00:00बात यह है कि संकत बढ़ रहे हैं और बढ़ेंगे क्योंकि जो जिस तरह से हमारी सरकार ने इस ये
00:07जो ट्रेड डील है इनकी इसमें जिस तरह से जुके हैं अमरीका के सामने उससे हमारी संकत बढ़ेंगे और उसके
00:14उपर से जंग भी है तो ये तो बढ़ेगा इस तरह आप द
00:41जो आज देश में संकत है जो लोग दुगत रहे हैं इनकी पॉलिसी की वज़े से उनकी बाते होने चाहिए
00:52जो जी चाहरे हैं कि आप एलोपी बढ़ जाए हैं वो सच बूलते हैं इनके सामने आज तक एक ही
01:04व्यक्ति है जो इस पूरे डेश में जो जुका नहीं है इन्होंने सब कोशिशें की पैसे खर्चे तमाम सोशल मीडिया
01:12की कैम्पेंड की मीडिया पर कैम्पेंड की तरे तरे क
01:17की चीजें बोली उनके बारे में कुछ नहीं चला है सचाएं उनके सामने लोग देख रहे हैं कि ये एक
01:22ही व्यक्ति है जो सच बोलता है और जिजकता नहीं पीछे नहीं अटता तो मुझे तो हसी इसी बात पर
01:27आ रही थी कि तुम दर रहे हो इन से इनकी जो सच्चाई है इ
01:44उसका जवाब तो जवाब है नहीं आप क्यों बिख गए आपने देश को पुर्की सारी संपत्ति अडानी जी और अंबानी
01:51जी को क्यों दे दी जो आज देश का किसान जिस तरह से संघर्ज कर रहा है उसके बारे में
01:58आप कोई सवाल पूछे आप जवाब नहीं दे सकते तो
02:11एक्चल मुझे वंदे मातरम पर हमने चर्चा कर ली भर के और नहरू जी पर इंद्रा जी पर सारी अलवचलाएं
02:19करते रहें लेकिन हमने एक असली चर्चा नहीं की कि महंगाई क्यों बढ़ रही है बेरोजगारी क्यों है आज देश
02:25की स्थिती क्या है आप अमरीका को सब क
02:27लोग ऐसे ठाली पे परोज कर दे क्यों रहे हैं आप अड़ानी अंबानी जी को सारा देश बेंच क्यों रहे
02:33हैं यह चर्चा नहीं हुई और यह लोग आलोचना कर रहा है कि हमने सदन को कमजोर कर दिया है
02:40यह क्या है असलिए यह है कि प्रैशर इन्हों ने डाला है स्पीक
02:56कर रहे हैं हम जहां भी जो भी हम फसक्राइब कर रहे हैं जो भी रही हम कहा रहे हम
03:01यह संस्थाओं AO को बचाने के लिए करे रहे
03:03क्योंकि वो संस्थाए निश्पक्ष रही नहीं, जिन पर आधारत हमारा लोक तंत्र है, इसलिए हम लड़ रहे हैं, तो अब
03:12इनको ये बातें पच्छती नहीं हैं, तो कभी पैंट की बात करेंगे, कभी कुछ कहेंगे कि उन्होंने यार कह दिया,
03:17कुछ कह दिया,
03:21इक गहराई होती है, ना बात की, भाशा एक चीज होती है, लेकिन गहराई भी होती है, और जौ एन्थान
03:27बार सच कह रहा है, वो सच किसी नकिसी करें से बाहर आ जाता है, और इस डेश की जनता
03:33की कासियत यह है, कि चाहे समय लगे,
03:36लेकिन सच्चाई वो समझ जाती है
03:39मुझे याद है
03:40मेरी दादी जी भी यही कहती थी
03:42कि आप नकली होड़ने की कोशिश करो
03:45कुछ भी दिखाने की कोशिश करो
03:46अपनी इमिज बनाने की कोशिश करो
03:48कुछ नहीं चलेगा
03:49इस देश की जनता सच्चा ही देख लेगी
03:52देख रही है
03:53समय लगा है लेकिन देख रही है
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