15करके, और नहरू जी पर, इंद्रा जी पर सारी अलवचलाएं करते रहेंगे, लेकिन हमने एक असली चर्चा नहीं की, कि
02:22महंगाई क्यों बढ़ रही है, बेरोजगारी क्यों है, आज देश की स्थिती क्या है, आप अमरीका को सब कुछ ऐसे
02:28ठाली पे परोज कर दे क्यों र
02:44हैं स्थिकर पर, असलियत यह है कि उनकी स्वतंत्रता इन्हों ने खराब की है, इन्हों ने खत्म की है, कि
02:51हर संस्था को खत्म करने वाले यह हैं, हम तो संस्थाओं को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, हम जहां
02:58भी जो भी हम अंदोलन कर रहे हैं, जो भी हम कह रहे हैं, हम यह
03:16कि यृषि और исक के में जो फॉती hoot है लेकिन नवराइब होती इस जैसे अ
03:27सच्छाइ वह कहती है कि बार ये नियुक्त किसी कि जनता की आपलाया ह 있었技 लेकिन सच्छाए वह समझ जाती
03:38है
03:39मुझे याद है, मेरी दादी जी भी यही कहती थी, कि आप नकली होने की कोशिश करो, कुछ भी दिखाने
03:45की कोशिश करो, अपनी इमिज बनाने की कोशिश करो, कुछ नहीं चलेगा, इस देश की जनता सच्चा ही देख लेगी,
03:52देख रही है, समय लगा है, लेकिन देख रही ह
03:55झाल झाल
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