00:00रामिशा जी ने राहुल जी की अटेंदेंस को लेकर बोला, क्या कहेंगे उस पर कि उनके अटेंदेंस बहुत कम है?
00:04अविश्वास प्रस्ताव राहुल जी पे नहीं था, स्पीकर पे था, उस विशाप लेकर बोलना चाहिए.
00:09और अब शब्द इस्तमाल करते हैं, और स्पीकर साब उनको रोकते भी नहीं है, आज अब शब्द इस्तमाल किया है
00:15उन्होंने, सदन के अंदर.
00:17इस तरह से राहूल गांदी पर अटैक किया, पुरोस में, अन्नेस को लेके बुला, क्या क्या क्या है?
00:21बहुती ब्रैश लैंग्विज, जो वो हमेशा यूज करते हैं, इस जो ये लैंग्विज यूज करते हैं, उनके जो संस्कार है,
00:29या नहीं है, उसके उपर रिफलेक्ट होता है, और दूसरी चीज, अगर आप उनका बैग्राउंड जानते हैं, तो आप ऐसा
00:37लैंग्विज य
00:39प्राइजिंग नहीं है, लेकिन पार्लिमेंट में, जब उनकी भाषन की शुरुवात इस चीज से होती है, कि ये अन पार्लिमेंटरी
00:45लैंग्विज ये लैंग्विज यूज करता है, ये निकलना चाहिए, क्या प्रथा और परंपरा चलेगी, और अभी वो एक्जाक्ली �
00:50सेम लैंग्विज यूज करते है, हम उनके तरफ से एक अपालोजी मांग रहे है, कि ये अन पार्लिमेंटरी लैंग्विज है,
00:57ग्रह मंतरी ये लैंग्विज यूज कर रहा है, तो ये अपालोजी सौरी बोलना चाहिए, माफी मांगी चाहिए, वो करने के
01:02लिए तयार नही
01:09और खुद अन्पार्लिमेंटरी लांग्विज उसकरके अपॉलिजाइज नहीं करते हैं
01:39की लिए दो दिन से बैस हो रही और सबसे ज़्यादा सरकार की तरफ से जिनको जवाब देनों
01:44ने दिया सबसे ज़्यादा संसत की घर्मा उन्होंने कि राई इसलिए सरकार को आत्मफन करना चाहिए केवल विपच्च के
01:54लोगों को प्रवचन नहीं देना चाहिए जब आधरनिय हो मिनिस्टर ने अपनी भाशन करी उसमें एक ऐसे शब्द का उप्योग
02:04किया जो अन पार्लिमेंटरी है जितने भी ऑपोजिशन मेंबर्स हैं उन्होंने डिमांड किया कि उनको माफी मांगनी चाहिए लेकिन उन्हो
02:16विपक्ष का फर्ज है जो तैयारी थी जो उनको कटगरे में लाने की बात थी वो मौका नहीं दिया गिया
02:27यह सरासर डिमॉक्रिसी के खिलाफ है और इसकी हम लोग निंदा करते हैं
02:36यह दिया गिया बार बार हमने खड़े हैं अपने सीट पर मैइक दिया जाए लेकिन माइक नहीं दिया गिया यह
02:45है चल रहा इस तरह का मौधी गर्मन्ट में इस तरह का पार्लेमन चल रहा है
03:04झाल झाल
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